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Deoria News: अवैध यूनीपोल लगाकर पढ़ा रहे विज्ञापन, नगर पालिका को लगाया लाखों का चूना

Fri, 18 Aug 2023 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Fri, 18 Aug 2023 11:39 PM IST
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Advertisements taught by using illegal unipoles, defrauded the municipality of lakhs
फोरलेन पर लगे अवैध होर्डिंग नगर पालिका को पता नही यह होर्डिंग किसका है।संवाद
देवरिया। शहर के रास्तों पर अवैध तरीके से यूनीपोल लगा कर लोगों को विज्ञापन पढ़ाए जा रहे हैं। इससे इन यूनीपोल लगाने वालों की तो मोटी आमदनी हो रही है। लेकिन वे टैक्स के रूप में एक रुपया भी नहीं जमा कर रहे हैं। अवैध यूनीपोल लगाने वाले नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों से साठगांठ कर अपनी जेबें भर रहे हैं। यह खेल लाखों का है। मामला तब पकड़ में आया जब पालिका के अधिकारियों ने शहर में लगे यूनीपोलों का चिह्नांकन कराया। पता चला कि शहर में 33 यूनीपोल ऐसे लगे हैं जो पालिका के नहीं हैं। इन्हें कब और किसने लगाया, पालिका के जिम्मेदार भी नहीं जानते।
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इनसे सालाना लगभग 60 लाख का कारोबार होता है। नगर पालिका को भी 7.42 लाख रुपये राजस्व का चूना लग रहा है। बीते तीन वर्षों में धीरे-धीरे खड़े हो गए इन यूनीपोल के मालिकों की नगर पालिका डेढ़ माह से तलाश कर रही है। किसी का पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे में अधिकारी अवैध यूनिपोल पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रहे हैं।
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गृहकर-जलकर की भांति विज्ञापन भी नगर पालिका की आय का जरिया है। तीन साल पहले गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर फोरलेन के निर्माण के साथ ही नगर पालिका ने डिवाइडर के बीच में यूनिपोल लगवाने के लिए जगह का आवंटन किया। अन्य सड़कों को मिलाकर 73 यूनिपोल लगवाए गए। इसी बीच विज्ञापन के धंधेबाजों ने शहर भर में अपना जाल फैला लिया। बाबुओं की मिली भगत से बिना नगर पालिका से अनुमति लिए जगह-जगह यूनिपोल लगवा लिए। इनकी नंबरिंग नहीं होने से अधिकारी भी वैध व अवैध यूनिपोल की पहचान नहीं कर पा रहे थे। कर निर्धारण अधिकारी के बार-बार पत्र जारी करने के बाद बाबुओं ने सभी वैध यूनिपोल की नंबरिंग की है। इसमें 33 यूनिपोल अवैध पाए गए हैं।
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यूं ही नहीं कर सकते विज्ञापन का करोबार
कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में नगर पालिका से व ग्रामीण इलाकों में विज्ञापन सामग्री लगाने के लिए जिला पंचायत से अनुमति की जरूरत होती है। नगर पालिका में तो इसके लिए बाकायदा बाइलाज बना है। इसके तहत निर्धारित जगह पर यूनिपोल या होर्डिंग लगवाने के लिए राजस्व विभाग में प्रार्थना पत्र देना होता है। साथ ही 10 हजार रुपये सिक्योरिटी व 10500 रुपये सालाना टैक्स के रूप में जमा करना होता है।

विज्ञापन मद से 6.40 लाख की होती है आय
नगर पालिका को विज्ञापन मद से 6.40 लाख सालाना आय होती है। इस धनराशि का व्यय पालिका नगर के विकास कार्यों नाली, सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई व पथ प्रकाश की व्यवस्था पर करती है। पालिका की आय में गृहकर, जलकर, दुकान किराया आदि के अलावा विज्ञापन मद का बड़ा योगदान है।

ऐसे चल रहा विज्ञापन का अवैध करोबार
विज्ञापन के कई ऐसे धंधेबाज हैं जो चार वैध तो चार अवैध यूनिपोल सड़कों पर लगाए हैं। बाबुओं को खर्चा-पानी देकर यह विज्ञापन बुक करते रहते हैं। प्रत्येक यूनिपोल के दोनों साइड विज्ञापन का लगभग 15 हजार रुपये प्रति महीना शुल्क लिया जाता है। ऐसे में एक यूनिपोल से कमाई औसत 1.80 लाख रुपये सालाना होती है।


शहर में लगे सभी यूनिपोल की नंबरिंग कराई गई है। इसमें 70 यूनिपोल वैध व 35 अवैध मिले हैं। दो ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली है। 33 यूनिपोल के स्वामियों का पता नहीं है। अगले हफ्ते इन्हें बुलडोजर से उखड़वाया जाएगा।
- शशिकला, कर निर्धारण अधिकारी, नगर पालिका परिषद, देवरिया
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