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सदर एसडीएम और कोतवाल पर दर्ज हो हत्या का केस
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:35 PM IST
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देवरिया। सरौरा चौराहे पर हनुमान मंदिर के पास जिस जमीन को लेकर खूनी संघर्ष हुआ, उसके जिम्मेदार सदर एसडीएम और कोतवाल हैं। ऐसा गुस्से में चूर गांववालों का आरोप है। यही वजह रही कि घटना के शुरुआती दौर से अंत तक सदर एसडीएम गांववालों के सामने जाने से बचते रहे। इसकी चर्चा आम लोगों के अलावा विभागीय जिम्मेदारों में रही।
तीन दिनों से जनपद में घटना का केंद्र बिंदु रहा सरौरा गांव सोमवार को भी पुलिस छावनी में तब्दील रहा। अपनी मांगों की जिद पर अड़े गांववालों से डीएम और एसपी के अलावा बरहज के एसडीएम अरुण सिंह और सीओ वरुण मिश्र, सीओ संदीप सिंह कई बार वार्ता का प्रयास किए, लेकिन सदर एसडीएम राकेश सिंह गांववालों के सामने नहीं गए। गांववाले सदर एसडीएम पर जमीन का सीमांकन नहीं करने और विवाद का बढ़ावा देने का सीधा आरोप लगा रहे थे। सदर कोतवाली नीतिश श्रीवास्तव पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। गांववालों ने दोनों पर केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। खानापूर्ति के तौर पर सदर कोतवाली को आईजी ने निलंबित किया है। लेकिन सदर एसडीएम पर अभी तक कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
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तीन दिनों से जनपद में घटना का केंद्र बिंदु रहा सरौरा गांव सोमवार को भी पुलिस छावनी में तब्दील रहा। अपनी मांगों की जिद पर अड़े गांववालों से डीएम और एसपी के अलावा बरहज के एसडीएम अरुण सिंह और सीओ वरुण मिश्र, सीओ संदीप सिंह कई बार वार्ता का प्रयास किए, लेकिन सदर एसडीएम राकेश सिंह गांववालों के सामने नहीं गए। गांववाले सदर एसडीएम पर जमीन का सीमांकन नहीं करने और विवाद का बढ़ावा देने का सीधा आरोप लगा रहे थे। सदर कोतवाली नीतिश श्रीवास्तव पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। गांववालों ने दोनों पर केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। खानापूर्ति के तौर पर सदर कोतवाली को आईजी ने निलंबित किया है। लेकिन सदर एसडीएम पर अभी तक कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
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