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नवाचार से ही बेसिक शिक्षा की बढ़ेगी गरिमा
Updated Wed, 24 Oct 2018 11:12 PM IST
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नवाचार से ही बढ़ेगी बेसिक शिक्षा की गरिमा
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से आयोजित हुई कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बेसिक शिक्षकों की मंडल स्तरीय शैक्षिक नवाचार कार्यशाला बुधवार को कसया रोड स्थित एक लॉन में आयोजित हुई। बतौर मुख्य अतिथि सीडीओ राजेश कुमार त्यागी ने कहा कि नवाचार के जरिए ही बेसिक शिक्षा की गरिमा को बढ़ाया जा सकता है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य में सुधार हुआ है। इसमें और बेहतर करने के साथ ही छात्र संख्या बढ़ाने पर शिक्षकों का सर्वाधिक जोर होना चाहिए।
मौके पर गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर व देवरिया के 216 शिक्षकों ने शैक्षिक नवाचार के अपने मॉडल प्रस्तुत किए। आल इंडिया प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला में एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्तरहीन शिक्षा किसी भी राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है। ऐसी कार्यशाला के जरिए ही इसमें बदलाव लाया जा सकता है। रामपुर कारखाना के विधायक कमलेश शुक्ल ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए प्रदेश सरकार ने कई नए कदम उठाए हैं। बीएसए माधवजी तिवारी ने कहा कि बेसिक विद्यालयों के प्रति समाज की धारणा को बदलने की जरूरत है। नवाचार के जरिए हर परिषदीय विद्यालय में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। संगठन के राष्ट्रीय सचिव संजय मिश्रा ने कहा कि नवाचार में सबसे प्रमुख भूमिका शिक्षकों को निभानी होगी। राष्ट्रीय महासचिव कमलाकांत त्रिपाठी ने कहा कि नवाचार कार्यशाला ने लोगों में बनी इस धारणा को तोड़ा है कि प्राथमिक शिक्षक पढ़ता नहीं है। कार्यशाला को मनोज सिंह, विजय सिंह, राघवेंद्र विक्रम शाही, गोविंद सिंह, अशोक सिंह, अतुल मिश्र, डॉ. अंतर्यामी सिंह, अनिल भारती, राजेश मिश्रा आदि ने संबोधित किया। संचालन सुरेंद्र देव मिश्र ने किया। अंत में मॉडल प्रस्तुत करने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
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नवाचार से ही बढ़ेगी बेसिक शिक्षा की गरिमा
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से आयोजित हुई कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बेसिक शिक्षकों की मंडल स्तरीय शैक्षिक नवाचार कार्यशाला बुधवार को कसया रोड स्थित एक लॉन में आयोजित हुई। बतौर मुख्य अतिथि सीडीओ राजेश कुमार त्यागी ने कहा कि नवाचार के जरिए ही बेसिक शिक्षा की गरिमा को बढ़ाया जा सकता है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य में सुधार हुआ है। इसमें और बेहतर करने के साथ ही छात्र संख्या बढ़ाने पर शिक्षकों का सर्वाधिक जोर होना चाहिए।
मौके पर गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर व देवरिया के 216 शिक्षकों ने शैक्षिक नवाचार के अपने मॉडल प्रस्तुत किए। आल इंडिया प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला में एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्तरहीन शिक्षा किसी भी राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है। ऐसी कार्यशाला के जरिए ही इसमें बदलाव लाया जा सकता है। रामपुर कारखाना के विधायक कमलेश शुक्ल ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए प्रदेश सरकार ने कई नए कदम उठाए हैं। बीएसए माधवजी तिवारी ने कहा कि बेसिक विद्यालयों के प्रति समाज की धारणा को बदलने की जरूरत है। नवाचार के जरिए हर परिषदीय विद्यालय में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। संगठन के राष्ट्रीय सचिव संजय मिश्रा ने कहा कि नवाचार में सबसे प्रमुख भूमिका शिक्षकों को निभानी होगी। राष्ट्रीय महासचिव कमलाकांत त्रिपाठी ने कहा कि नवाचार कार्यशाला ने लोगों में बनी इस धारणा को तोड़ा है कि प्राथमिक शिक्षक पढ़ता नहीं है। कार्यशाला को मनोज सिंह, विजय सिंह, राघवेंद्र विक्रम शाही, गोविंद सिंह, अशोक सिंह, अतुल मिश्र, डॉ. अंतर्यामी सिंह, अनिल भारती, राजेश मिश्रा आदि ने संबोधित किया। संचालन सुरेंद्र देव मिश्र ने किया। अंत में मॉडल प्रस्तुत करने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
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