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चौथे दिन भी नहीं उठा कूड़ा, शहर में बढ़ा महामारी का खतरा
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दुकानों के सामने कूड़े के ढेर, भड़के व्यापारी
चौथे दिन भी नहीं उठा कूड़ा, नाक पर रुमाल रख आते-जाते रहे लोग
दुर्गंध से जीना दुश्वार, बढ़ा महामारी का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। डंपिंग ग्राउंड के विवाद में शहर के मोहल्लों से चौथे दिन भी कूड़ा नहीं हटाया गया। कई मोहल्लों में दुकानों के बाहर कूड़े के ढेर लगे रहे। मंदिर, अस्पताल के सामने भी घरों से एकत्रित कचरा उड़ेल दिया गया है। तेज धूप में दुर्गंध से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। नगरपालिका की मनमानी से दुकानदारों में आक्रोश है। दुकानों के बाहर कूड़ा होने से ग्राहक मुंह मोड़कर जा रहे। नतीजतन, दुकानों पर सन्नाटा रहा तो कुछ ने शटर ही नहीं खोला। उधर, नगर पालिका प्रशासन ने डंपिंग ग्राउंड की तलाश भी शुरू कर दी है। दिन भर अफसर भटकते रहे।
कूड़ा नहीं उठने से शहरवासी परेशान हैं। घरों में लोग धूप जलाकर धुआं कर रहे हैं, जिससे मक्खियों का प्रकोप कम हो सके। हालात ऐसे ही कुछ दिन और रहे तो शहर में संक्रमण फैलना तय है। इस आशंका से भयभीत लोग नगर पालिका को कोस रहे हैं तो वहीं, पालिका दुर्व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार मान रही है। बता दें कि रविवार को कुर्ना नाले के समीप बने अस्थायी डंपिंग ग्राउंड में आग लगने के बाद रेलवे और स्थानीय लोगों की आपत्ति पर प्रशासन ने नगर पालिका को वहां कूड़ा गिराने से मना कर दिया। इससे पहले विकल्प की तलाश नहीं की गई। रोजाना 75 टन कूड़ा शहर में जमा हो रहा है। इसे पालिका कर्मचारी जहां-तहां सड़कों पर जमा किए हुए हैं।
इनसेट
तीन दर्जन स्थानों पर लगा है कूड़े का अंबार
नगर पालिका ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में 35 स्थानों पर अस्थाई डंपिंग ग्राउंड बनाया है। यहां आस-पास के कूड़े एकत्र कर बड़े वाहनों से शहर से बाहर भेजा जाता है। कूड़ा न उठने से गरुणपार रोड, रामेश्वर लाल चौराहा, मालवीय रोड, कोतवाली रोड, कोऑपरेटिव चौराहा, पोस्टमार्टम चौराहा, सिविल लाइंस रोड, रुद्रपुर मोड़, महिला थाना, गोरखपुर रोड, न्यू कॉलोनी, हनुमान मंदिर आदि जगहों पर संक्रमण फैलने का खतरा है।
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प्रतिक्रिया
दुकान में भर जा रहीं मक्खियां
नगर पालिका ने यहां सड़क पर डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। पहले तो सुबह एक दो घंटे में कूड़ा उठा लेते थे, आज चार दिन से कूड़ा नहीं उठाया। दुकान खोलने पर मक्खियां भर जा रही हैं।
-मोहित मित्तल, व्यवसायी गरुणपार।
धंधा चौपट हो गया है
बीमारी बेचने से अच्छा है कि दुकान बंद रखा जाए। नगर पालिका को भले ही नगर वासियों की परवाह नहीं पर हमें अपने ग्राहकों की परवाह है। जबतक कूड़ा उठ नहीं जाता दुकान नहीं खोलेंगे।
-सतीश कुमार, व्यवसायी गरुणपार।
शिकायत नहीं सुनती नगर पालिका
दुकान के सामने नाले की दीवार धंस गई है। कचरा आकर यहां फंस जाता है। सामने रखा कूड़ा चार दिन से नहीं उठा। इसकी शिकायत नगर पालिका में की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
-मोहम्मद जाकिर, व्यवसायी मोतीलाल रोड।
कोट
कूड़ा रखने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। घर के भीतर और बाहर साफ-सफाई रखनी जरूरी है। कचरे से उत्पन्न होने वाली दुर्गंध लोगों को बीमार बनाती है। स्वच्छता अपनाने से लोग 70 प्रतिशत बीमारियों से मुक्त रह सकते हैं।
- डॉ. प्रवीण पांडेय, एमबीबीएस, जिला चिकित्सालय देवरिया।
कोट
कूड़ा निस्तारण का अस्थायी समाधान ढूंढ लिया गया है। गोरखपुर ओवरब्रिज के समीप नगर पालिका खुद की जमीन में फिलहाल कूड़ा गिराएगी। कूड़ा डंपिंग के लिए स्थायी विकल्प की तलाश की जा रही है।
-अलका सिंह, चेयरमैन नगर पालिका परिषद देवरिया।
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दुकानों के सामने कूड़े के ढेर, भड़के व्यापारी
चौथे दिन भी नहीं उठा कूड़ा, नाक पर रुमाल रख आते-जाते रहे लोग
दुर्गंध से जीना दुश्वार, बढ़ा महामारी का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। डंपिंग ग्राउंड के विवाद में शहर के मोहल्लों से चौथे दिन भी कूड़ा नहीं हटाया गया। कई मोहल्लों में दुकानों के बाहर कूड़े के ढेर लगे रहे। मंदिर, अस्पताल के सामने भी घरों से एकत्रित कचरा उड़ेल दिया गया है। तेज धूप में दुर्गंध से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। नगरपालिका की मनमानी से दुकानदारों में आक्रोश है। दुकानों के बाहर कूड़ा होने से ग्राहक मुंह मोड़कर जा रहे। नतीजतन, दुकानों पर सन्नाटा रहा तो कुछ ने शटर ही नहीं खोला। उधर, नगर पालिका प्रशासन ने डंपिंग ग्राउंड की तलाश भी शुरू कर दी है। दिन भर अफसर भटकते रहे।
कूड़ा नहीं उठने से शहरवासी परेशान हैं। घरों में लोग धूप जलाकर धुआं कर रहे हैं, जिससे मक्खियों का प्रकोप कम हो सके। हालात ऐसे ही कुछ दिन और रहे तो शहर में संक्रमण फैलना तय है। इस आशंका से भयभीत लोग नगर पालिका को कोस रहे हैं तो वहीं, पालिका दुर्व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार मान रही है। बता दें कि रविवार को कुर्ना नाले के समीप बने अस्थायी डंपिंग ग्राउंड में आग लगने के बाद रेलवे और स्थानीय लोगों की आपत्ति पर प्रशासन ने नगर पालिका को वहां कूड़ा गिराने से मना कर दिया। इससे पहले विकल्प की तलाश नहीं की गई। रोजाना 75 टन कूड़ा शहर में जमा हो रहा है। इसे पालिका कर्मचारी जहां-तहां सड़कों पर जमा किए हुए हैं।
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तीन दर्जन स्थानों पर लगा है कूड़े का अंबार
नगर पालिका ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में 35 स्थानों पर अस्थाई डंपिंग ग्राउंड बनाया है। यहां आस-पास के कूड़े एकत्र कर बड़े वाहनों से शहर से बाहर भेजा जाता है। कूड़ा न उठने से गरुणपार रोड, रामेश्वर लाल चौराहा, मालवीय रोड, कोतवाली रोड, कोऑपरेटिव चौराहा, पोस्टमार्टम चौराहा, सिविल लाइंस रोड, रुद्रपुर मोड़, महिला थाना, गोरखपुर रोड, न्यू कॉलोनी, हनुमान मंदिर आदि जगहों पर संक्रमण फैलने का खतरा है।
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दुकान में भर जा रहीं मक्खियां
नगर पालिका ने यहां सड़क पर डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। पहले तो सुबह एक दो घंटे में कूड़ा उठा लेते थे, आज चार दिन से कूड़ा नहीं उठाया। दुकान खोलने पर मक्खियां भर जा रही हैं।
-मोहित मित्तल, व्यवसायी गरुणपार।
धंधा चौपट हो गया है
बीमारी बेचने से अच्छा है कि दुकान बंद रखा जाए। नगर पालिका को भले ही नगर वासियों की परवाह नहीं पर हमें अपने ग्राहकों की परवाह है। जबतक कूड़ा उठ नहीं जाता दुकान नहीं खोलेंगे।
-सतीश कुमार, व्यवसायी गरुणपार।
शिकायत नहीं सुनती नगर पालिका
दुकान के सामने नाले की दीवार धंस गई है। कचरा आकर यहां फंस जाता है। सामने रखा कूड़ा चार दिन से नहीं उठा। इसकी शिकायत नगर पालिका में की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
-मोहम्मद जाकिर, व्यवसायी मोतीलाल रोड।
कोट
कूड़ा रखने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। घर के भीतर और बाहर साफ-सफाई रखनी जरूरी है। कचरे से उत्पन्न होने वाली दुर्गंध लोगों को बीमार बनाती है। स्वच्छता अपनाने से लोग 70 प्रतिशत बीमारियों से मुक्त रह सकते हैं।
- डॉ. प्रवीण पांडेय, एमबीबीएस, जिला चिकित्सालय देवरिया।
कोट
कूड़ा निस्तारण का अस्थायी समाधान ढूंढ लिया गया है। गोरखपुर ओवरब्रिज के समीप नगर पालिका खुद की जमीन में फिलहाल कूड़ा गिराएगी। कूड़ा डंपिंग के लिए स्थायी विकल्प की तलाश की जा रही है।
-अलका सिंह, चेयरमैन नगर पालिका परिषद देवरिया।