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नौकरी नहीं मिलने पर एकाउंटेंट के बेटे ने लगाई फांसी
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:00 PM IST
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देवरिया। नौकरी नहीं मिलने से परेशान कैशियर का बेटा बंद कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। देर रात को आवाज देने के बाद कोई जवाब नहीं मिला तो इसकी जानकारी घरवालों को हुई।
रामगुलाम टोला निवासी चंद्रिका प्रसाद का छोटा बेटा मनोज गुप्ता बंगलुरु से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली में तैयारी करता था। बड़ा भाई राकेश गुप्ता अमेरिका में इंजीनियर है और पिता रामपुर कारखाना ब्लॉक में कैशियर हैं। एक माह से मनोज घर पर रह रहा था। रक्षाबंधन पर मनोज को सलेमपुर बहन रानी से राखी बंधवाने जाना था। उसने रविवार को बहन से बात भी की थी। देर रात को घरवालों ने देखा तो कमरे के अंदर छत की कुंडी से उसकी लाश लटक रही है। यह देख घर में चीख-पुकार मच गई और मोहल्लेवालों की भीड़ जुट गई। इसकी सूचना किसी ने पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। दबी जुबान लोगों ने बताया कि युवक नौकरी नहीं मिलने से चिंतित रहता था। कोतवाल नीतिश श्रीवास्तव ने बताया कि नौकरी नहीं मिलने से युवक परेशान था।
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रामगुलाम टोला निवासी चंद्रिका प्रसाद का छोटा बेटा मनोज गुप्ता बंगलुरु से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली में तैयारी करता था। बड़ा भाई राकेश गुप्ता अमेरिका में इंजीनियर है और पिता रामपुर कारखाना ब्लॉक में कैशियर हैं। एक माह से मनोज घर पर रह रहा था। रक्षाबंधन पर मनोज को सलेमपुर बहन रानी से राखी बंधवाने जाना था। उसने रविवार को बहन से बात भी की थी। देर रात को घरवालों ने देखा तो कमरे के अंदर छत की कुंडी से उसकी लाश लटक रही है। यह देख घर में चीख-पुकार मच गई और मोहल्लेवालों की भीड़ जुट गई। इसकी सूचना किसी ने पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। दबी जुबान लोगों ने बताया कि युवक नौकरी नहीं मिलने से चिंतित रहता था। कोतवाल नीतिश श्रीवास्तव ने बताया कि नौकरी नहीं मिलने से युवक परेशान था।
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