फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   अटल को सुनने के लिए पहली बार भरा था जीआईसी का मैदान

अटल को सुनने के लिए पहली बार भरा था जीआईसी का मैदान

Thu, 16 Aug 2018 10:44 PM IST
Updated Thu, 16 Aug 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
अटल को सुनने के लिए पहली बार भरा था जीआईसी का मैदान
अटल को सुनने जीआईसी ग्राउंड में उमड़ा था हुजूम
विज्ञापन


अटल की सभा में पहली बार भरा था जीआईसी का मैदान
वर्ष 1984 में पहली बार जीआईसी मैदान में हुई थी राजनीतिक सभा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। वाक्या 1984 का है। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में पहली बार कोई राजनीतिक सभा होने जा रही थी। इससे पहले किसी अन्य नेता की यहां सभा नहीं हुई थी, क्योंकि डर था कि इतना बड़ा सभा स्थल नहीं भर पाएगा। अटल जी की सभा से पहले भी आयोजकों के मन में ऐसे ही चिंताएं-शंकाएं बनी हुई थीं। खैर, तय तिथि आई तो अचानक से लोगों का हुजूम उमड़ने लगा। दूरदराज से लोग अटल जी को सुनने के लिए आए। यह पहला अवसर था, जब जीआईसी का मैदान खचाखच भर गया था। अटल जी की शैली और ओजस्वी भाषण का हर कोई कायल हो गया था। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध मिश्र ने पुराने संस्मरणों को याद करते हुए बताया कि वर्ष 1986 में भी अटल जी जिले में आए थे। तब कसया से भागलपुर तक कुल आठ सभाएं की थी। उनके व्यक्तित्व की खास बात यह रही कि वह कार्यकर्ताओं से पूरी सहजता से मिलते थे। प्रधानमंत्री बनने से पहले तक वह सिर्फ कार्यकर्ताओं के यहां ही रुकते थे, उन्हीं के घर भोजन करते थे।

हमने अभिभावक खो दिया : कलराज
देवरिया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर सांसद कलराज मिश्र ने शोक जताते हुए कहा कि हमने अपना अभिभावक खो दिया। अटल जी के मार्गदर्शन में ही राजनीति सीखी और उन्हीं के आदर्शों पर जीते रहे हैं। जब भी कोई दुविधा होती थी, अटल जी से ही अपनी बात कहते थे। वह सहजता से उसका हल बता देते थे। उनके निधन से सिर्फ देश की राजनीति की नहीं, हमारी भी व्यक्तिगत क्षति हुई है। आज की राजनीतिक दौर में पूरी दुनिया में अटल जी जैसा नेता नहीं है। वह कुशल वक्ता होने के साथ-साथ कुशल संगठनकर्ता और वह दूरदर्शी भी थे।
विज्ञापन


जनता उन्हें सुनने को बेताब रहती थी
देवरिया। पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि का कहना है कि अटल जी से गहरा लगाव था। मेरे हर चुनाव में वह यहां प्रचार करने जरूर आए। सभाओं में वह भाषण देना बंद करते तो भी जनता उन्हें सुनने को बेताब रहती थी। राजनीति उन्हीं के साथ शुरू हुई थी और अब वहीं से खत्म हो रही हे। अटल जी ने उन्हें भरपूर मान-सम्मान दिया। महत्वपूर्ण विषयों पर हर बार पहले बोलने का मौका देते थे। स्टॉक एक्सचेंज घोटाले के बाद संयुक्त संसदीय समिति में उन्होंने जगह दी। अटल जी के निधन से गहरी क्षति हुई है। उधर, पूर्व राज्यसभा सांसद देवी प्रसाद सिंह ने कहा कि देश ने एक सच्चा देशभक्त, कुशल प्रशासक और अच्छे कवि को खो दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


निधन पर संगठनों ने जताया शोक
देवरिया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर विभिन्न संगठनों ने शोक सभा कर श्रद्धांजलि दी। हियुवा के कैंप कार्यालय पर हुई शोकसभा में जिला उपाध्यक्ष अमित मोदनवाल, अजय वर्मा, राजू वर्मा, बिट्टू मद्धेशिया, मोना गुप्ता, पवन जायसवाल, पुच्ची सर्राफ, दीपू यादव, बंटी तिवारी, विकास वर्मा, सिप्पू जायसवाल, कमलेश शर्मा, सौरभ त्रिपाठी, अर्जुन चौरसिया, शुभम मोदनवाल, धनेश पासवान, माखन विश्वकर्मा आदि रहे। भारतीय सर्वजन पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक निषाद की अध्यक्षता में शोकसभा की। इसमें संजय श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। अनंत आदर्श इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य शिवानंद नायक, कैप्टन जितेंद्र सिंह, माधव प्रसाद सिंह, डॉ. मिथिलेश सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य रमेश चंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed