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जांच टीम ने स्टॉफ नर्स और ठेकेदार का बयान दर्ज किया

Sat, 30 Nov 2013 05:41 AM IST
Deoria
Deoria Updated Sat, 30 Nov 2013 05:41 AM IST
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सलेमपुर। सीएचसी में प्रसूताओं को घटिया भोजन, नाश्ता देने और प्रसव के पांच घंटे बाद जच्चा-बच्चा को छोड़ने की पुष्टि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की जांच में हुई। जांच टीम ने अपूर्ण बीटीएस और डाइट रजिस्टर में बैक डेट में छोड़े गए सादा पेज का फोटो कॉफी करा कब्जे में ले लिया। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक, दो स्टॉफ नर्स प्रसूताओं को भोजन मुहैया कराने वाले सप्लायर और ठेकेदार का बयान दर्ज किया।
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सीएचसी में प्रसव के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की मिलीभगत से घटिया भोजन करने को विवश प्रसूताओं और बीटीएस रजिस्टर में स्टॉफ नर्स के तरफ से किया गया। अमर उजाला ने शुक्रवार को पेज संख्या पांच पर ‘ऐसे भोजन से तो बीमार हो जाएंगी प्रसूताएं’ शीर्षक से प्रकाशित की थी। इसको लेकर संलिप्त स्वास्थ्यकर्मियों में खलबली मच गयी। खबर को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. एएन तिवारी ने एडिशनल सीएमओ डॉ. एसएन सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया। दोपहर में करीब 1.20 बजे एडिशनल सीएमओ सीएचसी पर पहुंचे और बीटीएस और डाइट रजिस्टर सहित अन्य कागजात कब्जे मेें ले लिया। जांच में मालूम हुआ कि डाइट रजिस्टर 25 नवंबर से 29 तक पूर्ण थी। जबकि पिछले 15 दिनों का पेज खाली छोड़ा गया था। जबकि बीएसटी रजिस्टर में दर्ज प्रसूताआें के डिस्चार्ज होने व भोजन, नाश्ता देने का भी समय भी इंट्री नहीं किया गया था।
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टीम ने सीएचसी के अधीक्षक डॉ. पीएन सिंह से कारण पूछा तो वह स्टॉफ नर्स एलके शर्मा पर आरोप मढ़ते हुए किनारा कस लिया। नाराज एडिशनल सीएमओ स्टॉफ नर्स एलके शर्मा और मालती देवी को फटकार लगाते हुए नियोजित तरीके से रजिस्टर के खाली छोड़े गए पेज व अन्य रजिस्टरों की फोटो कॉफी कराई। इसके बाद सभी का बारी-बारी से बयान दर्ज किया।
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प्रसूताओं के भोजन देने वाला ठेकेदार रणजीत सिंह जांच टीम के सामने प्रसूताओं को दूध और शुद्ध भोजन देने का दावा कर रहा था। यह सुन जांच टीम ने जब भोजन सप्लाई करने वाले कालिंदर से पूछताछ कि तो उसने बताया कि सुबह प्रसूताओं को सिर्फ चाय दी जाती है और दोपहर में भोजन। यह सुन जांच टीम हैरान रह गई।

एडिशनल सीएमओ एसएन सिंह ने बताया कि डाइट और बीटीएस बैक डेट के अधिकांश पेज सादा छोड़ा गया है। इसके अलावा कई अन्य कई खामियां मिली है। इस आधार पर स्वास्थ्यकर्मियों और भोजन ठेकेदार का बयान दर्ज किया गया है। कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट सीएमओ को दे दी जाएगी।
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