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हक के लिए लेखपालों ने आवाज बुलंद किया
Updated Tue, 03 Oct 2017 10:43 PM IST
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देवरिया। तहसील दिवस का बहिष्कार कर मांगों को लेकर लेखपालों ने तहसील में धरना दिया। अफसरों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। बाद में लेखपालों ने सीएम को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र एसडीएम सदर को सौंपा।
लेेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष राजकुुमार मिश्र ने कहा कि लेखपाल संघ अपनी मांगों को पूरा करने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। लेकिन सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है। दिए गए मांगपत्र में लेखपालों ने कहा है कि लेखपालों की शैक्षिक योग्यता स्नातक किया जाए, प्रारंभिक वेतनमान का ग्रेड पे 2800 किया जाए, राजस्व निरीक्षक के पद पर सीधी नियुक्ति समाप्त किया जाए, पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाए आदि मांगे शामिल है। अगर सरकार यह मांग नहीं मानती है तो लेखपाल पूर्व में संगठन की ओर से घोषित किए गए कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। इस दौरान मंत्री हरिश्चंद्र पांडेय, राजनाथ राय, जिलाध्यक्ष नागेश पति त्रिपाठी, अनिरुद्घ मिश्र, संतोष कुमार, सुमित श्रीवास्तव, ओमप्रकाश मौर्य आदि मौजूद रहे।
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लेेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष राजकुुमार मिश्र ने कहा कि लेखपाल संघ अपनी मांगों को पूरा करने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। लेकिन सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है। दिए गए मांगपत्र में लेखपालों ने कहा है कि लेखपालों की शैक्षिक योग्यता स्नातक किया जाए, प्रारंभिक वेतनमान का ग्रेड पे 2800 किया जाए, राजस्व निरीक्षक के पद पर सीधी नियुक्ति समाप्त किया जाए, पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाए आदि मांगे शामिल है। अगर सरकार यह मांग नहीं मानती है तो लेखपाल पूर्व में संगठन की ओर से घोषित किए गए कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। इस दौरान मंत्री हरिश्चंद्र पांडेय, राजनाथ राय, जिलाध्यक्ष नागेश पति त्रिपाठी, अनिरुद्घ मिश्र, संतोष कुमार, सुमित श्रीवास्तव, ओमप्रकाश मौर्य आदि मौजूद रहे।
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