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मानवाधिकार आयोग ने डीएम को समन दिया
Deoria
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:30 AM IST
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देवरिया। कुशीनगर के विचाराधीन बंदी के मौत की न्यायिक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने डीएम को समन जारी किया है। इसको देखते हुए जेल अधीक्षक ने न्यायालय, सिविल जज जूनियर डिवीजन कुशीनगर को पत्र लिखकर न्यायिक जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
बतादें कि कुशीनगर, हनुमानगंज, बुलहवा का मंजूर (42) पुत्र इस्माइल हत्या के मामले में 22 मई 13 को जिला जेल देवरिया में निरुद्ध हुआ। जेल में पेट दर्द, बुखार आदि से वह परेशान रहने लगा। उसका उपचार जेल के डॉक्टर के अलावा जिला अस्पताल में चल रहा था। इसी बीच हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान पांच नवंबर 13 को उसकी मौत हो गई। अगले दिन पोस्टमार्टम के दौरान बिसरा सुरक्षित कर लिया गया। इस मामले की सूचना जेल प्रशासन ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली को भेज दी।
साथ ही न्यायिक जांच के लिए कुशीनगर के सिविल जज से अनुरोध किया। बिसरा रिपोर्ट नहीं मिलने पर जुलाई में जेल अधीक्षक ने एसएसपी गोरखपुर को पत्र लिखा। वहीं प्रकरण की न्यायिक जांच रिपोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को उपलब्ध नहीं हो पाई है। आयोग ने डीएम देवरिया को समन जारी किया है। जेल अधीक्षक ने समन जारी होने पर न्यायालय से जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
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बतादें कि कुशीनगर, हनुमानगंज, बुलहवा का मंजूर (42) पुत्र इस्माइल हत्या के मामले में 22 मई 13 को जिला जेल देवरिया में निरुद्ध हुआ। जेल में पेट दर्द, बुखार आदि से वह परेशान रहने लगा। उसका उपचार जेल के डॉक्टर के अलावा जिला अस्पताल में चल रहा था। इसी बीच हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान पांच नवंबर 13 को उसकी मौत हो गई। अगले दिन पोस्टमार्टम के दौरान बिसरा सुरक्षित कर लिया गया। इस मामले की सूचना जेल प्रशासन ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली को भेज दी।
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साथ ही न्यायिक जांच के लिए कुशीनगर के सिविल जज से अनुरोध किया। बिसरा रिपोर्ट नहीं मिलने पर जुलाई में जेल अधीक्षक ने एसएसपी गोरखपुर को पत्र लिखा। वहीं प्रकरण की न्यायिक जांच रिपोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को उपलब्ध नहीं हो पाई है। आयोग ने डीएम देवरिया को समन जारी किया है। जेल अधीक्षक ने समन जारी होने पर न्यायालय से जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
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