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जेल भेजा गया एसओजी की बोलेरो चोरी का आरोपी
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जेल भेजा गया एसओजी की बोलेरो चोरी का आरोपी
देवरिया। कोतवाली परिसर से एसओजी की बोलेरो चोरी का आरोपी घर पर आराम से रह रहा था। कोतवाली पुलिस उससे बेखबर रही। यहां तक कि तीन दिन पहले पट्टीदारी के झगड़े में पुलिस ने उसे घंटों कोतवाली में बैठाया और बाद में छोड़ दिया गया। बदमाश के बारे में एसओजी को सूचना मिली कि कोतवाली में बंद होने के बाद भी पुलिसकर्मी उसे पहचान नहीं सके। एसओजी ने सोमवार को छापा मारा तो वह घर पर मौजूद मिला, जिसे गिरफ्तार कर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया, कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस को चुनौती देते हुए कोतवाली परिसर से एसओजी की गाड़ी होली के एक दिन पहले 28 मार्च की रात में बदमाश उठा ले गए। होली के दिन सुबह जब एसओजी के सिपाही वाहन नहीं देखे तो हैरान रह गए। काफी तलाश के बाद भी एसओजी के वाहन का पता नहीं चल सका। इस मामले में एसआई घनश्याम सिंह की तहरीर पर वाहन चोरी का मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुटी थी। वाहन को तीन दिन बाद वाहन कुशीनगर जनपद के पटेरहवा थाना क्षेत्र से कुशीनगर की पुलिस ने लावारिस हालत में बरामद की थी। इस मामले का खुलासा करीब दस दिन बाद एसओजी ने किया। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कुशीनगर जनपद निवासी राकेश कुशवाहा, रोहित नाथ तिवारी व अंजनी बोलेरो लेकर बिहार के कटया के लोहटी पहुंचे थे। इसके बाद वहां बोलेरो शंभु पांडेय व एक अन्य बदमाश के हवाले कर लौट आए। इस मामले में सदर कोतवाली के तिलई बेलवा निवासी रोहित नाथ तिवारी उर्फ राहुल को एसओजी ने सलेमपुर कोतवाली के लॉकअप में बंद किया था, लेकिन रात में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। काफी तलाश के बाद जुलाई में उसकी लोकेशन लखीमपुर जनपद में मिली तो पुलिस ने छापा मारा लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस भी सुस्त पड़ गई। इसका फायदा उठा कर वह अपने गांव आकर रहने लगा। इसी बीच एक सप्ताह पहले रोहित का गांव के पट्टीदारी में विवाद हो गया। पुलिस ने उसे कोतवाली बुलाया और लॉकअप में डाल दिया लेकिन सिपाहियों को यह नहीं पता चल सका कि रोहित वही बदमाश है, जो एसओजी की बोलेरो चोरी का आरोपी है। इसके कारण उसे पुलिस ने छोड़ दिया। इसकी जानकारी होने पर एसओजी ने रोहित को घर से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल नवीन कुमार सिंह ने बताया कि रोहित नाथ कोतवाली में दर्ज मुकदमे वांछित था। गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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देवरिया। कोतवाली परिसर से एसओजी की बोलेरो चोरी का आरोपी घर पर आराम से रह रहा था। कोतवाली पुलिस उससे बेखबर रही। यहां तक कि तीन दिन पहले पट्टीदारी के झगड़े में पुलिस ने उसे घंटों कोतवाली में बैठाया और बाद में छोड़ दिया गया। बदमाश के बारे में एसओजी को सूचना मिली कि कोतवाली में बंद होने के बाद भी पुलिसकर्मी उसे पहचान नहीं सके। एसओजी ने सोमवार को छापा मारा तो वह घर पर मौजूद मिला, जिसे गिरफ्तार कर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया, कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस को चुनौती देते हुए कोतवाली परिसर से एसओजी की गाड़ी होली के एक दिन पहले 28 मार्च की रात में बदमाश उठा ले गए। होली के दिन सुबह जब एसओजी के सिपाही वाहन नहीं देखे तो हैरान रह गए। काफी तलाश के बाद भी एसओजी के वाहन का पता नहीं चल सका। इस मामले में एसआई घनश्याम सिंह की तहरीर पर वाहन चोरी का मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुटी थी। वाहन को तीन दिन बाद वाहन कुशीनगर जनपद के पटेरहवा थाना क्षेत्र से कुशीनगर की पुलिस ने लावारिस हालत में बरामद की थी। इस मामले का खुलासा करीब दस दिन बाद एसओजी ने किया। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कुशीनगर जनपद निवासी राकेश कुशवाहा, रोहित नाथ तिवारी व अंजनी बोलेरो लेकर बिहार के कटया के लोहटी पहुंचे थे। इसके बाद वहां बोलेरो शंभु पांडेय व एक अन्य बदमाश के हवाले कर लौट आए। इस मामले में सदर कोतवाली के तिलई बेलवा निवासी रोहित नाथ तिवारी उर्फ राहुल को एसओजी ने सलेमपुर कोतवाली के लॉकअप में बंद किया था, लेकिन रात में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। काफी तलाश के बाद जुलाई में उसकी लोकेशन लखीमपुर जनपद में मिली तो पुलिस ने छापा मारा लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस भी सुस्त पड़ गई। इसका फायदा उठा कर वह अपने गांव आकर रहने लगा। इसी बीच एक सप्ताह पहले रोहित का गांव के पट्टीदारी में विवाद हो गया। पुलिस ने उसे कोतवाली बुलाया और लॉकअप में डाल दिया लेकिन सिपाहियों को यह नहीं पता चल सका कि रोहित वही बदमाश है, जो एसओजी की बोलेरो चोरी का आरोपी है। इसके कारण उसे पुलिस ने छोड़ दिया। इसकी जानकारी होने पर एसओजी ने रोहित को घर से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल नवीन कुमार सिंह ने बताया कि रोहित नाथ कोतवाली में दर्ज मुकदमे वांछित था। गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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