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फतेहपुर गांव के मंदिर में शिवलिंग के खंड़ित होने की चरचा
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:24 PM IST
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रुद्रपुर/पकड़ी बाजार। फतेहपुर गांव में स्थित प्राचीन चंद्रेश्वरनाथ मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग मंगलवार को खंडित हो गया। सुबह पूजा करने वाले श्रद्धालु शिवलिंग के खंडित अवशेष को देखकर आश्चर्यचकित रह गए। शिवलिंग खंडित होने की खबर फैलते ही मंदिर में लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। गांव के लोगों में शिवलिंग के खंडित होने से भय व्याप्त है। लोग काशी के विद्वानों से खंडित शिवलिंग के निदान की योजना बना रहे हैं।
भगवान चंद्रेश्वरनाथ मंदिर की व्याख्या पद्मपुराण में है। मान्यता है कि यहां चंद्रेश्वरमुनी कालांतर में तपस्या करने आए थे। उनकी तपस्या से जमीन के अंदर से शिवलिंग प्रकट हुआ। मंदिर परिक्षेत्र में सात नदियों के जल से हौद बनाया गया है। इससे शिवलिंग का अभिषेक कराया जाता है। जल हौद में कभी पानी कम नहीं होता है। क्षेत्र में अपार आस्था के केंद्र भगवान चंद्रेश्वर के खंडित होने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। गांव के शिक्षक सुखलाल यादव प्रतिदिन भांति मंगलवार को दिन में 11 बजे मंदिर में पूजा करने गए थे। उन्होंने देखा की शिवलिंग खंडित है। उसके कुछ खंडित अवशेष दिखाई दे रहे थे। इसकी सूचना पुजारी को दी गई। शिवलिंग खंडित होने की खबर सुनते ही ग्रामीणों की भीड़ शिव मंदिर के तरफ दौड़ पड़ी। पुजारी गिरेंद्र गिरी ने कहा कि सुबह आरती के दौरान शिवलिंग खंडित नहीं था। खंडित शिवलिंग के निदान के लिए विद्वानों की राय ली जाएगी। गांव के भक्तों की एक समिति बनाकर काशी भेजा जाएगा।
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भगवान चंद्रेश्वरनाथ मंदिर की व्याख्या पद्मपुराण में है। मान्यता है कि यहां चंद्रेश्वरमुनी कालांतर में तपस्या करने आए थे। उनकी तपस्या से जमीन के अंदर से शिवलिंग प्रकट हुआ। मंदिर परिक्षेत्र में सात नदियों के जल से हौद बनाया गया है। इससे शिवलिंग का अभिषेक कराया जाता है। जल हौद में कभी पानी कम नहीं होता है। क्षेत्र में अपार आस्था के केंद्र भगवान चंद्रेश्वर के खंडित होने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। गांव के शिक्षक सुखलाल यादव प्रतिदिन भांति मंगलवार को दिन में 11 बजे मंदिर में पूजा करने गए थे। उन्होंने देखा की शिवलिंग खंडित है। उसके कुछ खंडित अवशेष दिखाई दे रहे थे। इसकी सूचना पुजारी को दी गई। शिवलिंग खंडित होने की खबर सुनते ही ग्रामीणों की भीड़ शिव मंदिर के तरफ दौड़ पड़ी। पुजारी गिरेंद्र गिरी ने कहा कि सुबह आरती के दौरान शिवलिंग खंडित नहीं था। खंडित शिवलिंग के निदान के लिए विद्वानों की राय ली जाएगी। गांव के भक्तों की एक समिति बनाकर काशी भेजा जाएगा।
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