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Deoria News: 58 माह की देरी, फिर भी 48 किमी सड़क अधूरी
Tue, 21 Mar 2023 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 21 Mar 2023 11:47 PM IST
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भटवलिया चौराहे से लेकर रूद्रपुर के बीच अधूरा पडा फोरलेन।संवाद
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देवरिया से बलिया तक बनने वाली सड़क के शहर के कई हिस्सों में निर्माण अधूरा है, जाम लगने की वजह से लोगों में हादसे का खतरा बना हुआ है
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर से गुजरने वाला फोरलेन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण 58 माह की देरी के बाद भी अधूरा है। देवरिया से बलिया जाने वाले मार्ग का हाल यह है कि शहर में दो लेन ही बनाकर छोड़ दिया गया है। इसे जनपद की सीमा में 48 किलोमीटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग को कराना है। सड़क अधूरी होने की वजह से जाम भी लग रहा है। वहीं बिजली के पोल शिफ्ट न होने के कारण खंभे जगह-जगह खड़े हैं। इससे हादसे भी हो रहे हैं।
सोनौली, नौतनवां, गोरखपुर, देवरिया, बलिया राज्य मार्ग के फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 2016 में शासन ने हरी झंडी दी थी। इसमें जनपद की सीमा में 48 किलोमीटर सड़क का हिस्सा आता है। इसमें देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर गौरी बाजार के खरोह चौराहे से मुसैला तक 29 किमी सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड को कराना है। जबकि मुसैला से सलेमपुर तक 19 किलोमीटर तक निर्माण लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड को करना है। फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 407.19 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध हो चुकी है। इसका निर्माण 2016 मई में शुरू हो गया, जिसे 2018 मई में पूरा हो जाना चाहिए था। पर कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण यह सड़क 58 माह बाद पूरी नहीं हो पाई है। हालत यह है कि जिम्मेदार अफसरों के सामने ही सड़क को जैसे-तैसे शहर में बनाकर छोड़ दिया गया है। शहर के रामनाथ देवरिया मोड़ से रुद्रपुर मोड़ तक टू लेन ही सड़क बनाई गई है। इसमें एक जगह पूर्वी लेन केवल एक लेन सड़क है। इसके कारण अक्सर यहां जाम लगता है। महिला थाने के पास से रुद्रपुर मोड़ तक बिजली के पोल शिफ्ट न होने के कारण लोगों में हादसे का भय बना रहता है। इसी तरह मुसैला से सलेमपुर के बीच में सड़क का निर्माण अधूरा है। अभी तक यह सड़क महज 32 किलोमीटर पूरा होने का दावा किया जा रहा है। पर सच यह है कि कई जगहों पर सड़क अभी अधूरी है।
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एक नजर
- 2016 में शासन से मंजूरी मिली
- मई 2018 में काम पूरा हो जाना चाहिए था।
- 407.19 करोड़ रुपये का बजट।
- जनपद में 48 किलोमीटर है।
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स्लैब भी नहीं डाला, हो चुका है हादसा
देवरिया। फोरलेन सड़क निर्माण कराने के बाद शहर में बड़े नालों पर स्लैब डालने की जिम्मेदारी भी कार्यदायी संस्था की है। पर सिविल लाइंस में अभी बड़े नाले पर जगह-जगह स्लैब नहीं डाले गए हैं। वहीं नालों की मिट्टी सड़क पर फैली है। इसके कारण पिछले साल विकास भवन के पास रात के समय एक पांच साल की बालिका की नाले में गिरकर मौत हो गई थी।
पटरी बनी नहीं, कई जगह डाली गई है मिट्टी, बालू
देवरिया। शहर में पटरी का भी निर्माण नहीं कराया गया है। इस कारण महिला थाने के पास से रुद्रपुर मोड़ तक हल्की बारिश में कीचड़ हो जाता है। इन जगहों पर लोग बालू, गिट्टी, मिट्टी आदि डालकर छोड़ देते हैं। इससे राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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लग रहा जाम, सता रहा हादसे का भय
शहर के आधा-अधूरा होने के कारण बस स्टेशन के पास से रुद्रपुर मोड़ तक जगह-जगह जाम लगता है। क्योंकि यहां पर सड़क दो लेन है। इतना ही नहीं इसके कारण महिला थाना, रुद्रपुर मोड़, रामनाथ देवरिया, भटवलिया के पास चार साल के भीतर महिला सहित पांच लोगों की वाहनों की चपेट में आने से जान जा चुकी है।
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फोरलेन मार्ग से हर रोज 50 से 60 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इसमें से लोक निर्माण विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मार्ग से करीब 30 से 35 हजार चारपहिया वाहन गुजरते हैं, जो गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, कुशीनगर सहित अन्य जनपदों के साथ ही बिहार, बंगाल, झारखंड, असम को जाते हैं।
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कोट
सड़क निर्माण कराने वाली फर्म पर जुर्माना लगाया गया है। नोटिस दिया गया है। जवाब में उसने काम पूरा करने को कहा है। पोल शिफ्ट कराने के लिए बिजली निगम को एक बार फिर से पत्र भेजा गया है।
राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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सड़क पर पानी जमा होने की वजह से शाम होने के बाद बाइक सवार फुटपाथ न होने के कारण गिरकर घायल हो जाते है। कई जगह पानी लगने से पैदल और बाइक सवारों के कपड़ों पर गंदा पानी पड़ जाता है।
गुड्डू, रुद्रपुर मोड़ निवासी
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हल्की बारिश में सड़क किनारे फुटपाथ न बनने की वजह से पानी लग जाता है। जिससे आने-जाने में दिक्कत होती है। दुकान के सामने अक्सर जाम लग जाता है।
राम ईश्वर शर्मा, दुकानदार
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर से गुजरने वाला फोरलेन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण 58 माह की देरी के बाद भी अधूरा है। देवरिया से बलिया जाने वाले मार्ग का हाल यह है कि शहर में दो लेन ही बनाकर छोड़ दिया गया है। इसे जनपद की सीमा में 48 किलोमीटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग को कराना है। सड़क अधूरी होने की वजह से जाम भी लग रहा है। वहीं बिजली के पोल शिफ्ट न होने के कारण खंभे जगह-जगह खड़े हैं। इससे हादसे भी हो रहे हैं।
सोनौली, नौतनवां, गोरखपुर, देवरिया, बलिया राज्य मार्ग के फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 2016 में शासन ने हरी झंडी दी थी। इसमें जनपद की सीमा में 48 किलोमीटर सड़क का हिस्सा आता है। इसमें देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर गौरी बाजार के खरोह चौराहे से मुसैला तक 29 किमी सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड को कराना है। जबकि मुसैला से सलेमपुर तक 19 किलोमीटर तक निर्माण लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड को करना है। फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 407.19 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध हो चुकी है। इसका निर्माण 2016 मई में शुरू हो गया, जिसे 2018 मई में पूरा हो जाना चाहिए था। पर कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण यह सड़क 58 माह बाद पूरी नहीं हो पाई है। हालत यह है कि जिम्मेदार अफसरों के सामने ही सड़क को जैसे-तैसे शहर में बनाकर छोड़ दिया गया है। शहर के रामनाथ देवरिया मोड़ से रुद्रपुर मोड़ तक टू लेन ही सड़क बनाई गई है। इसमें एक जगह पूर्वी लेन केवल एक लेन सड़क है। इसके कारण अक्सर यहां जाम लगता है। महिला थाने के पास से रुद्रपुर मोड़ तक बिजली के पोल शिफ्ट न होने के कारण लोगों में हादसे का भय बना रहता है। इसी तरह मुसैला से सलेमपुर के बीच में सड़क का निर्माण अधूरा है। अभी तक यह सड़क महज 32 किलोमीटर पूरा होने का दावा किया जा रहा है। पर सच यह है कि कई जगहों पर सड़क अभी अधूरी है।
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एक नजर
- 2016 में शासन से मंजूरी मिली
- मई 2018 में काम पूरा हो जाना चाहिए था।
- 407.19 करोड़ रुपये का बजट।
- जनपद में 48 किलोमीटर है।
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स्लैब भी नहीं डाला, हो चुका है हादसा
देवरिया। फोरलेन सड़क निर्माण कराने के बाद शहर में बड़े नालों पर स्लैब डालने की जिम्मेदारी भी कार्यदायी संस्था की है। पर सिविल लाइंस में अभी बड़े नाले पर जगह-जगह स्लैब नहीं डाले गए हैं। वहीं नालों की मिट्टी सड़क पर फैली है। इसके कारण पिछले साल विकास भवन के पास रात के समय एक पांच साल की बालिका की नाले में गिरकर मौत हो गई थी।
पटरी बनी नहीं, कई जगह डाली गई है मिट्टी, बालू
देवरिया। शहर में पटरी का भी निर्माण नहीं कराया गया है। इस कारण महिला थाने के पास से रुद्रपुर मोड़ तक हल्की बारिश में कीचड़ हो जाता है। इन जगहों पर लोग बालू, गिट्टी, मिट्टी आदि डालकर छोड़ देते हैं। इससे राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लग रहा जाम, सता रहा हादसे का भय
शहर के आधा-अधूरा होने के कारण बस स्टेशन के पास से रुद्रपुर मोड़ तक जगह-जगह जाम लगता है। क्योंकि यहां पर सड़क दो लेन है। इतना ही नहीं इसके कारण महिला थाना, रुद्रपुर मोड़, रामनाथ देवरिया, भटवलिया के पास चार साल के भीतर महिला सहित पांच लोगों की वाहनों की चपेट में आने से जान जा चुकी है।
फोरलेन मार्ग से हर रोज 50 से 60 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इसमें से लोक निर्माण विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मार्ग से करीब 30 से 35 हजार चारपहिया वाहन गुजरते हैं, जो गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, कुशीनगर सहित अन्य जनपदों के साथ ही बिहार, बंगाल, झारखंड, असम को जाते हैं।
कोट
सड़क निर्माण कराने वाली फर्म पर जुर्माना लगाया गया है। नोटिस दिया गया है। जवाब में उसने काम पूरा करने को कहा है। पोल शिफ्ट कराने के लिए बिजली निगम को एक बार फिर से पत्र भेजा गया है।
राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
सड़क पर पानी जमा होने की वजह से शाम होने के बाद बाइक सवार फुटपाथ न होने के कारण गिरकर घायल हो जाते है। कई जगह पानी लगने से पैदल और बाइक सवारों के कपड़ों पर गंदा पानी पड़ जाता है।
गुड्डू, रुद्रपुर मोड़ निवासी
हल्की बारिश में सड़क किनारे फुटपाथ न बनने की वजह से पानी लग जाता है। जिससे आने-जाने में दिक्कत होती है। दुकान के सामने अक्सर जाम लग जाता है।
राम ईश्वर शर्मा, दुकानदार