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Deoria News: बिना मुआवजा दिए सड़क बनाने का आरोप, किसानों ने किया हंगामा
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- मिट्टी फेंकने का कार्य देख उग्र हुए किसान
- रामनगर से दोगारी तक स्वीकृत है प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। किसानों को भूमि के बदले बिना मुआवजा दिए सड़क बनाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार को मिट्टी फेंकने की जानकारी पर पहुंचे तीन गांवों के किसानों ने बिना मुआवजा दिए जबरदस्ती कार्य कराने का आरोप लगा हंगामा किया। तेवर देख जेसीबी लेकर पहुंचे चालक और मुंशी खिसक लिए। किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक कार्य नहीं होने देंगे। किसानों के मुताबिक रामनगर से दोगारी तक बनी सड़क 13 फीट में है। यह सड़क अब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृत है। रामनगर से मटियारा जगदीश, पटनेजी होते हुए दोगारी राजमल तक बननी है। इसकी चौड़ाई तीस फुट तक होगी। सड़क स्वीकृत होने के बाद से ही किसान भूमि अधिग्रहण करने की मांग कर रहे हैं। कुछ किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट में रीट भी दायर की है।
बावजूद शनिवार को सड़क निर्माण के लिए तीन से अधिक जेसीबी मिट्टी फेंकने के लिए पहुंची। इस कि जानकारी होते ही रामनगर, पटनेजी, दोगारी, मटियारा के किसान पहुंचकर हंगामा करते हुए मुआवजे की मांग करने लगे। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इसके पहले सुबह पटनेजी में जेसीबी लेकर पहुंचे चालक को किसानों ने खदेड़ दिया। किसान कन्हैया दुबे,संजीव दुबे, देवेंद्र प्रजापति, कृष्णकांत गोंड, कौशल द्विवेदी,सुरेश गुप्ता, रघुनाथ का कहना है कि जबरदस्ती सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। किसानों की भूमि अधिग्रहण नहीं हुआ तो अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे।
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- रामनगर से दोगारी तक स्वीकृत है प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। किसानों को भूमि के बदले बिना मुआवजा दिए सड़क बनाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार को मिट्टी फेंकने की जानकारी पर पहुंचे तीन गांवों के किसानों ने बिना मुआवजा दिए जबरदस्ती कार्य कराने का आरोप लगा हंगामा किया। तेवर देख जेसीबी लेकर पहुंचे चालक और मुंशी खिसक लिए। किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक कार्य नहीं होने देंगे। किसानों के मुताबिक रामनगर से दोगारी तक बनी सड़क 13 फीट में है। यह सड़क अब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृत है। रामनगर से मटियारा जगदीश, पटनेजी होते हुए दोगारी राजमल तक बननी है। इसकी चौड़ाई तीस फुट तक होगी। सड़क स्वीकृत होने के बाद से ही किसान भूमि अधिग्रहण करने की मांग कर रहे हैं। कुछ किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट में रीट भी दायर की है।
बावजूद शनिवार को सड़क निर्माण के लिए तीन से अधिक जेसीबी मिट्टी फेंकने के लिए पहुंची। इस कि जानकारी होते ही रामनगर, पटनेजी, दोगारी, मटियारा के किसान पहुंचकर हंगामा करते हुए मुआवजे की मांग करने लगे। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इसके पहले सुबह पटनेजी में जेसीबी लेकर पहुंचे चालक को किसानों ने खदेड़ दिया। किसान कन्हैया दुबे,संजीव दुबे, देवेंद्र प्रजापति, कृष्णकांत गोंड, कौशल द्विवेदी,सुरेश गुप्ता, रघुनाथ का कहना है कि जबरदस्ती सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। किसानों की भूमि अधिग्रहण नहीं हुआ तो अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे।
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