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Deoria News: बैराज से आया 3.5 लाख क्यूसेक पानी, सरयू में उफान
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भागलपुर में बढ़ता सरयू का जलस्तर
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भागलपुर। पिछले चार दिन से लगातार घट रही सरयू नदी का जलस्तर शनिवार देर शाम शारदा और गिरजापुरी बैराज से करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नदी के जलस्तर में करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में फिर चिंता बढ़ गई है।
सरयू नदी पिछले सप्ताह लगातार पांच दिन बढ़त पर रही थी। तुर्तीपार में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इसके बाद बृहस्पतिवार से पानी घटना शुरू हुआ और शनिवार सुबह तक जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया था। शनिवार देर शाम बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद एक बार फिर जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शनिवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 63.60 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। रविवार शाम चार बजे जलस्तर 64.80 मीटर पहुंच गया। हालांकि, यह आंकड़ा शनिवार के मुकाबले 1.20 मीटर की वृद्धि दर्शाता है। आयोग के अनुसार, नदी का खतरे का निशान 64.01 मीटर है। ऐसे में रविवार शाम जलस्तर खतरे के निशान से 79 सेंटीमीटर ऊपर था। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि बांधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों को लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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केंद्रीय जल आयोग, तुर्तीपार के जेई राजेश राव ने बताया कि बैराजों से पानी छोड़े जाने और पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में जलस्तर में और वृद्धि होने का अनुमान है।
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सरयू नदी पिछले सप्ताह लगातार पांच दिन बढ़त पर रही थी। तुर्तीपार में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इसके बाद बृहस्पतिवार से पानी घटना शुरू हुआ और शनिवार सुबह तक जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया था। शनिवार देर शाम बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद एक बार फिर जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शनिवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 63.60 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। रविवार शाम चार बजे जलस्तर 64.80 मीटर पहुंच गया। हालांकि, यह आंकड़ा शनिवार के मुकाबले 1.20 मीटर की वृद्धि दर्शाता है। आयोग के अनुसार, नदी का खतरे का निशान 64.01 मीटर है। ऐसे में रविवार शाम जलस्तर खतरे के निशान से 79 सेंटीमीटर ऊपर था। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि बांधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों को लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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केंद्रीय जल आयोग, तुर्तीपार के जेई राजेश राव ने बताया कि बैराजों से पानी छोड़े जाने और पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में जलस्तर में और वृद्धि होने का अनुमान है।