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डीएम ने पत्र लिखकर बीएसए और डीआईओएस को चेतावनी दी
Deoria
Updated Fri, 20 Dec 2013 05:43 AM IST
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देवरिया। जिले के पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने के लिए जिलाधिकारी के लिखित और मौखिक निर्देशों पर डीआईओएस और बीएसए भारी पड़ गए हैं। दोनों अधिकारियों की उदासीनता से पिछले वर्ष से 7524 आवेदन पत्र कम भरे गए। पिछले वर्ष 222345 और इस वर्ष 214921 आवेदन पत्र भरे गए। डीआईओएस पिछले वर्ष के लक्ष्य से 58.2 फीसदी विद्यार्थियों के ही आवेदन पत्र जमा करा सके। इससे नाराज डीएम ने दोनों अधिकारियों को पत्र लिखकर फटकार लगाई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक के अधीन विद्यालयों में वर्ष 2012-13 में कुल 12954 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिया गया था। इसमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के 9124 और सामान्य जाति के 3830 छात्र-छात्राएं शामिल थीं। इस वर्ष 2013-14 में यह संख्या 58.2 फीसदी पर सिमटकर रह गई हैं। कुल 7538 आवेदन पत्र ही भरे गए हैं। इसमें 4818 एससी/एससीएसटी और 2720 सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के आवेदन पत्र शामिल हैं। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन विद्यालयों में पिछले वर्ष 2012-13 में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के 156554 और सामान्य जाति के 52837 यानी कुल 209391 लक्ष्य निर्धारित था। इस वर्ष एससी/एससीएसटी के 150751 और सामान्य वर्ग के 56632 विद्यार्थियों यानी कुल 207383 ही आवेदन पत्र भरे गए। उन्होंने पत्र में कहा है कि बार-बार लिखित और मौखिक रूप से निर्देश दिए गए कि समस्त पात्र छात्र-छात्राओं के आवेदन पत्र भरवाकर उनकी फीडिंग कराते हुए सीडी और हार्ड कॉपी के रूप में मांगपत्र संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। लेकिन निर्धारित तिथि 15 दिसंबर तक वित्तीय वर्ष में उपलब्ध मांगपत्र विशेषकर डीआईओएस के स्तर से प्राप्त लक्ष्य से काफी कम है। ऐसी ही स्थिति अन्य पिछड़ा वर्ग की है। योजना में अवगत होने के बाद भी अपेक्षित रुचि नहीं ली गई। डीएम ने साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने के संबंध में शिकायत मिलती है तो दोनों अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने इसकी लिखित सूचना प्रमुख सचिव, समाज कल्याण, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा को भी दी है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक के अधीन विद्यालयों में वर्ष 2012-13 में कुल 12954 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिया गया था। इसमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के 9124 और सामान्य जाति के 3830 छात्र-छात्राएं शामिल थीं। इस वर्ष 2013-14 में यह संख्या 58.2 फीसदी पर सिमटकर रह गई हैं। कुल 7538 आवेदन पत्र ही भरे गए हैं। इसमें 4818 एससी/एससीएसटी और 2720 सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के आवेदन पत्र शामिल हैं। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन विद्यालयों में पिछले वर्ष 2012-13 में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के 156554 और सामान्य जाति के 52837 यानी कुल 209391 लक्ष्य निर्धारित था। इस वर्ष एससी/एससीएसटी के 150751 और सामान्य वर्ग के 56632 विद्यार्थियों यानी कुल 207383 ही आवेदन पत्र भरे गए। उन्होंने पत्र में कहा है कि बार-बार लिखित और मौखिक रूप से निर्देश दिए गए कि समस्त पात्र छात्र-छात्राओं के आवेदन पत्र भरवाकर उनकी फीडिंग कराते हुए सीडी और हार्ड कॉपी के रूप में मांगपत्र संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। लेकिन निर्धारित तिथि 15 दिसंबर तक वित्तीय वर्ष में उपलब्ध मांगपत्र विशेषकर डीआईओएस के स्तर से प्राप्त लक्ष्य से काफी कम है। ऐसी ही स्थिति अन्य पिछड़ा वर्ग की है। योजना में अवगत होने के बाद भी अपेक्षित रुचि नहीं ली गई। डीएम ने साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने के संबंध में शिकायत मिलती है तो दोनों अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने इसकी लिखित सूचना प्रमुख सचिव, समाज कल्याण, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा को भी दी है।
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