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उम्मीदों के हाईवे पर दौड़ा विकास का पहिया
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उम्मीदों के हाईवे पर दौड़ा विकास का पहिया
नए सड़क, पुल और रोजगार के केंद्रों ने खोली बेहतर भविष्य की राह
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। साल 2018 जल्द ही विदा विदा होने जा रहा है। बस चार दिन बाद हम नए साल के स्वागत में डूबे होंगे। नई उम्मीदें, नए सपने और नई मंजिलों के साथ नई शुरुआत होगी। यह मंजिलें वहीं हैं, जिनकी बुनियाद 2018 में रखी गई। विकास की ठोस जमीन तैयार करने में यह साल अहम रहा। नई सड़कें, पुल-पुलिया, रोजगार और उद्यम के नए केंद्र स्थापित करने की पहल हुई। वन डिस्ट्रिक्ट-वन उत्पाद के तहत जिले में महिलाओं के समूह ने खुद को सबल बनाते हुए सजावटी सामानों को प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाई तो अपने हुनर के बल पर भविष्य के सुखद संकेत भी दिए हैं। साल के शुरुआत में जिन विकास कार्यों की नींव पड़ी, वह अब पूरा होने को है। बेशक नए साल के लिए यह इस वर्ष का तोहफा होगा, जो बेहतर भविष्य के निर्माण की राह प्रशस्त करेगा।
फोरलेन ने बनाया आवागमन को सरल
गोरखपुर से देवरिया होते हुए सलेमपुर को जाने वाला मार्ग फोरलेन बन रहा है। तेज रफ्तार में हो रहे काम ने आवागमन को सरल बनाया है। संकरी सड़क पर गड्ढों के कारण तकलीफ भरी यात्रा करते आजिज हो चुके लोगों को इस फोरलेन ने राहत दी है। साथ ही विकास को भी नया आयाम दिया है। चौड़ी सड़कों के कारण शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने में भी फोरलेन अहम रोल निभा रहे हैं। मार्च 2019 तक इसका निर्माण पूरा होने का लक्ष्य है।
गौरीबाजार में ओवरब्रिज
गोरखपुर-देवरिया के मध्य गौरी बाजार में रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या से लोग अरसे से जूझते थे। यहां ओवरब्रिज का निर्माण लंबित था, जो इस वर्ष पूरा हो गया। 15 अक्तूबर को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस ओवरब्रिज का लोकार्पण करते हुए जनता को समर्पित कर दिया। ओवरब्रिज से न सिर्फ जाम की समस्या का समाधान कराया है, बल्कि विकास की भी रफ्तार बढ़ाई है।
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शहर को जाम से मुक्ति दिलाएगा बाईपास
25 जनवरी को राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय सड़क निर्माण एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोनौली से गोरखपुर, देवरिया होते हुए बलिया तक के लिए नए एनएच-727 ए का एलान किया। साथ ही शहर के मध्य से गुजरने वाले मुख्य मार्ग के बाईपास की भी घोषणा की। सिरजम से पांडेयचक, भीमपुर चौराहा, महुआनी होते हुए सोनू घाट तक जाने वाला यह बाईपास शहर में जाम की समस्या का स्थायी समाधान बनेगा।
नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा आरसेटी
ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत रामपुर कारखाना के पुरुषोत्तमापुर में रूलर सेल्फ इंप्लायमेंट इंस्टीट्यूट का निर्माण शुरू हुआ है। करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहा यह संस्थान युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार करेगा। बेरोजगारी की समस्या को दूर करते हुए युवाओं को रोजगार मुहैया कराने में इस केंद्र की भूमिका अहम होगी।
प्लेटफॉर्म की बढ़ी लंबाई
सदर रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म छोटा होने के कारण लंबी ट्रेनें खड़ी होने पर कई बोगी प्लेटफार्म से बाहर रह जाती थी। 540 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म पर सिर्फ 18 कोच ही खड़े हो पाते थे, जबकि अब 24 कोच तक की ट्रेनें दौड़ रही हैं। इससे यात्रियों को दुश्वारी झेलनी पड़ती थी। अब प्लेटफॉर्म 760 मीटर लंबा हो गया है।
नए स्टेडियम का तोहफा
व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाने वाले खेलों के प्रति युवाओं का रुझान तो है, लेकिन समुचित संसाधनों के अभाव में उनकी प्रतिभा का विकास नहीं हो पा रहा। स्टेडियम के रुप में जिला मुख्यालय पर स्व. रवींद्र किशोर शाही स्टेडियम ही मौजूद है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ी यहां तक नहीं आ पाते थे। उनकी सहूलियत के लिए भाटपाररानी में नए स्टेडियम का निर्माण हुआ है। बिहार बार्डर से सटे इलाके में बहुद्देशीय स्टेडियम खुलने से खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
सबल हुई महिलाओं ने दी पहचान
प्रदेश सरकार के वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडेक्ट योजना में देवरिया के उत्पाद के रुप में झालर, बत्ती व अन्य सजावटी सामानों का चयन हुआ है। जिला प्रशासन के प्रोत्साहन और जुनूनी महिलाओं के समूह ने बेहतर कार्य करते हुए यहां के उत्पादों को प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाने में सफलता पाई है। दीपावली पर यहां के तैयार दीप व लाइट से गोरखपुर को जगमगाने का मौका मिला। अब कुंभ में भी इसका स्टॉल लगने जा रहा है।
बिहार तक आसान हुई पहुंच
केंद्रीय सड़क निधि से भीमपुर से बैकुंठपुर होते हुए मधवापुर तक की सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। करीब 37 करोड़ की लागत से बन रही यह सड़क बिहार सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाएगी। इसके साथ ही बघौचघाट से फाजिलनगर तक की सड़क के टू लेन के निर्माण का कार्य भी इस वर्ष शुरू करा दिया गया है।
विकास भवन के सौंदर्यीकरण ने दी सीख
जिले के विकास का खाका खींचने वाले विकास भवन ने सरकारी कार्यालयों के प्रति लोगों की सोच बदली है। साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण ने न सिर्फ विकास भवन को नई पहचान दी, बल्कि यहां आने वालों को भी स्वच्छता के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराया है। उम्मीद की जा रही है कि खुद स्वच्छता को अपनाने वाला यह भवन जिले को स्वच्छ-सुंदर बनाने में भी अग्रणी बनेगा।
नए विद्युत उपकेंद्र
जिले की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महेन और भगवानपुर चौबे में नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण हुआ है। इन उपकेंद्रों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोकल फाल्ट के कारण आए दिन होने वाली अघोषित कटौती से निजात मिलेगी।
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नए सड़क, पुल और रोजगार के केंद्रों ने खोली बेहतर भविष्य की राह
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। साल 2018 जल्द ही विदा विदा होने जा रहा है। बस चार दिन बाद हम नए साल के स्वागत में डूबे होंगे। नई उम्मीदें, नए सपने और नई मंजिलों के साथ नई शुरुआत होगी। यह मंजिलें वहीं हैं, जिनकी बुनियाद 2018 में रखी गई। विकास की ठोस जमीन तैयार करने में यह साल अहम रहा। नई सड़कें, पुल-पुलिया, रोजगार और उद्यम के नए केंद्र स्थापित करने की पहल हुई। वन डिस्ट्रिक्ट-वन उत्पाद के तहत जिले में महिलाओं के समूह ने खुद को सबल बनाते हुए सजावटी सामानों को प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाई तो अपने हुनर के बल पर भविष्य के सुखद संकेत भी दिए हैं। साल के शुरुआत में जिन विकास कार्यों की नींव पड़ी, वह अब पूरा होने को है। बेशक नए साल के लिए यह इस वर्ष का तोहफा होगा, जो बेहतर भविष्य के निर्माण की राह प्रशस्त करेगा।
फोरलेन ने बनाया आवागमन को सरल
गोरखपुर से देवरिया होते हुए सलेमपुर को जाने वाला मार्ग फोरलेन बन रहा है। तेज रफ्तार में हो रहे काम ने आवागमन को सरल बनाया है। संकरी सड़क पर गड्ढों के कारण तकलीफ भरी यात्रा करते आजिज हो चुके लोगों को इस फोरलेन ने राहत दी है। साथ ही विकास को भी नया आयाम दिया है। चौड़ी सड़कों के कारण शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने में भी फोरलेन अहम रोल निभा रहे हैं। मार्च 2019 तक इसका निर्माण पूरा होने का लक्ष्य है।
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गौरीबाजार में ओवरब्रिज
गोरखपुर-देवरिया के मध्य गौरी बाजार में रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या से लोग अरसे से जूझते थे। यहां ओवरब्रिज का निर्माण लंबित था, जो इस वर्ष पूरा हो गया। 15 अक्तूबर को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस ओवरब्रिज का लोकार्पण करते हुए जनता को समर्पित कर दिया। ओवरब्रिज से न सिर्फ जाम की समस्या का समाधान कराया है, बल्कि विकास की भी रफ्तार बढ़ाई है।
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शहर को जाम से मुक्ति दिलाएगा बाईपास
25 जनवरी को राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय सड़क निर्माण एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोनौली से गोरखपुर, देवरिया होते हुए बलिया तक के लिए नए एनएच-727 ए का एलान किया। साथ ही शहर के मध्य से गुजरने वाले मुख्य मार्ग के बाईपास की भी घोषणा की। सिरजम से पांडेयचक, भीमपुर चौराहा, महुआनी होते हुए सोनू घाट तक जाने वाला यह बाईपास शहर में जाम की समस्या का स्थायी समाधान बनेगा।
नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा आरसेटी
ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत रामपुर कारखाना के पुरुषोत्तमापुर में रूलर सेल्फ इंप्लायमेंट इंस्टीट्यूट का निर्माण शुरू हुआ है। करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहा यह संस्थान युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार करेगा। बेरोजगारी की समस्या को दूर करते हुए युवाओं को रोजगार मुहैया कराने में इस केंद्र की भूमिका अहम होगी।
प्लेटफॉर्म की बढ़ी लंबाई
सदर रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म छोटा होने के कारण लंबी ट्रेनें खड़ी होने पर कई बोगी प्लेटफार्म से बाहर रह जाती थी। 540 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म पर सिर्फ 18 कोच ही खड़े हो पाते थे, जबकि अब 24 कोच तक की ट्रेनें दौड़ रही हैं। इससे यात्रियों को दुश्वारी झेलनी पड़ती थी। अब प्लेटफॉर्म 760 मीटर लंबा हो गया है।
नए स्टेडियम का तोहफा
व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाने वाले खेलों के प्रति युवाओं का रुझान तो है, लेकिन समुचित संसाधनों के अभाव में उनकी प्रतिभा का विकास नहीं हो पा रहा। स्टेडियम के रुप में जिला मुख्यालय पर स्व. रवींद्र किशोर शाही स्टेडियम ही मौजूद है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ी यहां तक नहीं आ पाते थे। उनकी सहूलियत के लिए भाटपाररानी में नए स्टेडियम का निर्माण हुआ है। बिहार बार्डर से सटे इलाके में बहुद्देशीय स्टेडियम खुलने से खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
सबल हुई महिलाओं ने दी पहचान
प्रदेश सरकार के वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडेक्ट योजना में देवरिया के उत्पाद के रुप में झालर, बत्ती व अन्य सजावटी सामानों का चयन हुआ है। जिला प्रशासन के प्रोत्साहन और जुनूनी महिलाओं के समूह ने बेहतर कार्य करते हुए यहां के उत्पादों को प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाने में सफलता पाई है। दीपावली पर यहां के तैयार दीप व लाइट से गोरखपुर को जगमगाने का मौका मिला। अब कुंभ में भी इसका स्टॉल लगने जा रहा है।
बिहार तक आसान हुई पहुंच
केंद्रीय सड़क निधि से भीमपुर से बैकुंठपुर होते हुए मधवापुर तक की सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। करीब 37 करोड़ की लागत से बन रही यह सड़क बिहार सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाएगी। इसके साथ ही बघौचघाट से फाजिलनगर तक की सड़क के टू लेन के निर्माण का कार्य भी इस वर्ष शुरू करा दिया गया है।
विकास भवन के सौंदर्यीकरण ने दी सीख
जिले के विकास का खाका खींचने वाले विकास भवन ने सरकारी कार्यालयों के प्रति लोगों की सोच बदली है। साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण ने न सिर्फ विकास भवन को नई पहचान दी, बल्कि यहां आने वालों को भी स्वच्छता के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराया है। उम्मीद की जा रही है कि खुद स्वच्छता को अपनाने वाला यह भवन जिले को स्वच्छ-सुंदर बनाने में भी अग्रणी बनेगा।
नए विद्युत उपकेंद्र
जिले की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महेन और भगवानपुर चौबे में नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण हुआ है। इन उपकेंद्रों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोकल फाल्ट के कारण आए दिन होने वाली अघोषित कटौती से निजात मिलेगी।