{"_id":"5b0edae74f1c1bf66e8b5572","slug":"31527700199-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों में लटके ताले, हड़ताल पर रहे कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों में लटके ताले, हड़ताल पर रहे कर्मचारी
Updated Wed, 30 May 2018 11:02 PM IST
विज्ञापन
बैंक कर्मचारियो ने बाईक जुलूस निकाल कर विरोध जताया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। भारतीय बैंक संघ के दो प्रतिशत वेतन वृद्धि के प्रस्ताव सहित अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं के कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहे। इससे जनपद एवं शहर के सरकारी बैंकों में ताले लटके नजर आए। हड़ताल से इतर खुले निजी बैंकों को भी जबरन बंद करा दिया गया। बैंककर्मियों ने बाइक जुलूस निकाला। अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहेगी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले पंजाब नेशनल बैंक मुुख्य शाखा पर सुबह 10 बजे विभिन्न बैंकों के बैंककर्मी एकत्र हुए। सुबह 10 बजे यहीं से बाइक जुलूस की शुरुआत की, जो सुभाष चौक, कचहरी चौराहा, रुद्रपुर मोड़ होते हुए पुन: पीएनबी शाखा पर पहुंचकर समाप्त हुई। बैंककर्मियों ने शहर स्थित आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस, बंधन बैंक एवं अन्य प्राइवेट बैंकों की शाखाओं पर जाकर अपनी मांगों के लिए समर्थन मांगा और शाखाओं को बंद कराया। बाइक जुलूस समाप्त होने के बाद पीएनबी मुख्य शाखा पर हुई सभा में जिला मंत्री डीके गुप्ता ने कहा कि आईबीए अपनी मनमानी पर अड़ा हुआ है। पिछली बार वर्ष 2012 में वेतन वृद्धि 15 प्रतिशत हुई थी। इस बार केवल दो प्रतिशत की वृद्धि हास्यास्पद है। जब तक 25 प्रतिशत की वृद्धि नहीं होती संघर्ष जारी रहेगा। शाखा अध्यक्ष आरएन राय ने कहा कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते देश भर के बैंककमिर्यों ने दो दिन की हड़ताल पर जाने का फैसला किया। त्वरित एवं शीघ्र वेतन पुनरीक्षण समझौता करने, वेतन में पर्याप्त वृद्धि एवं सेवा शर्तों में सुधार, स्केल सातवां तक अधिकारियों के लिए वेतन पुनरीक्षण समझौता जब तक लागू नहीं हो जाता आंदोलन जारी रहेगा। मांगे पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। सभा को राकेश कुमार श्रीवास्तव, अच्छेलाल, अरविंद सिंह, धंनजय सिंह, तेजबहादुर ने संबोधित किया। बाइक जुलूस में आरके राव, प्रेम, शैलेष कुमार सिंह, सुशीला, मनीषा पाठक, विनय कुमार, राकेश, नीमज मिश्रा, आशुतोष रंजन, एचसी राय, जीत कुमार, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, भानू, सुजीत चतुर्वेदी, मनोज, धनंजय, श्याम बदन, रत्नाकर आदि ने शामिल रहे।
हड़ताल से करीब 200 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की 125 से अधिक शाखाएं कार्य कर रही हैं। एसबीआई मुख्य शाखा स्थित क्लीयरिंग हाउस में ही प्रतिदिन औसतन 20 करोड़ के चेकों का क्लियरेंस होता है। हड़ताल से सलेमपुर के एचडीएफसी बैंक में स्थित क्लीयरिंग हाउस में भी चेकों का आदान-प्रदान नहीं हुआ। वहीं, लेन-देन, आरटीजीएस, निफ्ट, डिमांड ड्राफ्ट सहित अन्य बैंकिंग सेवाएं भी पूरी तरह प्रभावित रही। बैंकिंग सेक्टर को बेहतर तरीके से जानने वालों के अनुसार एक दिन के हड़ताल से जिले में करीब 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
एटीएम ने भी लोगों को दिया धोखा
बैंककर्मियों के हड़ताल पर जाने से शहर के अधिकांश एटीएम ने भी खाताधारकों के साथ दगा किया। शाखाएं बंद होने से कैैश भरने वाली एजेंसियों को कैश नहीं मिला। इससे शहर में स्थित करीब 50 से अधिक की संख्या में एटीएम में कैश का संकट रहा। ग्रामीण इलाकों से शहर में आए लोग कृषि कार्यों के लिए एवं अन्य सामानों की खरीदारी एटीएम से कैश न पाकर निराश हुए। 31 मई को भी बैंककर्मियों की हड़ताल जारी रहने से गुरुवार को भी लोगों को कैश की समस्या से जूझना तय है।
एसबीआई मुख्य शाखा पर भी हुई सभा
देवरिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर एसबीआई के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे और नारेबाजी की। शहर स्थित भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर स्टेट बैँक ऑफ इंडिया स्टॉफ एसोसिएशन एवं स्टेट बैंक अधिकारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों व अधिकारियों ने कामकाज बंद रखा। शाखा सचिव पुष्पज गर्ग ने कहा कि दो प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव देकर सरकार ने हमारे साथ मजाक किया है। आंचलिक सचिव शिवप्रसाद मिश्रा व अधिकारी संघ के सचिव मनोज सिंह ने कहा कि जब तक वेतन पुनरीक्षण व सेवा शर्तों में सुधार की मांगों को माना नहीं जाता संघर्ष चलता रहेगा। प्रदर्शन में पीके अग्रवाल, घनश्याम यादव, जगदीश सिंह, धनंजय मिश्र, पंकज कुमार, मिथिलेश कुमार, एसडी यादव, ज्योति यादव, अखिलेश मिश्र, अनिकेत कुमार, राकेश मिश्रा आदि शामिल रहे।
सलेमपुर की बैंक शाखाओं में लटके रहे ताले
सलेमपुर। वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर बुधवार को नगर के विभिन्न सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे सबसे अधिक खाताधारकों वाले भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक सहित अन्य बैंकों में लेन-देन सहित अन्य कामकाज बंद रहा। वहीं सभी एटीएम बूथों का शटर गिरा रहा। इसके चलते लोग कैश के लिए पूरे दिन भटकते रहे। भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में हड़ताल का बोर्ड लगाकर गेट बंद कर दिया गया था।
विज्ञापन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले पंजाब नेशनल बैंक मुुख्य शाखा पर सुबह 10 बजे विभिन्न बैंकों के बैंककर्मी एकत्र हुए। सुबह 10 बजे यहीं से बाइक जुलूस की शुरुआत की, जो सुभाष चौक, कचहरी चौराहा, रुद्रपुर मोड़ होते हुए पुन: पीएनबी शाखा पर पहुंचकर समाप्त हुई। बैंककर्मियों ने शहर स्थित आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस, बंधन बैंक एवं अन्य प्राइवेट बैंकों की शाखाओं पर जाकर अपनी मांगों के लिए समर्थन मांगा और शाखाओं को बंद कराया। बाइक जुलूस समाप्त होने के बाद पीएनबी मुख्य शाखा पर हुई सभा में जिला मंत्री डीके गुप्ता ने कहा कि आईबीए अपनी मनमानी पर अड़ा हुआ है। पिछली बार वर्ष 2012 में वेतन वृद्धि 15 प्रतिशत हुई थी। इस बार केवल दो प्रतिशत की वृद्धि हास्यास्पद है। जब तक 25 प्रतिशत की वृद्धि नहीं होती संघर्ष जारी रहेगा। शाखा अध्यक्ष आरएन राय ने कहा कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते देश भर के बैंककमिर्यों ने दो दिन की हड़ताल पर जाने का फैसला किया। त्वरित एवं शीघ्र वेतन पुनरीक्षण समझौता करने, वेतन में पर्याप्त वृद्धि एवं सेवा शर्तों में सुधार, स्केल सातवां तक अधिकारियों के लिए वेतन पुनरीक्षण समझौता जब तक लागू नहीं हो जाता आंदोलन जारी रहेगा। मांगे पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। सभा को राकेश कुमार श्रीवास्तव, अच्छेलाल, अरविंद सिंह, धंनजय सिंह, तेजबहादुर ने संबोधित किया। बाइक जुलूस में आरके राव, प्रेम, शैलेष कुमार सिंह, सुशीला, मनीषा पाठक, विनय कुमार, राकेश, नीमज मिश्रा, आशुतोष रंजन, एचसी राय, जीत कुमार, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, भानू, सुजीत चतुर्वेदी, मनोज, धनंजय, श्याम बदन, रत्नाकर आदि ने शामिल रहे।
विज्ञापन
हड़ताल से करीब 200 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की 125 से अधिक शाखाएं कार्य कर रही हैं। एसबीआई मुख्य शाखा स्थित क्लीयरिंग हाउस में ही प्रतिदिन औसतन 20 करोड़ के चेकों का क्लियरेंस होता है। हड़ताल से सलेमपुर के एचडीएफसी बैंक में स्थित क्लीयरिंग हाउस में भी चेकों का आदान-प्रदान नहीं हुआ। वहीं, लेन-देन, आरटीजीएस, निफ्ट, डिमांड ड्राफ्ट सहित अन्य बैंकिंग सेवाएं भी पूरी तरह प्रभावित रही। बैंकिंग सेक्टर को बेहतर तरीके से जानने वालों के अनुसार एक दिन के हड़ताल से जिले में करीब 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
एटीएम ने भी लोगों को दिया धोखा
बैंककर्मियों के हड़ताल पर जाने से शहर के अधिकांश एटीएम ने भी खाताधारकों के साथ दगा किया। शाखाएं बंद होने से कैैश भरने वाली एजेंसियों को कैश नहीं मिला। इससे शहर में स्थित करीब 50 से अधिक की संख्या में एटीएम में कैश का संकट रहा। ग्रामीण इलाकों से शहर में आए लोग कृषि कार्यों के लिए एवं अन्य सामानों की खरीदारी एटीएम से कैश न पाकर निराश हुए। 31 मई को भी बैंककर्मियों की हड़ताल जारी रहने से गुरुवार को भी लोगों को कैश की समस्या से जूझना तय है।
एसबीआई मुख्य शाखा पर भी हुई सभा
देवरिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर एसबीआई के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे और नारेबाजी की। शहर स्थित भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर स्टेट बैँक ऑफ इंडिया स्टॉफ एसोसिएशन एवं स्टेट बैंक अधिकारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों व अधिकारियों ने कामकाज बंद रखा। शाखा सचिव पुष्पज गर्ग ने कहा कि दो प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव देकर सरकार ने हमारे साथ मजाक किया है। आंचलिक सचिव शिवप्रसाद मिश्रा व अधिकारी संघ के सचिव मनोज सिंह ने कहा कि जब तक वेतन पुनरीक्षण व सेवा शर्तों में सुधार की मांगों को माना नहीं जाता संघर्ष चलता रहेगा। प्रदर्शन में पीके अग्रवाल, घनश्याम यादव, जगदीश सिंह, धनंजय मिश्र, पंकज कुमार, मिथिलेश कुमार, एसडी यादव, ज्योति यादव, अखिलेश मिश्र, अनिकेत कुमार, राकेश मिश्रा आदि शामिल रहे।
सलेमपुर की बैंक शाखाओं में लटके रहे ताले
सलेमपुर। वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर बुधवार को नगर के विभिन्न सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे सबसे अधिक खाताधारकों वाले भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक सहित अन्य बैंकों में लेन-देन सहित अन्य कामकाज बंद रहा। वहीं सभी एटीएम बूथों का शटर गिरा रहा। इसके चलते लोग कैश के लिए पूरे दिन भटकते रहे। भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में हड़ताल का बोर्ड लगाकर गेट बंद कर दिया गया था।