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बालू खनन से जुड़े साबूत सीबीआई के हाथ लगा
Updated Sat, 11 Nov 2017 10:52 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : DEMO Pics
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देवरिया। बसपा और सपा सरकार में हुए बालू खनन की जांच करने आई सीबीआई टीम शनिवार को वापस चली गई। बरहज में अवैध तरीके से हुए बालू खनन से जुड़े कई अहम साक्ष्य सीबीआई के हाथ लगे हैं। इसमें गौरा बरहज नगर पालिका प्रशासन और निवर्तमान चेयरमैन के अलावा बालू खनन में शामिल कई ठेकेदार सीबीआई की रडार पर हैं।
बसपा और सपा सरकार में वर्ष 2006 से 2016 तक नियम को दरकिनार कर हुए बालू खनन की जांच कोर्ट के आदेश में प्रदेश के कई जिलों में सीबीआई कर रही है। दो माह पहले बरहज में घाघरा नदी का धारा मोड़ने के नाम पर नगरपालिका प्रशासन की ओर से कराए गए करोड़ों रुपये का बालू खनन की शिकायत समाजसेवी अजय सिंह ने की थी। इसकी जांच पांच दिनों तक जिले में रहकर सीबीआई ने किया। इसमें टीम ने ठेकेदारों व शिकायतकर्ता के अलावा ईओ अवधेेश सिंह और निवर्तमान चेयरमैन अजीत जायसवाल का बयान दर्ज किया। जांच में कई ऐसे अहम सबूत सीबीआई के हाथ लगे है। जिसमें नगर पालिका प्रशासन के तत्कालीन ईओ समेत कई कर्मचारियों, निवर्तमान चेयरमैन और ठेकेदारों की गर्दन फंसना लगभग तय है। बलिया के एक ठेकेदार की ओर से चेयरमैन के यूनियन बैंक के अकाउंट में चार बैंक चेक के माध्यम से 30 लाख रुपये भेजा गया है। चेयरमैन बनने के बाद अर्जित हुई संपत्ति का ब्योरा भी सीबीआई जुटाकर साथ ले गई। खनन अधिकारी उमाकांत ने बताया कि सीबीआई टीम चली गई। साथ में बालू खनन से जुड़े दस्तावेज साथ ले गई है।
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बसपा और सपा सरकार में वर्ष 2006 से 2016 तक नियम को दरकिनार कर हुए बालू खनन की जांच कोर्ट के आदेश में प्रदेश के कई जिलों में सीबीआई कर रही है। दो माह पहले बरहज में घाघरा नदी का धारा मोड़ने के नाम पर नगरपालिका प्रशासन की ओर से कराए गए करोड़ों रुपये का बालू खनन की शिकायत समाजसेवी अजय सिंह ने की थी। इसकी जांच पांच दिनों तक जिले में रहकर सीबीआई ने किया। इसमें टीम ने ठेकेदारों व शिकायतकर्ता के अलावा ईओ अवधेेश सिंह और निवर्तमान चेयरमैन अजीत जायसवाल का बयान दर्ज किया। जांच में कई ऐसे अहम सबूत सीबीआई के हाथ लगे है। जिसमें नगर पालिका प्रशासन के तत्कालीन ईओ समेत कई कर्मचारियों, निवर्तमान चेयरमैन और ठेकेदारों की गर्दन फंसना लगभग तय है। बलिया के एक ठेकेदार की ओर से चेयरमैन के यूनियन बैंक के अकाउंट में चार बैंक चेक के माध्यम से 30 लाख रुपये भेजा गया है। चेयरमैन बनने के बाद अर्जित हुई संपत्ति का ब्योरा भी सीबीआई जुटाकर साथ ले गई। खनन अधिकारी उमाकांत ने बताया कि सीबीआई टीम चली गई। साथ में बालू खनन से जुड़े दस्तावेज साथ ले गई है।
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