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मानदेय बंद होने पर भड़के वितविहीन शिक्षक
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:12 PM IST
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शिक्षको ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर विरोध जताया
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। वित्तविहीन शिक्षकों ने मानदेय बंद किए जाने के विरोध में बुधवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना दिया। वित्तविहीन शिक्षकों ने कहा कि सरकार उनके साथ नाइंसाफी कर रही है। एक तो वैसे ही बहुत कम मानदेय मिलता था, ऊपर से उसे भी बंद कर दिया है। सरकार ने मानदेय देना चालू नहीं किया तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले शिक्षकों की जुटान डीआईओएस कार्यालय पर हुई। जिला कमेटी के अध्यक्ष राजकिशोर यादव व बालेंदु त्रिपाठी के नेतृत्व में धरना दिया। ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो, बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन का बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1986-87 से सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के वित्तविहीन शिक्षक एवं कर्मचारी अपने पारिश्रमिक के लिए आंदोलनरत हैं। समान कार्य का समान वेतन के सिद्धांत के विपरीत उन्हें सरकार ने बच्चों को बढ़ाने के लिए प्रबंधक के ऊपर आश्रित कर रखा है। जबकि यूपी बोर्ड के उसी पाठयक्रम को पढ़ाने एवं उतने ही घंटे का योगदान करने के लिए सरकारी मानक से राज्य कर्मचारी के समान वेतन दिया जा रहा है। वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा युक्त नियमावली पर बार-बार झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। इस दौरान ईश्वर चंद्र यादव, संतोषनाथ त्रिपाठी, धनेश विश्वकर्मा, आशुतोष यादव, दुर्गेश शुक्ला, कुलदीप यादव, मुद्रिका यादव, अवधेश पांडेय, विनोद तिवारी आदि मौजूद रहे।
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माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले शिक्षकों की जुटान डीआईओएस कार्यालय पर हुई। जिला कमेटी के अध्यक्ष राजकिशोर यादव व बालेंदु त्रिपाठी के नेतृत्व में धरना दिया। ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो, बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन का बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1986-87 से सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के वित्तविहीन शिक्षक एवं कर्मचारी अपने पारिश्रमिक के लिए आंदोलनरत हैं। समान कार्य का समान वेतन के सिद्धांत के विपरीत उन्हें सरकार ने बच्चों को बढ़ाने के लिए प्रबंधक के ऊपर आश्रित कर रखा है। जबकि यूपी बोर्ड के उसी पाठयक्रम को पढ़ाने एवं उतने ही घंटे का योगदान करने के लिए सरकारी मानक से राज्य कर्मचारी के समान वेतन दिया जा रहा है। वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा युक्त नियमावली पर बार-बार झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। इस दौरान ईश्वर चंद्र यादव, संतोषनाथ त्रिपाठी, धनेश विश्वकर्मा, आशुतोष यादव, दुर्गेश शुक्ला, कुलदीप यादव, मुद्रिका यादव, अवधेश पांडेय, विनोद तिवारी आदि मौजूद रहे।
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