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राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए 54 टीबी मरीज

Mon, 30 May 2022 11:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 11:36 PM IST
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54 TB patient adopted
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए 54 टीबी मरीज
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देवरिया। जिले को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए हर रोज प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत नगर पालिका सभागार में सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह सहित वार्ड के सभासदों ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 54 टीबी रोगियों को गोद लिया। मरीजों को नि:क्षय पोषण योजना के लाभ के साथ भूना चना, सत्तू, सोयाबीन, गुड़, मूंगफली, बिस्किट आदि खाद्य पदार्थों के पैकेट दिए गएा। नगर पालिका अध्यक्ष ने सबसे अधिक 26 टीबी मरीजों को गोद लिया।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि टीबी कोई असाध्य बीमारी नहीं है। टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए अभियान तेज किया गया है। मरीजों की देखभाल के लिए उन्हें गोद लेने की योजना शुरू हुई है। इसमें कोई भी नागरिक एक या एक से अधिक मरीज को गोद लेकर उनकी देखभाल और मदद कर सकता है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि टीबी मरीजों को गोद लेने का उद्देश्य सिर्फ उपचार मुहैया कराना नहीं है, बल्कि मरीजों की मदद करना है। टीबी मरीजों के स्वास्थ्य का ख्याल रखना हमारी प्राथमिकता है। सही समय पर बीमारी का पता चल जाए तथा उन्हें सही उपचार और पोषण दिया जाए तो इलाज हो सकता है। उन्होंने कहा कि आसपास कोई भी टीबी का मरीज है तो उसे क्षय रोग केंद्र अवश्य ले जाएं। वहां उन्हें उचित इलाज दिया जाएगा। क्षय रोग को तपेदिक या टीबी भी कहा जाता है। इसे प्रारंभिक अवस्था में ही नहीं रोका गया तो यह जानलेवा साबित हो जाता है। इसलिए लक्षण महसूस होते ही इलाज शुरू हो जाना चाहिए। कहा कि जिले में वर्ष 2018 में 3523, वर्ष 2019 में 4401, वर्ष 2020 में 3603, वर्ष 2021 में 3894 टीबी, 2022 अबतक 1751 मरीज तलाशे गए हैं। टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग में सरकारी कर्मियों और स्वयंसेवी संस्थानों ने भी सहयोग किया है।
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एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने कहा कि टीबी का मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाता है। उसकी सही समय से पहचान हो और वह उचित दवा, उचित मात्रा में निर्धारित समय तक सेवन करे। कहा कि टीबी का लक्षण दिखते ही क्षेत्र की आशा, एएनएम से संपर्क कर व सीधे सरकारी अस्पताल जाकर जांच कराना चाहिए। रेडक्रास सोसाइटी के स्टेट वाइस चेयरमैन अखिलेंद्र शाही ने कहा कि गोंद लेने वाले को उपचार के दौरान माह में एक से दो बार मरीज के घर भ्रमण करना है। इसमें मरीज के हालचाल, उपचार और निक्षय पोषण योजना से संबंधित जानकारी लेनी है। इस दौरान रेडक्रास सोसाइटी के हिमांशु सिंह, टीबी विभाग से मांधाता सिंह, सुनील सिंह, रणजीत सिंह, अंकित सिंह, विश्वनाथ मल्ल सहित सभी वार्डों के सभासद मौजूद रहे।
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