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Deoria: वेल्डिंग करते समय भुसावल में हुई मौत, एक माह पहले ही गए थे नई जगह पर कमाने
Mon, 12 Sep 2022 10:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2022 10:39 AM IST
सार
उमाशंकर की माली हालत बहुत खराब है। मोहल्ले के लोगों के सहयोग से किसी तरह अंतिम संस्कार तो हो गया, लेकिन अब पत्नी वसुंधरा देवी, बेटी नीलम (15), बेटे रितेश (13), आयुष (10) की परवरिश कैसे होगी। इसकी चिंता मोहल्ले के लोगों को सता रही है। वसुंधरा देवी पर बेटी के हाथ पीले करने और दोनों बेटों की पढ़ाई की जिम्मेदारी आ गई है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
विस्तार
स्थानीय गांव के पईलहां निवासी उमाशंकर कुशवाहा (52) की महाराष्ट्र के भुसावल में शनिवार को मौत हो गई। वेल्डिंग करते समय तकरीबन 100 फीट की ऊंचाई से गिरने से हादसा होने की बात कही जा रही है। उधर, घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। रविवार रात जैसे ही गांव शव पहुंचा पत्नी और बच्चों के विलाप से सबकी आंखें नम हो गईं।
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पहले महाराष्ट्र में रहकर उमाशंकर कुशवाहा वेल्डिंग का काम करते थे। वहां काम नहीं चलने पर वह घर आ गए थे। तकरीबन एक माह पहले ही वह फिर नई जगह भुसावल में वेल्डर के पद पर किसी ठेकेदार के बुलाने पर गए थे। शनिवार को काम करते समय 100 फीट की ऊंचाई से गिरने पर मौत हो गई।
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घटना के बाद परिवार वाले शव का इंतजार करने लगे। रविवार रात शव पहुंचते ही चहुंओर चीख-पुकार मच गई। उमाशंकर परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। मौत के बाद परिवार के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। एसओ नवीन चौधरी ने बताया कि खुखुंदू निवासी उमाशंकर के भुसवाल में हादसे में मौत की सूचना मिली है। शव गांव आ गया है।
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बेटी के हाथ पीले करना, दो बेटों की परवरिश अब वसुंधरा के जिम्मे
उमाशंकर की माली हालत बहुत खराब है। मोहल्ले के लोगों के सहयोग से किसी तरह अंतिम संस्कार तो हो गया, लेकिन अब पत्नी वसुंधरा देवी, बेटी नीलम (15), बेटे रितेश (13), आयुष (10) की परवरिश कैसे होगी। इसकी चिंता मोहल्ले के लोगों को सता रही है। वसुंधरा देवी पर बेटी के हाथ पीले करने और दोनों बेटों की पढ़ाई की जिम्मेदारी आ गई है।
घटना के बाद वसुंधरा रोते हुए बार-बार बेहोश हो जा रही थी। बेटी नीलम भी मां को चुप कराते हुए दहाड़ें मारकर रोने लग रही थी। शव से लिपटकर वसुंधरा रोते हुए कह रही थी कि अब हमनी के के देखी। यह सुनकर वहां मौजूद सबकी आंखें नम हो गईं। उमाशंकर के मिलनसार स्वभाव को याद कर मोहल्ले के लोग भावुक हो जा रहे थे। लोगों ने परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है।