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आंधी का कहर:पोल और तार हुए क्षतिग्रस्त
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:39 PM IST
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आंधी में से उजड़ा टीनशेड
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। शुक्रवार की शाम अचानक आई आंधी ने बिजली आपूर्ति को ठप कर दी। इससे शहरवासियों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। तार और पोल टूटने के कारण शनिवार को दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। पानी के लिए लोगों को सबसे अधिक परेशानी हुई।
शुक्रवार की शाम को आंधी आने से तार और पोल क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली कर्मियों के प्रयास के बाद भी रात को आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। भटवलिया, रामलीला मैदान, पुरवा चौराहा समेत चार विद्युत उपकेंद्रों से शहर में बिजली की आपूर्ति होती है। आंधी के चलते उमानगर के शहीद स्मारक गेट, पोस्टमार्टम चौराहा, रामनाथ देवरिया में बिजली का हाईटेंशन पोल गिर गया। हनुमान मंदिर, मालगोदाम समेत कई स्थानों पर बिजली के तार पर पेड़ गिर गए। कतरारी 132 केबीए बिजलीघर से भटवलिया विद्युत उपकेंद्र पर आने वाली मुख्य लाइन के तार पर पेड़ गिर गया। बिजली नहीं मिलने से परेशान शहरवासियों ने जेई और एसडीओ के सीयूजी मोबाइल नंबर पर फोन लगाने की कोशिश की लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ होने से संपर्क नहीं हो सका। शनिवार को भी कई फीडरों का ब्रेक डाउन रहा। इसे ठीक करने के लिए कर्मचारी पेट्रोलिंग कर रहे हैं। एक्सईएन संतोष कुमार ने बताया कि आंधी के चलते दर्जनों स्थानों पर तार और पोल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। वहीं, शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में आंधी ने कहर बरपाया। गांवों में हवा की रफ्तार तेज होने के कारण अधिकांश बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
इन मोहल्लों में आपूर्ति रही ठप
न्यू कॉलोनी, उमानगर, राघवनगर, नेहरू नगर, चकियवा, गरुणपार, लकड़ी हट्टा, कचहरी, रामनाथ देवरिया, सिंघी मिल कॉलोनी, मालवीय रोड, रेलवे स्टेशन रोड, मोतीलाल रोड, कोतवाली रोड, नाथनगर समेत पूरे शहर की बिजली रात को ठप रही।
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बहिष्कार के बावजूद किया काम
बिजली कर्मचारी निजीकरण को लेकर आंदोलन पर हैं और कार्य बहिष्कार किए हैं। लेकिन अचानक शहर की बत्ती गुल हुई तो लोग परेशान हो गए और कर्मचारियों पर आपूर्ति बहाल करने के लिए दबाव डालने लगे। इसको देखते हुए कर्मचारियों ने रात को खराबी दूर करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली।
डीएम के निर्देश पर ठीक हुई बिजली
भटवलिया विद्युत उपकेंद्र से जिला अस्पताल की आपूर्ति मिलती है। आंधी के कारण रात से ही जिला अस्पताल में लो वोल्टेज की समस्या थी। इस कारण एक्सरे और कई जांच मरीजों का नहीं हो सका। दोपहर में डीएम निरीक्षण करने पहुंचे तो इसकी जानकारी हुई। एक्सईएन को फोन कर डीएम ने अस्पताल की बिजली ठीक करने का निर्देश दिया।
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शुक्रवार की शाम को आंधी आने से तार और पोल क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली कर्मियों के प्रयास के बाद भी रात को आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। भटवलिया, रामलीला मैदान, पुरवा चौराहा समेत चार विद्युत उपकेंद्रों से शहर में बिजली की आपूर्ति होती है। आंधी के चलते उमानगर के शहीद स्मारक गेट, पोस्टमार्टम चौराहा, रामनाथ देवरिया में बिजली का हाईटेंशन पोल गिर गया। हनुमान मंदिर, मालगोदाम समेत कई स्थानों पर बिजली के तार पर पेड़ गिर गए। कतरारी 132 केबीए बिजलीघर से भटवलिया विद्युत उपकेंद्र पर आने वाली मुख्य लाइन के तार पर पेड़ गिर गया। बिजली नहीं मिलने से परेशान शहरवासियों ने जेई और एसडीओ के सीयूजी मोबाइल नंबर पर फोन लगाने की कोशिश की लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ होने से संपर्क नहीं हो सका। शनिवार को भी कई फीडरों का ब्रेक डाउन रहा। इसे ठीक करने के लिए कर्मचारी पेट्रोलिंग कर रहे हैं। एक्सईएन संतोष कुमार ने बताया कि आंधी के चलते दर्जनों स्थानों पर तार और पोल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। वहीं, शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में आंधी ने कहर बरपाया। गांवों में हवा की रफ्तार तेज होने के कारण अधिकांश बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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इन मोहल्लों में आपूर्ति रही ठप
न्यू कॉलोनी, उमानगर, राघवनगर, नेहरू नगर, चकियवा, गरुणपार, लकड़ी हट्टा, कचहरी, रामनाथ देवरिया, सिंघी मिल कॉलोनी, मालवीय रोड, रेलवे स्टेशन रोड, मोतीलाल रोड, कोतवाली रोड, नाथनगर समेत पूरे शहर की बिजली रात को ठप रही।
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बहिष्कार के बावजूद किया काम
बिजली कर्मचारी निजीकरण को लेकर आंदोलन पर हैं और कार्य बहिष्कार किए हैं। लेकिन अचानक शहर की बत्ती गुल हुई तो लोग परेशान हो गए और कर्मचारियों पर आपूर्ति बहाल करने के लिए दबाव डालने लगे। इसको देखते हुए कर्मचारियों ने रात को खराबी दूर करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली।
डीएम के निर्देश पर ठीक हुई बिजली
भटवलिया विद्युत उपकेंद्र से जिला अस्पताल की आपूर्ति मिलती है। आंधी के कारण रात से ही जिला अस्पताल में लो वोल्टेज की समस्या थी। इस कारण एक्सरे और कई जांच मरीजों का नहीं हो सका। दोपहर में डीएम निरीक्षण करने पहुंचे तो इसकी जानकारी हुई। एक्सईएन को फोन कर डीएम ने अस्पताल की बिजली ठीक करने का निर्देश दिया।