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Deoria News: पहले भी कई बार हुई है प्रशासनिक चूक
Thu, 09 Oct 2025 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 09 Oct 2025 01:25 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ओपीडी बिल्डिंग के पांचवीं मंजिल के पानी की टंकी में शव मिलने और छत पर शराब की खाली बोतलों के अलावा आपत्तिजनक सामान मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुल गई। जिस दिन शव मिला, उस दिन देर रात तक प्राचार्य जिले के अफसरों को अपनी ओर से इसकी सूचना तक देना उचित नहीं समझा। अफसरों ने देर रात तक फोन से पूछा तो भ्रामक सूचना डीएम को दी गई।
शासन के मामला संज्ञान लेने के बाद दूसरे दिन मंगलवार को डीएम दिव्या मित्तल जब मेडिकल कॉलेज पहुंचीं तो सच्चाई जानने के बाद प्राचार्य से सवाल जवाब करते हुए फटकार लगाई।
डीएम के किसी भी सवाल का जवाब प्राचार्य नहीं दे सके। इसके बाद जांच बैठा दी। जांच टीम को मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कदम-कदम पर चूक करने का साक्ष्य मिला है, जिसे जांच में शामिल किया गया है।
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ब्लाइंड मर्डर की गूंज जब शासन तक पहुंची तो प्राचार्य कार्रवाई की जद में आए। सूत्रों की मानें तो पूर्व में शासन तक पहुंची शिकायतों के आधार पर इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो सकती है।
करीब एक साल पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिसर में छापा मारा तो ओपीडी ब्लॉक से लेकर परिसर से चार दलाल दबोचे गए।
इनके खिलाफ एक संविदा कर्मचारी से तहरीर दिलवाई गई, जिसने बाद में अपनी तहरीर वापस ले ली थी। वहीं एसओजी ने एक बार रात मेंं छापेमारी कर दलाल दबोचे थे। इस मामले में कालेज प्रशासन से तहरीर नहीं मिलने पर पुलिस ने शांतिभंग में चालान किया था।
कई बार तो जनप्रतिनिधियों से इलाज व मेडिकल कॉलेज में अन्य कार्यों को प्राचार्य से सामना हुआ, शासन तक मामला पहुंचा, लेकिन विभाग में प्राचार्य खुद को बचाने में सफल रहे।
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ओपीडी बिल्डिंग के पांचवीं मंजिल के पानी की टंकी में शव मिलने और छत पर शराब की खाली बोतलों के अलावा आपत्तिजनक सामान मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुल गई। जिस दिन शव मिला, उस दिन देर रात तक प्राचार्य जिले के अफसरों को अपनी ओर से इसकी सूचना तक देना उचित नहीं समझा। अफसरों ने देर रात तक फोन से पूछा तो भ्रामक सूचना डीएम को दी गई।
शासन के मामला संज्ञान लेने के बाद दूसरे दिन मंगलवार को डीएम दिव्या मित्तल जब मेडिकल कॉलेज पहुंचीं तो सच्चाई जानने के बाद प्राचार्य से सवाल जवाब करते हुए फटकार लगाई।
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डीएम के किसी भी सवाल का जवाब प्राचार्य नहीं दे सके। इसके बाद जांच बैठा दी। जांच टीम को मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कदम-कदम पर चूक करने का साक्ष्य मिला है, जिसे जांच में शामिल किया गया है।
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ब्लाइंड मर्डर की गूंज जब शासन तक पहुंची तो प्राचार्य कार्रवाई की जद में आए। सूत्रों की मानें तो पूर्व में शासन तक पहुंची शिकायतों के आधार पर इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो सकती है।
करीब एक साल पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिसर में छापा मारा तो ओपीडी ब्लॉक से लेकर परिसर से चार दलाल दबोचे गए।
इनके खिलाफ एक संविदा कर्मचारी से तहरीर दिलवाई गई, जिसने बाद में अपनी तहरीर वापस ले ली थी। वहीं एसओजी ने एक बार रात मेंं छापेमारी कर दलाल दबोचे थे। इस मामले में कालेज प्रशासन से तहरीर नहीं मिलने पर पुलिस ने शांतिभंग में चालान किया था।
कई बार तो जनप्रतिनिधियों से इलाज व मेडिकल कॉलेज में अन्य कार्यों को प्राचार्य से सामना हुआ, शासन तक मामला पहुंचा, लेकिन विभाग में प्राचार्य खुद को बचाने में सफल रहे।