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Deoria News: धोखाधड़ी में गिरफ्तार जालसाज का शांतिभंग में चालान, जमानत पर हुआ प्रर्दशन
Wed, 06 Mar 2024 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 06 Mar 2024 12:07 AM IST
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फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर 12 लोगों से 19.5 लाख रुपये की ठगी करने वाले जालसाज को एसडीएम कोर्ट ने दी जमानत
प्राथमिकी में जालसाज पर 420, 406 के तहत मामला हुआ था दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फर्जी ट्रेडिंंग कंपनी बनाकर 12 लोगों से 19.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले जालसाज का पुलिस ने सोमवार को शांति भंग में चालान कर दिया। आईपीसी की धारा 420 व 406 के तहत केस दर्ज हुआ था, लेकिन पुलिस ने उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तत्काल जमानत मिल गई। जमानत होते ही ठगे गए लोगों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ठगे गए लोगों में इतना आक्रोश है कि पुलिस ने आरोपी को सुरक्षित तरीके से एसडीएम कोर्ट में पेश किया और उसे शहर सीमा से बाहर भी पहुंचाया गया। इस मामले में सवाल उठा तो कोतवाली पुलिस अपने तर्क पेश कर रही है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार पुलिस की कार्यशैली से झोल नजर आ रहा है।
कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी व लाखों रुपया हड़पने के मामले में आजमगढ़ के कोतवाली निवासी जालसाज अखिलेश सिंह को गिरफ्तार किया था। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी के आदेश पर केस दर्ज हुआ था, लेकिन वह पकड़े जाने के बाद आसानी से शहर से बाहर चला गया।
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मामला रामपुर थाना निवासी धनंजय कुमार तिवारी ने अपर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आजमगढ़ जिले के कोतवाली थाने के सिविल लाइंस निवासी अखिलेश सिंह निवासी के विरुद्ध दर्जन लोगों से 19.5 लाख रुपये ट्रेडिंग कंपनी रेडिएशन ग्लोबल के नाम पर दर्जनों लोगों से पैसा लेकर फरार होने का आरोप लगाया था।
पैसा दोगुना करने का झांसा देकर जमा करवाया था 19.50 लाख रुपये
देवरिया। कोतवाली क्षेत्र में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले के बाद शनिवार की देर शाम एक कंपनी बनाकर 12 लोगों से 19.50 लाख रुपये से अधिक की जालसाजी करने का मामला सामने आया था।
इस मामले में पुलिस ने आजमगढ़ के कोतवाली के सिविल लाइंस निवासी अखिलेश सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। उसने रामपुर कारखाना के भगवानपुर तिवारी निवासी धनंजय कुमार तिवारी को पहले झांसे में लिया। उसका कहना था कि यदि उसकी कंपनी में खुद व अपने मित्रों का पैसा इनवेस्ट कराएगा तो कुछ दिनों में दो से तीन गुना मुनाफा करके दूंगा।
देर शाम तक कोतवाली में जमे रहे युवक, चुपके से पुलिस ने जालसाज को निकाला
दर्जनों युवकों के साथ 19.5 लाख जालसाजी करने वाले अखिलेश सिंह की गिरफ्तारी व केस दर्ज होने की सूचना पर पीड़ित सीधे कोतवाली पहुंचे। वहां उन्हें सूचना मिली कि जालसाजी के आरोपी को जमानत मिल गई है। इसके बाद उनलोगों ने नाराजगी जताई और सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे। जमानत से पहले देर शाम तक ठगे गए युवक कोर्ट में जमे थे। एसडीएम के जाते समय उनके वाहन के पास युवक आए और जमानत देने का विरोध जाताया। यह देखकर सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने युवक को वाहन के आगे से हटाया। युवक इसके बाद भी वहां जमे रहे। इसके बाद पता चला कि पुलिस उसे लेकर पुलिस कोतवाली गई है तो कोतवाली में पहुंचे। देर शाम तक पीड़ित कोतवाली में डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने धीरे से जालसाज अखिलेश को कोतवाली से बाहर निकाल दिया।
कोतवाल का जवाब
मकुदमा की धारा के अंतर्गत सजा सात साल से कम है। इस कारण गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। दोनों पक्षों में तनातनी की स्थिति थी। इस कारण सीआरपीसी की धारा 151 में चालान किया गया। विवेचक की चार्जशीट और गवाहों के बयान के बाद तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
-वेद प्रकाश शर्मा, कोतवाल
कोट-
फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से जालसाजी करने के मामले में लगाई गई धारा की जांच की जाएगी। इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-दीपेंद्र नाथ चौधरी, एएसपी देवरिया
विशेषज्ञों की राय
धोखाधड़ी के बड़े मामले में पकड़े गए आरोपी का शांति भंग में चालान करना पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है। धोखाधड़ी करने वाले के खिलाफ ठगे गए लोग प्रदर्शन कर रहे थे और आरोपी बच निकला। लगता है कि इस मामले में पुलिस केस दर्ज करने में धारा लगाने में खेल करके आरोपी को बचाया है।
-सुभाष चंद्र राव, पूर्व अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन
जालसाजी के बड़े मामले में तथ्यों को छिपाने की कोशिश धारा कमजोर हुई होगी। जिले में विदेश भेजने सहित अन्य तरीके से ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस प्रकार ठगी करने वाले बच जाएंगे तो लोगों का भरोसा व्यवस्था से उठ जाएगा।
-अरविंद साहनी, वरिष्ठ अधिवक्ता
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प्राथमिकी में जालसाज पर 420, 406 के तहत मामला हुआ था दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फर्जी ट्रेडिंंग कंपनी बनाकर 12 लोगों से 19.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले जालसाज का पुलिस ने सोमवार को शांति भंग में चालान कर दिया। आईपीसी की धारा 420 व 406 के तहत केस दर्ज हुआ था, लेकिन पुलिस ने उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तत्काल जमानत मिल गई। जमानत होते ही ठगे गए लोगों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ठगे गए लोगों में इतना आक्रोश है कि पुलिस ने आरोपी को सुरक्षित तरीके से एसडीएम कोर्ट में पेश किया और उसे शहर सीमा से बाहर भी पहुंचाया गया। इस मामले में सवाल उठा तो कोतवाली पुलिस अपने तर्क पेश कर रही है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार पुलिस की कार्यशैली से झोल नजर आ रहा है।
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कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी व लाखों रुपया हड़पने के मामले में आजमगढ़ के कोतवाली निवासी जालसाज अखिलेश सिंह को गिरफ्तार किया था। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी के आदेश पर केस दर्ज हुआ था, लेकिन वह पकड़े जाने के बाद आसानी से शहर से बाहर चला गया।
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मामला रामपुर थाना निवासी धनंजय कुमार तिवारी ने अपर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आजमगढ़ जिले के कोतवाली थाने के सिविल लाइंस निवासी अखिलेश सिंह निवासी के विरुद्ध दर्जन लोगों से 19.5 लाख रुपये ट्रेडिंग कंपनी रेडिएशन ग्लोबल के नाम पर दर्जनों लोगों से पैसा लेकर फरार होने का आरोप लगाया था।
पैसा दोगुना करने का झांसा देकर जमा करवाया था 19.50 लाख रुपये
देवरिया। कोतवाली क्षेत्र में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले के बाद शनिवार की देर शाम एक कंपनी बनाकर 12 लोगों से 19.50 लाख रुपये से अधिक की जालसाजी करने का मामला सामने आया था।
इस मामले में पुलिस ने आजमगढ़ के कोतवाली के सिविल लाइंस निवासी अखिलेश सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। उसने रामपुर कारखाना के भगवानपुर तिवारी निवासी धनंजय कुमार तिवारी को पहले झांसे में लिया। उसका कहना था कि यदि उसकी कंपनी में खुद व अपने मित्रों का पैसा इनवेस्ट कराएगा तो कुछ दिनों में दो से तीन गुना मुनाफा करके दूंगा।
देर शाम तक कोतवाली में जमे रहे युवक, चुपके से पुलिस ने जालसाज को निकाला
दर्जनों युवकों के साथ 19.5 लाख जालसाजी करने वाले अखिलेश सिंह की गिरफ्तारी व केस दर्ज होने की सूचना पर पीड़ित सीधे कोतवाली पहुंचे। वहां उन्हें सूचना मिली कि जालसाजी के आरोपी को जमानत मिल गई है। इसके बाद उनलोगों ने नाराजगी जताई और सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे। जमानत से पहले देर शाम तक ठगे गए युवक कोर्ट में जमे थे। एसडीएम के जाते समय उनके वाहन के पास युवक आए और जमानत देने का विरोध जाताया। यह देखकर सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने युवक को वाहन के आगे से हटाया। युवक इसके बाद भी वहां जमे रहे। इसके बाद पता चला कि पुलिस उसे लेकर पुलिस कोतवाली गई है तो कोतवाली में पहुंचे। देर शाम तक पीड़ित कोतवाली में डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने धीरे से जालसाज अखिलेश को कोतवाली से बाहर निकाल दिया।
कोतवाल का जवाब
मकुदमा की धारा के अंतर्गत सजा सात साल से कम है। इस कारण गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। दोनों पक्षों में तनातनी की स्थिति थी। इस कारण सीआरपीसी की धारा 151 में चालान किया गया। विवेचक की चार्जशीट और गवाहों के बयान के बाद तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
-वेद प्रकाश शर्मा, कोतवाल
कोट-
फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से जालसाजी करने के मामले में लगाई गई धारा की जांच की जाएगी। इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-दीपेंद्र नाथ चौधरी, एएसपी देवरिया
विशेषज्ञों की राय
धोखाधड़ी के बड़े मामले में पकड़े गए आरोपी का शांति भंग में चालान करना पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है। धोखाधड़ी करने वाले के खिलाफ ठगे गए लोग प्रदर्शन कर रहे थे और आरोपी बच निकला। लगता है कि इस मामले में पुलिस केस दर्ज करने में धारा लगाने में खेल करके आरोपी को बचाया है।
-सुभाष चंद्र राव, पूर्व अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन
जालसाजी के बड़े मामले में तथ्यों को छिपाने की कोशिश धारा कमजोर हुई होगी। जिले में विदेश भेजने सहित अन्य तरीके से ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस प्रकार ठगी करने वाले बच जाएंगे तो लोगों का भरोसा व्यवस्था से उठ जाएगा।
-अरविंद साहनी, वरिष्ठ अधिवक्ता