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प्रार्थना सभा में अचेत हुए छात्र-छात्राएं,अफरा-तफरी मची
Updated Fri, 08 Sep 2017 11:24 PM IST
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देवरिया। प्राथमिक विद्यालय में प्रार्थना के दौरान कई तेज बुखार से पीड़ित कई बच्चे अचेत हो गए। इससे विद्यालय में अफरातफरी मच गई और गांववालों की भीड़ जुट गई। विद्यालय पहुंच डॉक्टर ने बीमार बच्चों का इलाज किया। 25 बच्चे मम्पस (गलसुआ) बीमारी से पीड़ित मिले। इसकी वजह से समय से पहले विद्यालय बंद कर दिया गया।
देसही देवरिया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बरवा मीरछापर गांव में शुक्रवार को सुबह प्रार्थना चल रही थी। अचानक तीन बच्चे जमीन पर गिर पड़े। यह देख शिक्षकों के होश उड़ गए और बच्चों में अफरातफरी मच गई। तेज बुखार से ग्रसित बच्चों को विद्यालय के एक क्लास में बैठाया गया और प्रधानाध्यापक बदरे आलम ने पीएचसी के प्रभारी डॉ. शुभलाल को इसकी सूचना दी। इसकी जानकारी होने पर गांववालों की भीड़ जुट गई। कुछ देर बाद डॉक्टर टीम के साथ पहुंचे। बीमार पड़े अनामिका, मनीता, सिंकी, गरिमा, श्वेता, शबा, सानिया, गोल्डी, आशु, अकबर, पंकज, राजकुमार, सन्नी, अजय, शिवम कुमार, ज्योति, शिवानी, निकिता, शालू, सीटी समेत 25 बच्चों का इलाज किया। एक घंटे तक टीम विद्यालय पर जमी रही। डॉक्टर की माने तो यह एक संक्रामक बीमारी है। ऐसे में बच्चों को घर पर रखना चाहिए। विद्यालय में कुल 130 बच्चे मौजूद थे। सभी को दवा दी गई। तय समय से पहले विद्यालय बंद कर दिया गया। डॉ. शुभलाल शाह ने बताया कि मम्पस एक संक्रामक बीमारी है। इससे 25 बच्चे पीड़ित है। इनका इलाज किया गया। घबराने की कोई बात नहीं है।
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देसही देवरिया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बरवा मीरछापर गांव में शुक्रवार को सुबह प्रार्थना चल रही थी। अचानक तीन बच्चे जमीन पर गिर पड़े। यह देख शिक्षकों के होश उड़ गए और बच्चों में अफरातफरी मच गई। तेज बुखार से ग्रसित बच्चों को विद्यालय के एक क्लास में बैठाया गया और प्रधानाध्यापक बदरे आलम ने पीएचसी के प्रभारी डॉ. शुभलाल को इसकी सूचना दी। इसकी जानकारी होने पर गांववालों की भीड़ जुट गई। कुछ देर बाद डॉक्टर टीम के साथ पहुंचे। बीमार पड़े अनामिका, मनीता, सिंकी, गरिमा, श्वेता, शबा, सानिया, गोल्डी, आशु, अकबर, पंकज, राजकुमार, सन्नी, अजय, शिवम कुमार, ज्योति, शिवानी, निकिता, शालू, सीटी समेत 25 बच्चों का इलाज किया। एक घंटे तक टीम विद्यालय पर जमी रही। डॉक्टर की माने तो यह एक संक्रामक बीमारी है। ऐसे में बच्चों को घर पर रखना चाहिए। विद्यालय में कुल 130 बच्चे मौजूद थे। सभी को दवा दी गई। तय समय से पहले विद्यालय बंद कर दिया गया। डॉ. शुभलाल शाह ने बताया कि मम्पस एक संक्रामक बीमारी है। इससे 25 बच्चे पीड़ित है। इनका इलाज किया गया। घबराने की कोई बात नहीं है।
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