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पीड़ित दीवान का गौरीबाजार तबादला
Deoria
Updated Fri, 20 Dec 2013 05:43 AM IST
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देवरिया। ड्यूटी को लेकर सिपाहियों से जलील हुआ दीवान आखिरकार सत्ता के जुगाड़ में फेल हो गया। मरहम लगाने की बजाए अधिकारियों ने दीवान का दूसरे थाने पर तबादला करा दिया। वहीं पिटाई के आरोपी सिपाहियों पर विभागीय कार्रवाई की बजाए पूछताछ भी करना मुनासिब नहीं समझा गया।
जिम्मेदार तबादले को ला एंड ऑर्डर से जोड़कर देख रहे हैं। ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो। सोमवार को रामपुर कारखाना थाने के एक दीवान ने कुछ सिपाहियों ने ड्यूटी लगाने की बात पर पीट दिया था। पूरी घटना मौजूद इंस्पेक्टर के संज्ञान में हुई। इंस्पेक्टर ने पूरे मामले में लीपापोती करने के बाद दीवान ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। दीवान ने पूरे मामले का जिक्र जीडी के तस्करा में कर दिया। इससे विभाग में खलबली मच गई। मामले में कोई कार्रवाई न हो इसके लिए सिपाही जुगाड़ में जुड़ गए।
अनुशासन तोड़ने वालों पर कार्रवाई की बात तो विभाग कह रहा था लेकिन गुरुवार को दीवान को गौरीबाजार तबादले का आदेश दे दिया गया। सूत्रों ने बताया कि तस्करा लिखने के बाद विभाग के लोग दीवान पर नाराज हो गए थे।
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जिम्मेदार तबादले को ला एंड ऑर्डर से जोड़कर देख रहे हैं। ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो। सोमवार को रामपुर कारखाना थाने के एक दीवान ने कुछ सिपाहियों ने ड्यूटी लगाने की बात पर पीट दिया था। पूरी घटना मौजूद इंस्पेक्टर के संज्ञान में हुई। इंस्पेक्टर ने पूरे मामले में लीपापोती करने के बाद दीवान ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। दीवान ने पूरे मामले का जिक्र जीडी के तस्करा में कर दिया। इससे विभाग में खलबली मच गई। मामले में कोई कार्रवाई न हो इसके लिए सिपाही जुगाड़ में जुड़ गए।
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अनुशासन तोड़ने वालों पर कार्रवाई की बात तो विभाग कह रहा था लेकिन गुरुवार को दीवान को गौरीबाजार तबादले का आदेश दे दिया गया। सूत्रों ने बताया कि तस्करा लिखने के बाद विभाग के लोग दीवान पर नाराज हो गए थे।
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