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सुनियोजित तरीके से की गई रमेश की हत्या
Deoria
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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भटनी। दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर विवाद तो काफी दिनों से चल रहा था। इधर दस दिनों से दोनों परिवार के बीच विवाद काफी गहरा गया था। खेत में पहुंचे रमेश पांडेय की हत्या हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से रविवार को की।
भटनी क्षेत्र के सकरापार गांव के मिश्रौली कोइलार गांव निवासी नंदकिशोर पांडेय और रामेश्वर कुशवाहा के बीच 10 वर्षों से विवाद है। कभी दोनों पक्षों के बीच मारपीट नहीं हुई थी। गांववालों के अनुसार इधर 10 दिनों से इस जमीन को लेकर दोनों परिवार के बीच रार बढ़ गई थी। लाठी से लैस होकर खेत में पहुंचे रामेश्वर कुशवाहा के परिवार के सदस्य मेड़ काटने लगे। सूचना जब रमेश को मिली तो वह खेत में पहुंचे। रमेश अभी कुछ समझ पाते कि मेड़ काट रहे युवकों ने लाठी से पीटकर उसकी हत्या कर दी। घर पर मौजूद रमेश के छोटे भाई दिनेश की तबीयत खराब है जबकि बड़े भाई उमेश का पैर 10 दिन पूर्व फैक्चर हो गया। इसके चलते खेत में रमेश पांडेय को अकेले जाना पड़ा था। इससे योजना सफल हो गई।
दहशत में घर वाले
भटनी। रमेश पांडेय के घर की माली हालत ठीक नहीं है। वह आटा चक्की चलाकर अपने पूरे परिवार का भरण पोषण करता था। इसके हत्या के बाद परिवार सदमे है। उसकी पत्नी सुभावती, बच्चे विकास, मुकेश और खुशबू का रोते-रोते बुरा हाल हो गया है।
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कपड़ा खरीदना था
भटनी। रमेश ने इकलौती बेटी खुशबू सेे दिवाली में कपड़ा खरीदने की बात कही थी। भगवान को यह मंजूर नहीं था। इसके पहले ही जमीन के टुकड़े के लिए हमलावरों ने उसकी हत्या कर दी।
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भटनी क्षेत्र के सकरापार गांव के मिश्रौली कोइलार गांव निवासी नंदकिशोर पांडेय और रामेश्वर कुशवाहा के बीच 10 वर्षों से विवाद है। कभी दोनों पक्षों के बीच मारपीट नहीं हुई थी। गांववालों के अनुसार इधर 10 दिनों से इस जमीन को लेकर दोनों परिवार के बीच रार बढ़ गई थी। लाठी से लैस होकर खेत में पहुंचे रामेश्वर कुशवाहा के परिवार के सदस्य मेड़ काटने लगे। सूचना जब रमेश को मिली तो वह खेत में पहुंचे। रमेश अभी कुछ समझ पाते कि मेड़ काट रहे युवकों ने लाठी से पीटकर उसकी हत्या कर दी। घर पर मौजूद रमेश के छोटे भाई दिनेश की तबीयत खराब है जबकि बड़े भाई उमेश का पैर 10 दिन पूर्व फैक्चर हो गया। इसके चलते खेत में रमेश पांडेय को अकेले जाना पड़ा था। इससे योजना सफल हो गई।
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दहशत में घर वाले
भटनी। रमेश पांडेय के घर की माली हालत ठीक नहीं है। वह आटा चक्की चलाकर अपने पूरे परिवार का भरण पोषण करता था। इसके हत्या के बाद परिवार सदमे है। उसकी पत्नी सुभावती, बच्चे विकास, मुकेश और खुशबू का रोते-रोते बुरा हाल हो गया है।
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कपड़ा खरीदना था
भटनी। रमेश ने इकलौती बेटी खुशबू सेे दिवाली में कपड़ा खरीदने की बात कही थी। भगवान को यह मंजूर नहीं था। इसके पहले ही जमीन के टुकड़े के लिए हमलावरों ने उसकी हत्या कर दी।