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एम्बुलेंस के अभाव में प्रसूता ने दम तोड़ा
Updated Sat, 09 Jun 2018 11:36 PM IST
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मेडिकल
- फोटो : amar ujala
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भाटपाररानी। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से शनिवार को एक प्रसूता की जान चली गई। प्रसव के बाद तेज रक्तस्राव होने पर प्रसूता की हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। एक घंटे तक इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। निजी वाहन से अस्पताल ले जाते समय प्रसूता की मौत हो गई। मामला बनकटा के अहिरौली बघेल गांव का है।
गांव के भरटोला निवासी रामप्रताप कुशवाहा की 28 वर्षीय पत्नी आरती को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा हुआ। घर वाले उसे देर शाम लेकर बनकटा पीएचसी पहुंचे। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के कुछ देर बाद रक्तस्राव तेज होने से प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। घर वाले 108 नंबर पर एंबुलेंस के लिए फोन किया। एक घंटे इंतजार के बाद एंबुलेंस नहीं पहुंचा तो निजी वाहन से लेकर मैरवा के लिए रवाना हुए। रास्ते में प्रसूता ने दम तोड़ दिया। वहीं बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है। चर्चा है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में आए पीड़ित परिवार शिकायत करने से परहेज कर रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वीके यादव ने बताया कि प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप गलत है। एंबुलेंस के इंतजार में रेफर होने के एक घंटे बाद तक मरीज को रोककर रखा गया था। रक्तस्राव अधिक होने से महिला ने दम तोड़ा है। कोई शिकायत नहीं मिली है।
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गांव के भरटोला निवासी रामप्रताप कुशवाहा की 28 वर्षीय पत्नी आरती को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा हुआ। घर वाले उसे देर शाम लेकर बनकटा पीएचसी पहुंचे। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के कुछ देर बाद रक्तस्राव तेज होने से प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। घर वाले 108 नंबर पर एंबुलेंस के लिए फोन किया। एक घंटे इंतजार के बाद एंबुलेंस नहीं पहुंचा तो निजी वाहन से लेकर मैरवा के लिए रवाना हुए। रास्ते में प्रसूता ने दम तोड़ दिया। वहीं बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है। चर्चा है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में आए पीड़ित परिवार शिकायत करने से परहेज कर रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वीके यादव ने बताया कि प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप गलत है। एंबुलेंस के इंतजार में रेफर होने के एक घंटे बाद तक मरीज को रोककर रखा गया था। रक्तस्राव अधिक होने से महिला ने दम तोड़ा है। कोई शिकायत नहीं मिली है।
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