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Deoria News: जमीन बेचने पर प्रशासन ने लगाई रोक, किसानों ने जताया विरोध
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बाइपास निर्माण : भीमपुर गौरा चौराहा पर किसानों ने बैठक कर प्रशासन पर भेदभाव का लगाया आरोप
शर्तों के अनुसार मुआवजा देने या जमीन बेचने पर लगाई गई रोक हटाने की मांग की
देवरिया। बाइपास निर्माण के लिए चिह्नित की गई जमीन को किसान नहीं बेच सकेंगे। प्रशासन ने जमीन के बैनामा पर रोक लगा दी है। नाराज किसानों ने रविवार को गौरा बाजार चौराहा पर बैठक कर इसका विरोध किया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन किसानों की जमीन जबरन लेना चाहता है, लेकिन किसी भी कीमत पर जमीन नहीं दी जाएगी।
देवरिया बाइपास निर्माण के लिए एनएचआई ने जमीन चिह्नित कर किसानों के खेत में करीब आठ माह पहले पिलर लगा दिया। इसकी जानकारी होने पर किसान जमीन की कीमत बाजार मूल्य के हिसाब से चार गुना मुआवजा मांगने लगे। जबकि प्रशासन की ओर से सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की बात कही जा रही है। इसको लेकर किसान विरोध कर रहे हैं। हालांकि इस परियोजना के लिए अभी तक बजट नहीं मिल सका है, लेकिन चिह्नित की गई किसानों की जमीन के क्रय-विक्रय पर प्रशासन ने रोक लगा दिया है।
भीमपुर गौरा चौराहा पर बैठक में किसान नेता अजीत त्रिपाठी ने कहा कि किसानों को भीख नहीं जमीन का उचित मूल्य चाहिए। सरकार के इशारे पर प्रशासन बिना मुआवजा दिए खरीद, बेच पर रोक लगा दिया है। यह अंग्रेजी हुकूमत को याद दिला रहा है। किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसानों को जरूरी कार्यों के लिए आर्थिक जरूरत पड़ रही है।
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कहा कि रोक लगने के कारण किसान अपनी जमीन नहीं बेच पा रहे हैं। समय रहते प्रशासन अगर ठोस निर्णय नहीं लेता है तो किसान सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी। इस दौरान प्रधानाचार्य सुरेंद्र शास्त्री, संचालक रमाशंकर यादव, अजय राय, दिनेश मिश्रा, कृष्णकांत तिवारी, एडवोकेट सुग्रीव मिश्र, प्रो. राजीव मिश्र, गोबरी प्रसाद, रामविशुन, हंसनाथ यादव, राजनाथ आदि मौजूद रहे।
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शर्तों के अनुसार मुआवजा देने या जमीन बेचने पर लगाई गई रोक हटाने की मांग की
देवरिया। बाइपास निर्माण के लिए चिह्नित की गई जमीन को किसान नहीं बेच सकेंगे। प्रशासन ने जमीन के बैनामा पर रोक लगा दी है। नाराज किसानों ने रविवार को गौरा बाजार चौराहा पर बैठक कर इसका विरोध किया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन किसानों की जमीन जबरन लेना चाहता है, लेकिन किसी भी कीमत पर जमीन नहीं दी जाएगी।
देवरिया बाइपास निर्माण के लिए एनएचआई ने जमीन चिह्नित कर किसानों के खेत में करीब आठ माह पहले पिलर लगा दिया। इसकी जानकारी होने पर किसान जमीन की कीमत बाजार मूल्य के हिसाब से चार गुना मुआवजा मांगने लगे। जबकि प्रशासन की ओर से सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की बात कही जा रही है। इसको लेकर किसान विरोध कर रहे हैं। हालांकि इस परियोजना के लिए अभी तक बजट नहीं मिल सका है, लेकिन चिह्नित की गई किसानों की जमीन के क्रय-विक्रय पर प्रशासन ने रोक लगा दिया है।
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भीमपुर गौरा चौराहा पर बैठक में किसान नेता अजीत त्रिपाठी ने कहा कि किसानों को भीख नहीं जमीन का उचित मूल्य चाहिए। सरकार के इशारे पर प्रशासन बिना मुआवजा दिए खरीद, बेच पर रोक लगा दिया है। यह अंग्रेजी हुकूमत को याद दिला रहा है। किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसानों को जरूरी कार्यों के लिए आर्थिक जरूरत पड़ रही है।
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कहा कि रोक लगने के कारण किसान अपनी जमीन नहीं बेच पा रहे हैं। समय रहते प्रशासन अगर ठोस निर्णय नहीं लेता है तो किसान सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी। इस दौरान प्रधानाचार्य सुरेंद्र शास्त्री, संचालक रमाशंकर यादव, अजय राय, दिनेश मिश्रा, कृष्णकांत तिवारी, एडवोकेट सुग्रीव मिश्र, प्रो. राजीव मिश्र, गोबरी प्रसाद, रामविशुन, हंसनाथ यादव, राजनाथ आदि मौजूद रहे।