{"_id":"5a09ced84f1c1bf3538bcfd1","slug":"171510592216-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर विजिलेंस टीम ने एसके इंटर कॉलेज में की पूछताछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर विजिलेंस टीम ने एसके इंटर कॉलेज में की पूछताछ
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरहज। श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में विजिलेंस टीम ने छापेमारी कर कर्मचारियों से पूछताछ की। करीब आधे घंटे तक चली पूछताछ में कर्मचारी पसीने से तरबतर हो रहे गए। प्रधानाचार्य और एक लिपिक का विद्यालय के कार्य से देवरिया जाना बताया गया।
एसके इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं से नामांकन फीस के नाम पर अधिक रुपये लेने का आरोप लगाया गया था। लोगों का कहना है कि कृष्णमोहन पाठक ने करीब दो माह पहले विजिलेंस विभाग को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की थी। इससे पहले सावित्री राय ने भी एसडीएम अरुण सिंह को पत्रक सौंप विद्यालय की ओर से अधिक फीस वसूलने का आरोप लगाया था। सोमवार को करीब दो बजे राजहंस शुक्ल सहित तीन सदस्यीय विजिलेंस टीम विद्यालय परिसर पहुंची। टीम के आने की जानकारी होने पर सभी कर्मियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। टीम ने वरिष्ठ लिपिक बृजेंद्र उपाध्याय, दिलीप मिश्र, शिक्षक नवीन प्रकाश, सच्चिदा नंद और राजेंद्र यादव से पूछताछ की। पूछताछ में प्रधानाचार्य कौशल सिंह और लिपिक ज्ञानेश्वर पांडेय को जिला कार्यालय जाने की बात बताई गई। टीम छात्रों से लिए गए फीस आदि के बारे में जानकारी ली, लेकिन आलमारी की चाबी नहीं होने से खाली हाथ लौट गई। इस संबंध में प्रधानाचार्य से बात नहीं हो सकी।
विज्ञापन
एसके इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं से नामांकन फीस के नाम पर अधिक रुपये लेने का आरोप लगाया गया था। लोगों का कहना है कि कृष्णमोहन पाठक ने करीब दो माह पहले विजिलेंस विभाग को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की थी। इससे पहले सावित्री राय ने भी एसडीएम अरुण सिंह को पत्रक सौंप विद्यालय की ओर से अधिक फीस वसूलने का आरोप लगाया था। सोमवार को करीब दो बजे राजहंस शुक्ल सहित तीन सदस्यीय विजिलेंस टीम विद्यालय परिसर पहुंची। टीम के आने की जानकारी होने पर सभी कर्मियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। टीम ने वरिष्ठ लिपिक बृजेंद्र उपाध्याय, दिलीप मिश्र, शिक्षक नवीन प्रकाश, सच्चिदा नंद और राजेंद्र यादव से पूछताछ की। पूछताछ में प्रधानाचार्य कौशल सिंह और लिपिक ज्ञानेश्वर पांडेय को जिला कार्यालय जाने की बात बताई गई। टीम छात्रों से लिए गए फीस आदि के बारे में जानकारी ली, लेकिन आलमारी की चाबी नहीं होने से खाली हाथ लौट गई। इस संबंध में प्रधानाचार्य से बात नहीं हो सकी।
विज्ञापन