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गैर राजकीय कार्यदायी संस्थाओं को जारी होगा नोटिस
Deoria
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:30 AM IST
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देवरिया। सांसद और विधायक निधि के तहत काम कराने वाली संदिग्ध कार्यदायी संस्थाओं के निगमित निकाय के रूप में मान्यता को लेकर सीडीओ ने सवाल उठाया है। उन्होेंने ऐसी कार्यदायी संस्थाओं को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। फिलहाल, सीडीओ के इस कार्रवाई से ग्राम्य विकास विभाग में खलबली मच गई है।
सांसद निधि और विधायक निधि से काम कराने वाली कार्यदायी संस्थाओं के वार्षिक पैनल में राजकीय विभागों के कार्यदायी संस्थाओं को छोड़कर कई कार्यदायी संस्थाओं के मान्यता को लेकर संदेह की स्थिति बन गई है। सीडीओ कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने जिले स्तर पर पूर्व से कार्यरत कुछ कार्यदायी संस्थाओं/निगमित निकायों से मान्यता प्राप्त होने के बारे में अभिलेखीय साक्ष्य मांगा था। कार्यदायी संस्थाओं की ओर से प्रस्तुत अभिलेख/साक्ष्य संतोषजनक नहीं पाए गए। इसको देखते हुए सीडीओ ने पीडी को निर्देश दिया है कि राजकीय विभाग के कार्यदायी संस्थाओं को छोड़कर बाकी कार्यदायी संस्थाओं को अंतिम अवसर के रूप में नोटिस जारी करें। इसके अभाव में ऐसी कार्यदायी संस्थाओं/निगमित निकायों को जिले की कार्यदायी संस्थाओं के वार्षिक पैनल से हटा दिया जाएगा। जो राजकीय परिभाषा में स्वयं को संदेह से परे कार्यदायी संस्था/निगमित निकाय सिद्ध नहीं कर पाएंगी। सीडीओ ने 10 नवंबर तक ऐसी किसी भी संदिग्ध कार्यदायी संस्थाओं/निगमित निकायों को सांसद निधि और विधायक निधि के नए कार्य दिए जाने की अनुशंसा नहीं करें। इस बाबत पीडी डॉ. अभय श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसी दो कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किया जा रहा है।
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सांसद निधि और विधायक निधि से काम कराने वाली कार्यदायी संस्थाओं के वार्षिक पैनल में राजकीय विभागों के कार्यदायी संस्थाओं को छोड़कर कई कार्यदायी संस्थाओं के मान्यता को लेकर संदेह की स्थिति बन गई है। सीडीओ कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने जिले स्तर पर पूर्व से कार्यरत कुछ कार्यदायी संस्थाओं/निगमित निकायों से मान्यता प्राप्त होने के बारे में अभिलेखीय साक्ष्य मांगा था। कार्यदायी संस्थाओं की ओर से प्रस्तुत अभिलेख/साक्ष्य संतोषजनक नहीं पाए गए। इसको देखते हुए सीडीओ ने पीडी को निर्देश दिया है कि राजकीय विभाग के कार्यदायी संस्थाओं को छोड़कर बाकी कार्यदायी संस्थाओं को अंतिम अवसर के रूप में नोटिस जारी करें। इसके अभाव में ऐसी कार्यदायी संस्थाओं/निगमित निकायों को जिले की कार्यदायी संस्थाओं के वार्षिक पैनल से हटा दिया जाएगा। जो राजकीय परिभाषा में स्वयं को संदेह से परे कार्यदायी संस्था/निगमित निकाय सिद्ध नहीं कर पाएंगी। सीडीओ ने 10 नवंबर तक ऐसी किसी भी संदिग्ध कार्यदायी संस्थाओं/निगमित निकायों को सांसद निधि और विधायक निधि के नए कार्य दिए जाने की अनुशंसा नहीं करें। इस बाबत पीडी डॉ. अभय श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसी दो कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किया जा रहा है।
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