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खतरे के निशान पर पहुंची घाघरा, दहशत
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:31 PM IST
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बरहज। एक पखवारे से हो रही झमाझम बारिश से रोजाना 25-30 सेंटीमीटर जलस्तर के इजाफा से घाघरा खतरे के निशान पर पहुंच गई है। इससे लोगों में दहशत है।
करीब दो सालों से बाढ़ की स्थिति न होने के कारण विभाग काफी लापरवाह था। अचानक घाघरा के करवट लेने से विभाग हलकान हो गया है। बुधवार को जहाज घाट पर लगे बाढ़ मापक गेज पर बने खतरे के निशान 66.50 मीटर पर घाघरा बह रही है। घाघरा सहित क्षेत्र की अन्य नदियों में आए उफान से लोग सहमें हुए हैं। कटइलवा गांव के समीप और भागलपुर के देवसियां गांव के अपर स्टीम की ओर तथा कपरवार के संगम तट पर कटान कर रही है।
करीब छह माह पूर्व कपरवार के संगम तट पर घाघरा कृषि भूमि को बेरहमी से आगोश में ले रही थी। प्रशासन स्टीमेट भेजने और धन अवमुक्त न होने का रोना रो रहा था। सोमवार की रात कटइलवा के मुखलाल, जवाहिर, पारस, छांगुर के घर के समीप से होकर गांव में जाने वाली करीब 10 मीटर इंटरलाकिंग सड़क नदी की धारा में आधे से अधिक विलीन हो गई। बुधवार को बचाव कार्य में सहायक अधिशासी अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी, जेई नागेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा कटान स्थली पर बम्बो क्रेट, जिओ बैग आदि डलवाकर कटान रोकने की कोशिश की जा रही थी।
इनसेट
प्रशासन अलर्ट
बरहज। घाघरा के खतरे के निशान पर पहुंचने पर प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व कर्मचारियों को रवाना कर दिया गया है।
बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के ल,िए प्रशासन ने नगर स्थित बाबा राघवदास भगवान दास पीजी कॉलेज, साधन सहकारी समिति पैना, प्राथमिक विद्यालय परसियां देवार, विशुनपुर देवार, सहकारी समिति महेन, कपरवार, मौना गढ़वा, श्री हनुमान विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बरांव, जूनियर हाईस्कूल मईल, बीजीएम इंटर कालेज भागलपुर, सतरांव इंटर कालेज सहित 11 बाढ़ चौकी बनाया है। बुधवार को खतरे के निशान घाघरा के जलस्तर को देख प्रशासन प्रत्येक चौकी पर दो-दो राजस्व कर्मियों की रवाना किया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि हो रही है। प्रशासन भी बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी मुकम्मल कर लिया है।
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करीब दो सालों से बाढ़ की स्थिति न होने के कारण विभाग काफी लापरवाह था। अचानक घाघरा के करवट लेने से विभाग हलकान हो गया है। बुधवार को जहाज घाट पर लगे बाढ़ मापक गेज पर बने खतरे के निशान 66.50 मीटर पर घाघरा बह रही है। घाघरा सहित क्षेत्र की अन्य नदियों में आए उफान से लोग सहमें हुए हैं। कटइलवा गांव के समीप और भागलपुर के देवसियां गांव के अपर स्टीम की ओर तथा कपरवार के संगम तट पर कटान कर रही है।
करीब छह माह पूर्व कपरवार के संगम तट पर घाघरा कृषि भूमि को बेरहमी से आगोश में ले रही थी। प्रशासन स्टीमेट भेजने और धन अवमुक्त न होने का रोना रो रहा था। सोमवार की रात कटइलवा के मुखलाल, जवाहिर, पारस, छांगुर के घर के समीप से होकर गांव में जाने वाली करीब 10 मीटर इंटरलाकिंग सड़क नदी की धारा में आधे से अधिक विलीन हो गई। बुधवार को बचाव कार्य में सहायक अधिशासी अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी, जेई नागेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा कटान स्थली पर बम्बो क्रेट, जिओ बैग आदि डलवाकर कटान रोकने की कोशिश की जा रही थी।
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प्रशासन अलर्ट
बरहज। घाघरा के खतरे के निशान पर पहुंचने पर प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व कर्मचारियों को रवाना कर दिया गया है।
बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के ल,िए प्रशासन ने नगर स्थित बाबा राघवदास भगवान दास पीजी कॉलेज, साधन सहकारी समिति पैना, प्राथमिक विद्यालय परसियां देवार, विशुनपुर देवार, सहकारी समिति महेन, कपरवार, मौना गढ़वा, श्री हनुमान विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बरांव, जूनियर हाईस्कूल मईल, बीजीएम इंटर कालेज भागलपुर, सतरांव इंटर कालेज सहित 11 बाढ़ चौकी बनाया है। बुधवार को खतरे के निशान घाघरा के जलस्तर को देख प्रशासन प्रत्येक चौकी पर दो-दो राजस्व कर्मियों की रवाना किया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि हो रही है। प्रशासन भी बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी मुकम्मल कर लिया है।
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