फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   श्रमदान घोषित हुआ 43 लाख का काम, ठेकेदार पर होगा केस

श्रमदान घोषित हुआ 43 लाख का काम, ठेकेदार पर होगा केस

Fri, 26 Oct 2018 10:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया Updated Fri, 26 Oct 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
श्रमदान घोषित हुआ 43 लाख का काम, ठेकेदार पर होगा केस
construction work
देवरिया। रामपुर कारखाना नगर पंचायत में हुए अंडर ग्राउंड केबल बिछाने में व्यापक अनियमितता उजागर हुई है। एडीएम के नेतृत्व में गठित चार सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर करीब 45 लाख रुपये से हुए इस कार्य को डीएम ने श्रमदान घोषित कर दिया है। रामपुर कारखाना की ईओ को दोनों फर्मों को ब्लैक लिस्टेड करते हुए धन की रिकवरी और केस दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं। चेयरमैन, ईओ व जेई से भी स्पष्टीकरण तलब किया है।
विज्ञापन

पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान आदर्श नगर योजना के अंतर्गत स्ट्रीट लाइट के लिए अंडर ग्राउंड वायरिंग का कार्य स्वीकृत हुआ था। कुल 95.97 लाख रुपये की इस कार्ययोजना के प्रथम किश्त 47.98 लाख और द्वितीय किस्त के रूप में 25.38 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इस धन से सलेमपुर की गिरजा शंकर ईंट उद्योग व राघवनगर देवरिया के त्रिदेव कंस्ट्रक्शन ने काम कराया। कार्य के शुरुआती दौर में ही गड़बड़ी के आरोप लगे थे। शिकायत भी की गई, मगर सत्ताधारी दल के एक नेता की शह के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। अलबत्ता दोनों फर्मों को कुल 45.15 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। वार्ड नंबर 4 की सभासद ऊषा देवी ने अगस्त माह में इसकी शिकायत डीएम से की। उन्होंने आरोप लगाया था कि अंडर ग्राउंड केबल बिछाने की बजाय उसे 3-4 इंट मिट्टी में दबा दिया गया है। इससे बड़े हादसे का अंदेशा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एडीएम सीताराम गुप्ता के नेतृत्व में बिजली निगम के एक्सईएन, सुरक्षा इकाई के एक्सईएन व पीडब्ल्यूडी के अभियंता की चार सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम ने अलग-अलग वार्डों में जाकर कार्य का स्थलीय सत्यापन करते हुए जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी। जांच में कार्य के मानक के अनुरूप न होना पाते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग का उल्लेख किया गया था। दोनों फर्मों पर कार्रवाई की भी संस्तुति जांच टीम ने की थी। रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को डीएम अमित किशोर ने कार्य को श्रमदान घोषित करते हुए दोनों फर्मों के संचालक क्रमश: विमलेश राव व प्रदीप मिश्र से भुगतान किए गए 45.15 लाख रुपये की रिकवरी करते हुए केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में संबंधित ईओ, चेयरमैन व अवर अभियंता से स्पष्टीकरण तलब करते हुए कार्रवाई के लिए शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। दोनों फर्मों को तत्काल ब्लैक लिस्टेड भी कर दिया गया है।
विज्ञापन


सपा के एक जनप्रतिनिधि के करीबी हैं ठेकेदार
केबल बिछाने में जिन संस्थाओं को अनियमितता का दोषी पाया गया है, उनकी सपा के एक जनप्रतिनिधि से बेहद नजदीकी रही है। पूर्ववर्ती सरकार में होने वाले हर बड़े कार्य का ठेका उसे ही मिलता रहा। इन्हीं संबंधों का असर था कि सदस्यों व लोगों की बार-बार शिकायत को नजरंदाज कर उन्हें भुगतान कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed