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पारिवारिक लाभ योजना की पत्रावली गायब
Updated Thu, 06 Jul 2017 10:19 PM IST
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सलेमपुर। अफसरों की लापरवाही से छह विधवा महिलाओं का राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का मूल आवेदन अभिलेख गायब हो गया। समाज कल्याण अधिकारी जहां कागजात प्राप्त नहीं होने की बात कह रहे हैं, वहीं तहसील का मालबाबू जांच के बाद कागजात भेजने का दावा कर रहा है। पीड़ित महिलाओं की शिकायत एक संस्था के अध्यक्ष ने सीएम से की है।
लार नगर के नमजा, शाहजहां, मेहरून, ममता राजभर, पुष्पा वर्मा और गीता ने एक माह पूर्व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत आवेदन किया था। समाज कल्याण विभाग से जांच के लिए अभिलेखों को तहसील प्रशासन के पास भेजा गया। जांच पूरा होने के बाद तहसील प्रशासन ने 28 जून को समाज कल्याण विभाग को भेज दिया गया, लेकिन जांच पत्रावली समाज कल्याण विभाग तक नहीं पहुंच सकी। विलंब होने पर महिलाओं ने संपर्क किया तो तहसील के मालबाबू ने पत्रावली भेजने का दावा करते हुए समाज कल्याण विभाग में संपर्क करने की बात कही। समाज कल्याण अधिकारी ने तहसील से सिर्फ ऑनलाइन जांच पत्रावली प्राप्त होने की बात कही और मूल पत्रावली नहीं मिलने की लिखित रूप से दावा किया। विभागीय अफसरों की लापरवाही से गायब हुई पत्रावली से महिलाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक संस्था के सचिव एमएम लारी ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर दोनों विभाग के अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पत्रावली उपलब्ध कराने की मांग की है। जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि जांच के लिए तहसील भेजी गई पत्रावली वापस नहीं आई हैं।
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लार नगर के नमजा, शाहजहां, मेहरून, ममता राजभर, पुष्पा वर्मा और गीता ने एक माह पूर्व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत आवेदन किया था। समाज कल्याण विभाग से जांच के लिए अभिलेखों को तहसील प्रशासन के पास भेजा गया। जांच पूरा होने के बाद तहसील प्रशासन ने 28 जून को समाज कल्याण विभाग को भेज दिया गया, लेकिन जांच पत्रावली समाज कल्याण विभाग तक नहीं पहुंच सकी। विलंब होने पर महिलाओं ने संपर्क किया तो तहसील के मालबाबू ने पत्रावली भेजने का दावा करते हुए समाज कल्याण विभाग में संपर्क करने की बात कही। समाज कल्याण अधिकारी ने तहसील से सिर्फ ऑनलाइन जांच पत्रावली प्राप्त होने की बात कही और मूल पत्रावली नहीं मिलने की लिखित रूप से दावा किया। विभागीय अफसरों की लापरवाही से गायब हुई पत्रावली से महिलाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक संस्था के सचिव एमएम लारी ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर दोनों विभाग के अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पत्रावली उपलब्ध कराने की मांग की है। जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि जांच के लिए तहसील भेजी गई पत्रावली वापस नहीं आई हैं।
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