{"_id":"5974d63c4f1c1bfd308b45cd","slug":"191500829244-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनआरएचएम घोटाले के आरोपियों को फिर चार्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनआरएचएम घोटाले के आरोपियों को फिर चार्ज
Updated Sun, 23 Jul 2017 10:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। स्वास्थ्य विभाग में एक बार फिर एनआरएचएम घोटाले में शामिल रहे लोग हावी हो गए हैं। एक वर्ष पूर्व जिस लिपिक का स्थानांतरण मिर्जापुर जिले के लिए हुआ था, उसे वापस बुला लिया गया है। इसमें गाजीपुर के रहने वाले एक ठेकेदार और कार्यवाहक सीएमओ की भूमिका बताई जा रही है। चर्चा है कि फिर किसी कारनामे की ही तैयारी है।
बसपा सरकार में प्रदेश में एनआरएचएम घोटाला हुआ था। इसमें देवरिया जिला भी शामिल रहा। संबंधित लिपिक और अन्य लोगों से सीबीआई टीम ने कई बार पूछताछ की। रिकॉर्ड के साथ उन्हें सीबीआई मुख्यालय भी बुलाया गया। पिछले साल जून महीने में लिपिक का स्थानांतरण मिर्जापुर जिले के लिए हो गया। तत्कालीन सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने उनको रिलीव भी कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि उस लिपिक ने वहां ज्वाइन नहीं किया। उसके कुछ दिन बाद ही सीएमओ को भी यहां से हटा दिया गया। एक साल बाद भी उस लिपिक की वापसी हो गई है। इसमें गाजीपुर जिले के रहने वाले एक ठेकेदार और सीएमओ की भूमिका है। बताया जा रहा है कि उस लिपिक के रहने से इनलोगों को लाभ होगा। उसके आते ही सीएमओ ने पूर्व का चार्ज दे दिया है। इससे अन्य लिपिकों और आमजन में चर्चा है।
इनसेट में-
स्थानांतरिक लिपिक को नहीं किया रिलीव
देवरिया। सीएमओ कार्यालय में तैनात एक लिपिक का स्थानांतरण कुछ दिन पूर्व मिर्जापुर जिले के लिए हो गया। कार्यवाहक सीएमओ ने अभी तक उसको रिलीव नहीं किया है। भाजपा नेता की ओर से सीएम को भेजे गए शिकायती पत्र के बाद भी सीएमओ का रिलीव न करना चर्चा का विषय बन गया है।
विज्ञापन
कोट्स-
शासन की ओर से लिपिक को यहां भेजा गया है। आदेश के मुताबिक उसको चार्ज दिया गया है। स्थानांतरित लिपिक को रिलीव करने के सवाल पर कहा कि जार्च दिलाने के बाद रिलीव किया जाएगा। - डॉ. एसएन सिंह, कार्यवाहक सीएमओ, देवरिया।
विज्ञापन
बसपा सरकार में प्रदेश में एनआरएचएम घोटाला हुआ था। इसमें देवरिया जिला भी शामिल रहा। संबंधित लिपिक और अन्य लोगों से सीबीआई टीम ने कई बार पूछताछ की। रिकॉर्ड के साथ उन्हें सीबीआई मुख्यालय भी बुलाया गया। पिछले साल जून महीने में लिपिक का स्थानांतरण मिर्जापुर जिले के लिए हो गया। तत्कालीन सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने उनको रिलीव भी कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि उस लिपिक ने वहां ज्वाइन नहीं किया। उसके कुछ दिन बाद ही सीएमओ को भी यहां से हटा दिया गया। एक साल बाद भी उस लिपिक की वापसी हो गई है। इसमें गाजीपुर जिले के रहने वाले एक ठेकेदार और सीएमओ की भूमिका है। बताया जा रहा है कि उस लिपिक के रहने से इनलोगों को लाभ होगा। उसके आते ही सीएमओ ने पूर्व का चार्ज दे दिया है। इससे अन्य लिपिकों और आमजन में चर्चा है।
विज्ञापन
इनसेट में-
स्थानांतरिक लिपिक को नहीं किया रिलीव
देवरिया। सीएमओ कार्यालय में तैनात एक लिपिक का स्थानांतरण कुछ दिन पूर्व मिर्जापुर जिले के लिए हो गया। कार्यवाहक सीएमओ ने अभी तक उसको रिलीव नहीं किया है। भाजपा नेता की ओर से सीएम को भेजे गए शिकायती पत्र के बाद भी सीएमओ का रिलीव न करना चर्चा का विषय बन गया है।
विज्ञापन
कोट्स-
शासन की ओर से लिपिक को यहां भेजा गया है। आदेश के मुताबिक उसको चार्ज दिया गया है। स्थानांतरित लिपिक को रिलीव करने के सवाल पर कहा कि जार्च दिलाने के बाद रिलीव किया जाएगा। - डॉ. एसएन सिंह, कार्यवाहक सीएमओ, देवरिया।