{"_id":"5bd34ab7bdec226d0679c931","slug":"51540573879-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल हुए 90 सदस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल हुए 90 सदस्य
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Fri, 26 Oct 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
सदर ब्लॉक पर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल हुए 90 सदस्य
फोटो-
---
- चर्चा के बाद मतदान में लिया हिस्सा, सील कर कोर्ट भेजी गई मतपेटी
- 13 को हाईकोर्ट में होगा सदर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सदर ब्लॉक प्रमुख पूनम देवी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को चर्चा हुई। ब्लॉक सभागार में चर्चा के दौरान पूरे दिन गहमागहमी रही। कुल 114 सदस्यों में से 90 ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखा। इसके बाद मतदान में हिस्सा लिया। हाईकोर्ट के निर्देश पर मतपेटी को सील कर दिया गया है। 13 नवंबर को कोर्ट में इसकी गणना और परिणाम की घोषणा होगी। इस दौरान प्रमुख खेमा अनुपस्थित रहा।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सदर ब्लॉक प्रमुख पद पर वर्ष 2016 में हुए चुनाव में सपा के समर्थन से पूनम देवी निर्वाचित हुई थीं। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद उनके तख्तापलट में विरोधी खेमा जुट गया था। रामप्यारे उर्फ डॉक्टर के नेतृत्व में 74 सदस्यों ने जुलाई 2017 में तत्कालीन डीएम से मिलकर प्रार्थना पत्र सौंपा था। इस पर चर्चा के लिए 11 सितंबर की तारीख तय हुई थी। इससे पहले ही प्रमुख ने हाईकोर्ट से स्टे प्राप्त कर लिया। दूसरे पक्ष ने भी कोर्ट में अपील दायर कर स्टे को खारिज कराया तो प्रमुख खेमा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। कोर्ट के निर्देश पर जिला प्रशासन ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तिथि तय की थी। शुक्रवार को सुबह से ही ब्लाक परिसर में सदस्यों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। बतौर मजिस्ट्रेट नियुक्त सदर एसडीएम रामकेश यादव की देखरेख में सुबह 11 बजे से चर्चा शुरू हुई। बैठक में 114 सदस्यों में से 90 ने हिस्सा लिया। प्रमुख समेत उनके समर्थक सदस्य अनुपस्थित रहे। दोपहर एक बजे तक चर्चा के बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। शाम साढ़े चार बजे सभी वोट पडने के बाद मतपेटी को सील कर दिया गया। डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि मतपेटी को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। 13 नवंबर को कोर्ट के समक्ष गणना कर परिणाम घोषित होगा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान संतोष कुमार, राजन सिंह, ओमप्रकाश मिश्र, डॉ. प्रदीप, अजहरुद्दीन, पूनम गिरी, बिंदू मणि, भानमति, कालिंदी देवी, भारतेंदु सिंह, बंटी मल्ल आदि मौजूद रहे।
देसही में भी फूंका अविश्वास का बिगुल
देवरिया। सदर ब्लॉक में चल रही अविश्वास की कवायद के बीच देसही देवरिया ब्लाक में प्रमुख को पद से हटाने का बिगुल बज गया है। शुक्रवार को श्रवण सिंह, अनिल सिंह, फत्ते मुहम्मद, धीरेंद्र दुबे, श्रवण यादव आदि सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को पत्र प्रेषित किया। ब्लाक प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रमुख अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम नहीं है, लिहाजा अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए उन्हें हटाया जाना चाहिए। डीएम ने सभी तथ्यों के अवलोकन के बाद कार्रवाई की बात कही। सदस्यों ने बताया कि वह शनिवार को फिर डीएम से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-
---
- चर्चा के बाद मतदान में लिया हिस्सा, सील कर कोर्ट भेजी गई मतपेटी
- 13 को हाईकोर्ट में होगा सदर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सदर ब्लॉक प्रमुख पूनम देवी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को चर्चा हुई। ब्लॉक सभागार में चर्चा के दौरान पूरे दिन गहमागहमी रही। कुल 114 सदस्यों में से 90 ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखा। इसके बाद मतदान में हिस्सा लिया। हाईकोर्ट के निर्देश पर मतपेटी को सील कर दिया गया है। 13 नवंबर को कोर्ट में इसकी गणना और परिणाम की घोषणा होगी। इस दौरान प्रमुख खेमा अनुपस्थित रहा।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सदर ब्लॉक प्रमुख पद पर वर्ष 2016 में हुए चुनाव में सपा के समर्थन से पूनम देवी निर्वाचित हुई थीं। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद उनके तख्तापलट में विरोधी खेमा जुट गया था। रामप्यारे उर्फ डॉक्टर के नेतृत्व में 74 सदस्यों ने जुलाई 2017 में तत्कालीन डीएम से मिलकर प्रार्थना पत्र सौंपा था। इस पर चर्चा के लिए 11 सितंबर की तारीख तय हुई थी। इससे पहले ही प्रमुख ने हाईकोर्ट से स्टे प्राप्त कर लिया। दूसरे पक्ष ने भी कोर्ट में अपील दायर कर स्टे को खारिज कराया तो प्रमुख खेमा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। कोर्ट के निर्देश पर जिला प्रशासन ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तिथि तय की थी। शुक्रवार को सुबह से ही ब्लाक परिसर में सदस्यों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। बतौर मजिस्ट्रेट नियुक्त सदर एसडीएम रामकेश यादव की देखरेख में सुबह 11 बजे से चर्चा शुरू हुई। बैठक में 114 सदस्यों में से 90 ने हिस्सा लिया। प्रमुख समेत उनके समर्थक सदस्य अनुपस्थित रहे। दोपहर एक बजे तक चर्चा के बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। शाम साढ़े चार बजे सभी वोट पडने के बाद मतपेटी को सील कर दिया गया। डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि मतपेटी को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। 13 नवंबर को कोर्ट के समक्ष गणना कर परिणाम घोषित होगा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान संतोष कुमार, राजन सिंह, ओमप्रकाश मिश्र, डॉ. प्रदीप, अजहरुद्दीन, पूनम गिरी, बिंदू मणि, भानमति, कालिंदी देवी, भारतेंदु सिंह, बंटी मल्ल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
देसही में भी फूंका अविश्वास का बिगुल
देवरिया। सदर ब्लॉक में चल रही अविश्वास की कवायद के बीच देसही देवरिया ब्लाक में प्रमुख को पद से हटाने का बिगुल बज गया है। शुक्रवार को श्रवण सिंह, अनिल सिंह, फत्ते मुहम्मद, धीरेंद्र दुबे, श्रवण यादव आदि सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को पत्र प्रेषित किया। ब्लाक प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रमुख अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम नहीं है, लिहाजा अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए उन्हें हटाया जाना चाहिए। डीएम ने सभी तथ्यों के अवलोकन के बाद कार्रवाई की बात कही। सदस्यों ने बताया कि वह शनिवार को फिर डीएम से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन