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सीएम ने देवरिया को दी मेडिकल कॉलेज की सौगात

Tue, 03 Apr 2018 11:32 PM IST
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:32 PM IST
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सीएम ने देवरिया को दी मेडिकल कॉलेज की सौगात
लबकनी गांव में जनसभा को संबोधित करते सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जिला प्रशासन ने जमीन भी देख ली है। केंद्र से हरी झंडी मिलते ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो जाएगा। वह मंगलवार को गौरीबाजार के लबकनी में स्कूल चलो और दस्तक अभियान की शुरुआत करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद से जिले के लोगों को इलाज के लिए भटकना नहीं होगा। बेहतर इलाज की सुविधा जिले में ही उपलब्ध होगी।
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करीब आधे घंटे के भाषण में सीएम का जोर एक से 15 वर्ष के बच्चों को स्कूल भेजने और इंसेफेलाइटिस के खिलाफ जंग पर केंद्रित था। उन्होंने परिषदीय विद्यालय के पांच बच्चों को स्कूल किट देकर स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बिना शिक्षा के कोई भी समाज स्वावलंबी नहीं बन सकता है। शिक्षित युवाओं को ही सरकार की विकास योजनाओं की जानकारी होगी। लिहाजा सरकार शिक्षा को प्रोत्साहित करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एक करोड़ 54 लाख से अधिक बच्चों ने नामांकन कराया था। नए शैक्षिक सत्र से कई परिषदीय विद्यालयों में एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम से पढ़ाई होगी, ताकि यहां पढ़ने वाले बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों के बच्चों की तरह स्मार्ट बन सकें। देवरिया के लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि वे अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल भेजें।
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‘दस्तक’ अभियान की शुरुआत करते हुए योगी ने कहा कि इंसेफेलाइटिस मासूम बच्चों को निगल जाता है। यह बीमारी चार दशक से पूर्वांचल में कहर बरपा रही है। इससे निपटने के लिए मंगलवार से जिले में विशेष संचारी नियंत्रण अभियान ‘दस्तक’ की शुरुआत की गई है। यह अभियान इंसेफेलाइटिस के पूर्ण उन्मूलन में मदद करेगा। पूर्वांचल में इस बीमारी के दो और वायरस चिह्नित हुए हैं। इनके नाम जेई, एईएस हैं। सीएम ने कहा कि इस बीमारी को बढ़ावा देने में मच्छर सहायक साबित हो रहे हैं। साफ-सफाई होगी तो मच्छर खत्म होंगे। इसी तरह इस बीमारी से बचा जा सकता है। गांवों में स्वच्छता और सुंदरता बनी रहे, इसके लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।
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सीएम योगी ने दिया दिमागी बुखार से लड़ने का मंत्र
प्वाइंटर
बोले, उपचार से ज्यादा जरूरी है बचाव, साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल
सुनील कुमार सिंह
देवरिया। पूर्वांचल के लिए दहशत का पर्याय बन चुके दिमागी बुखार से लड़ने का मंत्र सीएम योगी आदित्यनाथ ने देवरिया की धरती से दिया। लोगों को समझाया कि दिमागी बुखार में उपचार से ज्यादा जरूरी बचाव है। उन्होंने साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल के इस्तेमाल पर जोर दिया। साथ ही अभियान के दौरान एक से 15 साल की उम्र के बच्चों के टीकाकरण की बात कही।
दिमागी बुखार से पूर्वांचल में बीते चार दशक में सैकड़ों बच्चों की जान चली गई। कुछ बच्चे इस बीमारी से बच तो गए लेकिन जीवन भर स्वस्थ न हो सके। सीएम बनने से पहले से ही योगी आदित्यनाथ इस बीमारी के समूल नाश के प्रति संकल्पित रहे। उन्होंने लोकसभा में भी इस मुद्दे को उठाया था।

मंगलवार को गौरीबाजार के लबकनी में सर्व शिक्षा अभियान और ‘दस्तक’ अभियान के आगाज के दौरान उन्होंने कहा कि दिमागी बुखार पर हम काफी हद तक सफलता पा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह बीमारी दो कारण से होती है- पहला मच्छर और दूसरा शुद्ध पेयजल का न मिलना। उन्होंने कहा कि दो अक्तूबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है। जब साफ-सफाई रहेगी तो मच्छर पैदा नहीं होंगे। शुद्ध पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक के साथ ही इंडिया मार्का-2 हैंडपंप हर गांव में लगवाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी इस बीमारी की कोई गुंजाइश है तो एक से 15 साल के बच्चों को टीका लगवाया जाए। इसके लिए अभियान चलेगा।
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