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सड़क हादसे में छात्र की मौत के बाद बवाल
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साइकिल से स्कूल जा रहे छात्र की सोन्हुला रामनगर गांव के सामने ट्रक से दबकर मौत के बाद छात्रो ने स
- फोटो : DEORIA
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हादसे में छात्र की मौत के बाद बवाल
तरकुलवा में सुबह बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से छात्र की मौत
भड़के छात्रों ने सड़क पर लगाया जाम, पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त किया
पांच घंटे तक देवरिया-कसया मार्ग पर ठप रहा आवागमन,
अफसरों के काफी मनौव्वल के बाद माने छात्र
नवतप्पी इंटर कॉलेज गढ़रामपुर में कक्षा-9 का छात्र था निखिल
अमर उजाला ब्यूरो
तरकुलवा। साइकिल से स्कूल जा रहे 9वीं के छात्र की हादसे में मौत के बाद शनिवार को जमकर बवाल हुआ। गुस्साए छात्र सड़क पर उतर आए और सोन्हुला रामपुर गांव के पास देवरिया-कसया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। वीडियो और फोटो बना रहे लोगों से झड़प हुई। कइयों के मोबाइल छीनकर फेंक दिए। पथराव कर यूपी-100 के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और ट्रक में भी तोड़फोड़ की। करीब तीन घंटे तक बवाल चलता रहा। मौके पर पहुंचे एडीएम, एएसपी ने समझाकर जाम समाप्त कराया। छात्र के पिता ने ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कराया है, आरोपी चालक फरार है।
तरकुलवा क्षेत्र के कनकपुरा निवासी धर्मेंद्र कुशवाहा का बेटा निखिल (14) नवतप्पी इंटर कॉलेज में 9वीं का छात्र था। शनिवार को अपने सहपाठी अभिनव सिंह (14) के साथ सुबह सात बजे साइकिल से स्कूल जा रहा था। घर से एक किमी दूर सोन्हुला रामनगर गांव के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों साइकिलों में टक्कर मार दी। अभिनव खेत में गिर गया, जबकि निखिल सड़क पर गिर पड़ा। उसे कुचलते हुए ट्रक आगे निकल गई। गंभीर रुप से जख्मी निखिल की मौके पर ही मौत हो गई। गांववालों ने सूचना घरवालों को दी। जानकारी मिलते ही स्कूल के छात्र भी उग्र हो गए और घटनास्थल पर पहुंचकर बवाल शुरू कर दिया। बीच सड़क पर बैठे छात्रों का गुस्सा इस कदर था कि मोबाइल से वीडियो और फोटो खींचने वाले कई लोगों को उनका शिकार होना पड़ा। छात्रों ने ट्रक को क्षतिग्रस्त कर दिया। मौके पर पहुंची यूपी-100 के वाहन के भी शीशे तोड़ दिए। थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। कुछ ही देर में बघौचघाट, रामपुरकारखाना, सदर कोतवाली सहित कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवान पहुंच गए। एडीएम प्रशासन राकेश पटेल, एएसपी शिष्यपाल सिंह, एसडीएम दिनेश मिश्र व सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय ने मौके पर जाकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता कीं। उन्हें ट्रक चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निखिल के परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। छात्र के पिता धर्मेंद्र की तहरीर पर आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश की जा रही है।
पुलिस के देर से पहुंचने पर हुआ बवाल
तरकुलवा। थाने से महज दो किमी की दूरी पर हादसे के बाद भी पुलिस को मौके पर पहुंचने में एक घंटे लग गए। ग्रामीणों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी, मगर करीब एक घंटे बाद सबसे पहले यूपी-100 की टीम पहुंची। पुलिस को देखते ही प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों को दौड़ा। मौके से भागकर पुलिसकर्मियों ने खुद को बचाया। घटना की सूचना उच्चधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह भी फोर्स के साथ घटनास्थल से दूर ही रहे। उच्चाधिकारियों के पहुंचने के बाद पुलिस आगे बढ़ी। इस दौरान पुलिस व अधिकारियों को कई बार प्रदर्शनकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ी।
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छात्र के परिजनों को 50 लाख देने की मांग
बवाल की सूचना पर पहुंचे अफसरों से प्रदर्शनकारियों ने कई मांगे रखीं। उन्होंने विद्यालय के सामने ब्रेकर बनवाने, मृत छात्र के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने, ट्रक चालक को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग प्रमुख रही। अफसरों ने मांगों पर विचार कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। सड़क जाम खत्म होने के बाद छात्र स्कूल गेट के सामने फिर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि प्रशासन लिखित में आश्वासन दे। वहां पहुंचकर अधिकारियों ने समझाया, तब छात्र शांत हुए।
खबर सुन स्कूल गेट तोड़कर पहुंचे छात्र
छात्र की मौत के बाद कॉलेज प्रशासन ने बवाल की आशंका के मद्देनजर छात्रों को मुख्य गेट के भीतर बंद कर कॉलेज में ही रोकने की कोशिश की। कुछ देर तक तो छात्र शांत रहे, लेकिन जब बाहर मौजूद अन्य छात्रों ने पूरी घटना की जानकारी दी तो वह खुद को रोक नहीं सके। कॉलेज का गेट तोड़ते हुए वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। उन्हें रोकने की कॉलेज प्रशासन की पूरी कोशिश विफल रही। प्रशासन भी बैकफुट पर रहा, क्योंकि कॉलेज प्रबंधन में सूबे के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही भी जुड़े हैं। प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने तो पुलिस अफसरों को चेताते हुए कहा कि कृषि मंत्री से वार्ता हुई है, अरगर मनमानी की तो अंजाम बुरे होंगे।
तरकुलवा वाले सड़क हादसे से जुड़ी खबर...
बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना रह गया अधूरा
निखिल की मौत से सदमे में परिवार, रोते-रोते बेहोश हुई मां
परशुराम शर्मा
तरकुलवा। ट्रक के चपेट में आने से नौवीं के छात्र निखिल प्रताप की मौत से पूरे गांव में मातम छाया है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे की मौत के गम में मां पूनम देवी कई बार बेहोश हो गईं। बड़े बेटे को इंजीनियर बनाने की मजदूर पिता की तमन्ना अधूरी रह गई।
कनकपुरा निवासी धर्मेंद्र कुशवाहा से तीन बच्चे हैं। इनमें निखिल सबसे बड़ा था। इसके बाद छोटा भाई सिद्धांत और बहन दिव्यांका कुशवाहा हैं। पिता मजदूरी कर तीनों बच्चों को पढ़ाते थे। निखिल हमेशा अपने माता-पिता से इंजीनियर बनने की बात कहता था। वह उसी तरह पढ़ने में रुचि भी रखता था। घर पर पिता के कामों में कुछ हाथ बटाने के अलावा अपनी पढ़ाई पूरी करता था। अपने छोटे भाई-बहन को भी लगन से पढ़ाई की सलाह देता रहता था। उसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। आठवीं में पढ़ रहे सिद्धांत ने रोते हुए कहा कि इंजीनियर बन कर अपने भाई व माता-पिता की इच्छा को पूरा करने की कोशिश करुंगा। दूसरी तरफ गांव वाले व उसके सहपाठी साथी भी कह रहे थे कि निखिल हमेशा सबको पढ़ने की सलाह देता था। हम लोग भी उसकी हसरत को पूरा करने की कोशिश करेंगे। विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि निखिल अच्छे छात्रों में एक था। वह हमेशा अनुशासन में रहता था।
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तरकुलवा में सुबह बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से छात्र की मौत
भड़के छात्रों ने सड़क पर लगाया जाम, पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त किया
पांच घंटे तक देवरिया-कसया मार्ग पर ठप रहा आवागमन,
अफसरों के काफी मनौव्वल के बाद माने छात्र
नवतप्पी इंटर कॉलेज गढ़रामपुर में कक्षा-9 का छात्र था निखिल
अमर उजाला ब्यूरो
तरकुलवा। साइकिल से स्कूल जा रहे 9वीं के छात्र की हादसे में मौत के बाद शनिवार को जमकर बवाल हुआ। गुस्साए छात्र सड़क पर उतर आए और सोन्हुला रामपुर गांव के पास देवरिया-कसया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। वीडियो और फोटो बना रहे लोगों से झड़प हुई। कइयों के मोबाइल छीनकर फेंक दिए। पथराव कर यूपी-100 के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और ट्रक में भी तोड़फोड़ की। करीब तीन घंटे तक बवाल चलता रहा। मौके पर पहुंचे एडीएम, एएसपी ने समझाकर जाम समाप्त कराया। छात्र के पिता ने ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कराया है, आरोपी चालक फरार है।
तरकुलवा क्षेत्र के कनकपुरा निवासी धर्मेंद्र कुशवाहा का बेटा निखिल (14) नवतप्पी इंटर कॉलेज में 9वीं का छात्र था। शनिवार को अपने सहपाठी अभिनव सिंह (14) के साथ सुबह सात बजे साइकिल से स्कूल जा रहा था। घर से एक किमी दूर सोन्हुला रामनगर गांव के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों साइकिलों में टक्कर मार दी। अभिनव खेत में गिर गया, जबकि निखिल सड़क पर गिर पड़ा। उसे कुचलते हुए ट्रक आगे निकल गई। गंभीर रुप से जख्मी निखिल की मौके पर ही मौत हो गई। गांववालों ने सूचना घरवालों को दी। जानकारी मिलते ही स्कूल के छात्र भी उग्र हो गए और घटनास्थल पर पहुंचकर बवाल शुरू कर दिया। बीच सड़क पर बैठे छात्रों का गुस्सा इस कदर था कि मोबाइल से वीडियो और फोटो खींचने वाले कई लोगों को उनका शिकार होना पड़ा। छात्रों ने ट्रक को क्षतिग्रस्त कर दिया। मौके पर पहुंची यूपी-100 के वाहन के भी शीशे तोड़ दिए। थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। कुछ ही देर में बघौचघाट, रामपुरकारखाना, सदर कोतवाली सहित कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवान पहुंच गए। एडीएम प्रशासन राकेश पटेल, एएसपी शिष्यपाल सिंह, एसडीएम दिनेश मिश्र व सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय ने मौके पर जाकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता कीं। उन्हें ट्रक चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निखिल के परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। छात्र के पिता धर्मेंद्र की तहरीर पर आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश की जा रही है।
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पुलिस के देर से पहुंचने पर हुआ बवाल
तरकुलवा। थाने से महज दो किमी की दूरी पर हादसे के बाद भी पुलिस को मौके पर पहुंचने में एक घंटे लग गए। ग्रामीणों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी, मगर करीब एक घंटे बाद सबसे पहले यूपी-100 की टीम पहुंची। पुलिस को देखते ही प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों को दौड़ा। मौके से भागकर पुलिसकर्मियों ने खुद को बचाया। घटना की सूचना उच्चधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह भी फोर्स के साथ घटनास्थल से दूर ही रहे। उच्चाधिकारियों के पहुंचने के बाद पुलिस आगे बढ़ी। इस दौरान पुलिस व अधिकारियों को कई बार प्रदर्शनकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ी।
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बवाल की सूचना पर पहुंचे अफसरों से प्रदर्शनकारियों ने कई मांगे रखीं। उन्होंने विद्यालय के सामने ब्रेकर बनवाने, मृत छात्र के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने, ट्रक चालक को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग प्रमुख रही। अफसरों ने मांगों पर विचार कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। सड़क जाम खत्म होने के बाद छात्र स्कूल गेट के सामने फिर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि प्रशासन लिखित में आश्वासन दे। वहां पहुंचकर अधिकारियों ने समझाया, तब छात्र शांत हुए।
खबर सुन स्कूल गेट तोड़कर पहुंचे छात्र
छात्र की मौत के बाद कॉलेज प्रशासन ने बवाल की आशंका के मद्देनजर छात्रों को मुख्य गेट के भीतर बंद कर कॉलेज में ही रोकने की कोशिश की। कुछ देर तक तो छात्र शांत रहे, लेकिन जब बाहर मौजूद अन्य छात्रों ने पूरी घटना की जानकारी दी तो वह खुद को रोक नहीं सके। कॉलेज का गेट तोड़ते हुए वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। उन्हें रोकने की कॉलेज प्रशासन की पूरी कोशिश विफल रही। प्रशासन भी बैकफुट पर रहा, क्योंकि कॉलेज प्रबंधन में सूबे के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही भी जुड़े हैं। प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने तो पुलिस अफसरों को चेताते हुए कहा कि कृषि मंत्री से वार्ता हुई है, अरगर मनमानी की तो अंजाम बुरे होंगे।
तरकुलवा वाले सड़क हादसे से जुड़ी खबर...
बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना रह गया अधूरा
निखिल की मौत से सदमे में परिवार, रोते-रोते बेहोश हुई मां
परशुराम शर्मा
तरकुलवा। ट्रक के चपेट में आने से नौवीं के छात्र निखिल प्रताप की मौत से पूरे गांव में मातम छाया है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे की मौत के गम में मां पूनम देवी कई बार बेहोश हो गईं। बड़े बेटे को इंजीनियर बनाने की मजदूर पिता की तमन्ना अधूरी रह गई।
कनकपुरा निवासी धर्मेंद्र कुशवाहा से तीन बच्चे हैं। इनमें निखिल सबसे बड़ा था। इसके बाद छोटा भाई सिद्धांत और बहन दिव्यांका कुशवाहा हैं। पिता मजदूरी कर तीनों बच्चों को पढ़ाते थे। निखिल हमेशा अपने माता-पिता से इंजीनियर बनने की बात कहता था। वह उसी तरह पढ़ने में रुचि भी रखता था। घर पर पिता के कामों में कुछ हाथ बटाने के अलावा अपनी पढ़ाई पूरी करता था। अपने छोटे भाई-बहन को भी लगन से पढ़ाई की सलाह देता रहता था। उसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। आठवीं में पढ़ रहे सिद्धांत ने रोते हुए कहा कि इंजीनियर बन कर अपने भाई व माता-पिता की इच्छा को पूरा करने की कोशिश करुंगा। दूसरी तरफ गांव वाले व उसके सहपाठी साथी भी कह रहे थे कि निखिल हमेशा सबको पढ़ने की सलाह देता था। हम लोग भी उसकी हसरत को पूरा करने की कोशिश करेंगे। विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि निखिल अच्छे छात्रों में एक था। वह हमेशा अनुशासन में रहता था।