{"_id":"5b6dc6444f1c1b764d8b79dd","slug":"51533920836-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अघोषित कटौती से उपभोक्ता हलकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अघोषित कटौती से उपभोक्ता हलकान
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुखुंदू। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। ऐसे में बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। दिन में पांच से सात घंटे तक हो रही कटौती से लोगों में आक्रोश है। बिजली के आने-जाने का टाइम भी लोगों को पता नहीं है। ऐसे में गांवों में 18 से 20 घंटे आपूर्ति का सरकारी दावा खोखला साबित हो रहा है।
विद्युत उपकेंद्र खुखुंदू से बैदौली, सोनबरसा और गड़ेर तीन फीडर को आपूर्ति की जा रही है। तीनों फीडरों से खुखुंदू, मुसैला, बड़हरा, परसिया भंडारी, सिसई, रजवल, सिसवा, एकडंगा, बरसात, बभनी पांडेय, बैरौना, गड़ेर और बीरपुर कस्बा सहित तकरीबन तीन सौ से अधिक गांवों की आपूर्ति की जा रही है। क्षेत्र में लगे विद्युत पोल और तार जर्जर होने से एक तरफ आपूर्ति में कठिनाई हो रही है तो दूसरी तरफ मेन सप्लाई घंटों गुल है। ऐसे में उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। मेन सप्लाई दिन में 11 बजे कटती है तो शाम चार बजे या फिर छह बजे शाम को बहाल होती है। कटौती का यह सिलसिला रूटीन में चल रहा है। इसके अलावा रात में एक से दो घंटा और ब्रेक डाउन की कटौती अलग है। लगातार पांच से सात घंटे तक कटौती से आपूर्ति लड़खड़ा गई है। लोगों का कहना है कि एक ही बार लंबी कटौती की बजाय कई बार में की जाए तो थोड़ी राहत है। जेई राजकुमार राम ने कहा कि अभी यहां नई तैनाती हुई है। उच्चाधिकारियों से बात कर लगातार घंटों हो रही कटौती में सुधार कराया जाएगा।
विज्ञापन
विद्युत उपकेंद्र खुखुंदू से बैदौली, सोनबरसा और गड़ेर तीन फीडर को आपूर्ति की जा रही है। तीनों फीडरों से खुखुंदू, मुसैला, बड़हरा, परसिया भंडारी, सिसई, रजवल, सिसवा, एकडंगा, बरसात, बभनी पांडेय, बैरौना, गड़ेर और बीरपुर कस्बा सहित तकरीबन तीन सौ से अधिक गांवों की आपूर्ति की जा रही है। क्षेत्र में लगे विद्युत पोल और तार जर्जर होने से एक तरफ आपूर्ति में कठिनाई हो रही है तो दूसरी तरफ मेन सप्लाई घंटों गुल है। ऐसे में उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। मेन सप्लाई दिन में 11 बजे कटती है तो शाम चार बजे या फिर छह बजे शाम को बहाल होती है। कटौती का यह सिलसिला रूटीन में चल रहा है। इसके अलावा रात में एक से दो घंटा और ब्रेक डाउन की कटौती अलग है। लगातार पांच से सात घंटे तक कटौती से आपूर्ति लड़खड़ा गई है। लोगों का कहना है कि एक ही बार लंबी कटौती की बजाय कई बार में की जाए तो थोड़ी राहत है। जेई राजकुमार राम ने कहा कि अभी यहां नई तैनाती हुई है। उच्चाधिकारियों से बात कर लगातार घंटों हो रही कटौती में सुधार कराया जाएगा।
विज्ञापन