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पीएनबी की पथरदेवा शाखा में सीबीआई का छापा, हड़कंप
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:39 PM IST
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सीबीआई ने किया पीएनबी बैंक मैनेजर पथरदेवा शैलेश तिवारी को गिरफ्तार हो रही पूछताछ।
- फोटो : अमर उजाला
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बघौचघाट। सीबीआई लखनऊ की टीम ने सोमवार दोपहर बाद पंजाब नेशनल बैंक की पथरदेवा शाखा में छापामारी कर बैंक मैनेजर शैलेश तिवारी और दलाल सुदर्शन को घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। देर रात तक चली पूछताछ के दौरान पीएनबी गोरखपुर के अधिकारी भी पहुंचे। टीम ने यह कार्रवाई सेवानिवृत्त शिक्षक वीरेंद्र तिवारी की शिकायत पर की है।
बघौचघाट थानाक्षेत्र के पिपरा भुआल गांव के वीरेंद्र तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। वह पंजाब नेशनल बैंक की शाखा नरायनपुर पथरदेवा में अपने पेंशन खाते पर चार लाख रुपये का लोन कराने के लिए महीनों से दौड़ लगा रहे थे। 22 नवंबर को बैंक मैनेजर ने उनसे सुदर्शन से मिलकर काम करा लेने की बात कही। बैंक दलाल सुदर्शन मद्देशिया ने उनसे चार लाख रुपये का 10 प्रतिशत यानी 40 हजार रुपये घूस मांगा। इस पर वीरेंद्र ने दो-तीन दिनों में रकम का इंतजाम कर आने की बात कही। घर पहुंचकर उन्होंने सीबीआई टीम लखनऊ को फोन पर मामले की जानकारी दी। 23 नवंबर को सीबीआई के इंस्पेक्टर ब्रजेश राय और संतोष कुमार शिकायतकर्ता को लेकर बैंक पहुंचे, लेकिन उस दिन मैनेजर नहीं आए थे। दोनों ने 24 को शिकायतकर्ता को रिकॉर्डर चिप देकर बैंक भेजा। बैंक मैनेजर, दलाल से डील होने लगी और यह सारी बात सीबीआई के पास रिकार्ड हो गई। 15 हजार में मामला तय हुआ। इससे घूस मांगने वाली बात की पुष्टि हो गई। मैनेजर ने सोमवार को रुपये लेकर बुलाया। सोमवार को सीबीआई की टीम लखनऊ से पथरदेवा पहुंची। शिकायतकर्ता वीरेंद्र तिवारी को बैंक में भेज दिया। छह नोट दो हजार रुपये और एक नोट पांच सौ रुपये का था। बैंक मैनेजर 12 हजार और दलाल पांच सौ रुपये लेकर अपने पॉकेट में रख लिए। तभी सीबीआई टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दोनों का हाथ धुलने पर पानी का रंग लाल हो गया। उसके बाद सीबीआई टीम ने दोनों का पैंट उतार कर लैब भेजने के लिए ले लिया। सीबीआई टीम के इंस्पेक्टर आरके तिवारी और ब्रजेश राय ने बताया कि 22 नवंबर को शिकायत मिली थी कि बैंक में लोन देने के नाम पर घूस की मांग की जा रही है। जांच करने पर मामला सही पाया गया। बैंक मैनेजर शैलेश तिवारी और दलाल सुदर्शन को गिरफ्तार किया गया है। इनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई टीम में राजुल गर्ग, सभाजीत चौहान, संतोष कुमार और कुछ अन्य लोग शामिल रहे। देर रात तक बैंक की शाखा में ही पूछताछ चलती रही।
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बघौचघाट थानाक्षेत्र के पिपरा भुआल गांव के वीरेंद्र तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। वह पंजाब नेशनल बैंक की शाखा नरायनपुर पथरदेवा में अपने पेंशन खाते पर चार लाख रुपये का लोन कराने के लिए महीनों से दौड़ लगा रहे थे। 22 नवंबर को बैंक मैनेजर ने उनसे सुदर्शन से मिलकर काम करा लेने की बात कही। बैंक दलाल सुदर्शन मद्देशिया ने उनसे चार लाख रुपये का 10 प्रतिशत यानी 40 हजार रुपये घूस मांगा। इस पर वीरेंद्र ने दो-तीन दिनों में रकम का इंतजाम कर आने की बात कही। घर पहुंचकर उन्होंने सीबीआई टीम लखनऊ को फोन पर मामले की जानकारी दी। 23 नवंबर को सीबीआई के इंस्पेक्टर ब्रजेश राय और संतोष कुमार शिकायतकर्ता को लेकर बैंक पहुंचे, लेकिन उस दिन मैनेजर नहीं आए थे। दोनों ने 24 को शिकायतकर्ता को रिकॉर्डर चिप देकर बैंक भेजा। बैंक मैनेजर, दलाल से डील होने लगी और यह सारी बात सीबीआई के पास रिकार्ड हो गई। 15 हजार में मामला तय हुआ। इससे घूस मांगने वाली बात की पुष्टि हो गई। मैनेजर ने सोमवार को रुपये लेकर बुलाया। सोमवार को सीबीआई की टीम लखनऊ से पथरदेवा पहुंची। शिकायतकर्ता वीरेंद्र तिवारी को बैंक में भेज दिया। छह नोट दो हजार रुपये और एक नोट पांच सौ रुपये का था। बैंक मैनेजर 12 हजार और दलाल पांच सौ रुपये लेकर अपने पॉकेट में रख लिए। तभी सीबीआई टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दोनों का हाथ धुलने पर पानी का रंग लाल हो गया। उसके बाद सीबीआई टीम ने दोनों का पैंट उतार कर लैब भेजने के लिए ले लिया। सीबीआई टीम के इंस्पेक्टर आरके तिवारी और ब्रजेश राय ने बताया कि 22 नवंबर को शिकायत मिली थी कि बैंक में लोन देने के नाम पर घूस की मांग की जा रही है। जांच करने पर मामला सही पाया गया। बैंक मैनेजर शैलेश तिवारी और दलाल सुदर्शन को गिरफ्तार किया गया है। इनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई टीम में राजुल गर्ग, सभाजीत चौहान, संतोष कुमार और कुछ अन्य लोग शामिल रहे। देर रात तक बैंक की शाखा में ही पूछताछ चलती रही।
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