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जमीन चाहिए तो किसानों की शर्त पूरी करे प्रशासन
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जमीन चाहिए तो किसानों की शर्त माने प्रशासन
हथुआ-भटनी रेल परियोजना का मामला
डीएम से मिलकर किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने की वार्ता
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। प्रस्तावित हथुआ-भटनी रेल परियोजना से जुड़े किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात की। पांच सूत्री मांगपत्र सौंपते हुए उस पर सुनवाई की मांग की। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती, वह किसी भी हाल में परियोजना के लिए अपनी भूमि नहीं देंगे। डीएम ने शीघ्र ही इस मामले में समाधान का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि प्रस्तावित रेल लाइन से जिले के सलेमपुर व भाटपाररानी तहसील के हतवा नकहनी, तेनुआ, जिगिना मिश्र, रायबारी, पिपरा बिठ्ठल, घांटी, मायापुर, घांटी खास, चौरिया, बनकटा तिवारी, अमवां, सिंहपुर, धर्मखोर बाबू, इमिलिया गांव के करीब एक हजार किसान प्रभावित हैं। रेललाइन बहुफसली कृषि योग्य भूमि पर बिछाई जाएगी। किसानों के खेत दो टुकड़ों में बंट जाएंगे। खेतों की जुताई, बोआई व सिंचाई कार्य करना मुश्किल होगा। ऐसे में किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। इसे देखते हुए प्रभावित किसानों को वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की जरूरत है। भटनी-भाटपाररानी मार्ग पर तेनुआ गांव के सामने ऊपरगामी सेतु का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा भटनी-भिंगारी बाजार मार्ग पर मायापुर-अमवा के बीच ऊपरगामी सेतु, प्रभावित 14 गांवों में आने-जाने के लिए अंडरपास का निर्माण, प्रभावित किसानों के प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को योग्यतानुसार नौकरी, पिपरा विट्ठल (जंगली बाबा स्थान) और चखनी घाट पुल के पास हाल्ट स्टेशन का निर्माण कराया जाना चाहिए। इन मांगों पर विचार के बाद ही किसान अपनी जऱ्मीन देने पर सहमत होंगे। ऐसा नहीं होने पर परियोजना निरस्त करने की भी मांग की। वार्ता में डीएम ने आश्वस्त किया कि जल्द ही आमने-सामने की वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में मायापुर इमिलिया के प्रधान तारकेश्वर नाथ तिवारी, हरिनारायण सिंह, अशोक सिंह, हरिशंकर सिंह आदि किसान शामिल रहे।
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हथुआ-भटनी रेल परियोजना का मामला
डीएम से मिलकर किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने की वार्ता
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। प्रस्तावित हथुआ-भटनी रेल परियोजना से जुड़े किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात की। पांच सूत्री मांगपत्र सौंपते हुए उस पर सुनवाई की मांग की। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती, वह किसी भी हाल में परियोजना के लिए अपनी भूमि नहीं देंगे। डीएम ने शीघ्र ही इस मामले में समाधान का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि प्रस्तावित रेल लाइन से जिले के सलेमपुर व भाटपाररानी तहसील के हतवा नकहनी, तेनुआ, जिगिना मिश्र, रायबारी, पिपरा बिठ्ठल, घांटी, मायापुर, घांटी खास, चौरिया, बनकटा तिवारी, अमवां, सिंहपुर, धर्मखोर बाबू, इमिलिया गांव के करीब एक हजार किसान प्रभावित हैं। रेललाइन बहुफसली कृषि योग्य भूमि पर बिछाई जाएगी। किसानों के खेत दो टुकड़ों में बंट जाएंगे। खेतों की जुताई, बोआई व सिंचाई कार्य करना मुश्किल होगा। ऐसे में किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। इसे देखते हुए प्रभावित किसानों को वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की जरूरत है। भटनी-भाटपाररानी मार्ग पर तेनुआ गांव के सामने ऊपरगामी सेतु का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा भटनी-भिंगारी बाजार मार्ग पर मायापुर-अमवा के बीच ऊपरगामी सेतु, प्रभावित 14 गांवों में आने-जाने के लिए अंडरपास का निर्माण, प्रभावित किसानों के प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को योग्यतानुसार नौकरी, पिपरा विट्ठल (जंगली बाबा स्थान) और चखनी घाट पुल के पास हाल्ट स्टेशन का निर्माण कराया जाना चाहिए। इन मांगों पर विचार के बाद ही किसान अपनी जऱ्मीन देने पर सहमत होंगे। ऐसा नहीं होने पर परियोजना निरस्त करने की भी मांग की। वार्ता में डीएम ने आश्वस्त किया कि जल्द ही आमने-सामने की वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में मायापुर इमिलिया के प्रधान तारकेश्वर नाथ तिवारी, हरिनारायण सिंह, अशोक सिंह, हरिशंकर सिंह आदि किसान शामिल रहे।
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