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कानूनी प्रक्रियाओं से परे लोक अदालत की प्रक्रिया सहज
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:01 PM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में न्यायिक अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। नवागत जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने 10 फरवरी को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों से कहा है कि वे अपने विभागों में इसके लिए नोडल अधिकारी नामित कर उनका नाम, मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं। इस लोक अदालत में प्रस्तुत योग्य वादों को चिह्नित कर उनकी सूची चार फरवरी तक उपलब्ध करा दें। कानूनी प्रक्रियाओं से परे लोक अदालत की प्रक्रिया सहज और आपसी समझौते पर आधारित होता है। मंगलवार को दीवानी न्यायालय सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता के दौरान जनपद न्यायाधीश ने उक्त बातें कहीं।
जनपद न्यायाधीश ने अधिकाधिक वादों के निस्तारण पर बल देते हुए अधिकारियों से कहा है कि इस कार्य में वे पूरी रुचि दिखाएं। इसके लिए लोगों में जागरूकता लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ‘न्याय आपके द्वार’ तक पहुंचाने का उच्चतम न्यायालय का निर्देश प्राप्त है। अपर जिला जज तेज प्रताप तिवारी ने लोक अदालत से होने वाले लाभ के बारे में बताया कि पक्षों के बीच आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का निस्तारण होता है। निस्तारण के लिए किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं है। लंबित मामलों के लोक अदालत में निस्तारण पर न्याय शुल्क की वापसी की व्यवस्था है। इसमें पारित निर्णय के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती है। बैठक में अपर जिला जज बुद्धिराम यादव, राजीव भारती, काली चरण, अरविंद कुमार, दिनेश कुमार, धरणी धर ओझा, सीजेएम ब्रजेश सिंह, सिविल जज नीरज गौड, मो. शफीक आदि मौजूद रहे।
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जनपद न्यायाधीश ने अधिकाधिक वादों के निस्तारण पर बल देते हुए अधिकारियों से कहा है कि इस कार्य में वे पूरी रुचि दिखाएं। इसके लिए लोगों में जागरूकता लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ‘न्याय आपके द्वार’ तक पहुंचाने का उच्चतम न्यायालय का निर्देश प्राप्त है। अपर जिला जज तेज प्रताप तिवारी ने लोक अदालत से होने वाले लाभ के बारे में बताया कि पक्षों के बीच आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का निस्तारण होता है। निस्तारण के लिए किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं है। लंबित मामलों के लोक अदालत में निस्तारण पर न्याय शुल्क की वापसी की व्यवस्था है। इसमें पारित निर्णय के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती है। बैठक में अपर जिला जज बुद्धिराम यादव, राजीव भारती, काली चरण, अरविंद कुमार, दिनेश कुमार, धरणी धर ओझा, सीजेएम ब्रजेश सिंह, सिविल जज नीरज गौड, मो. शफीक आदि मौजूद रहे।
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