{"_id":"5ba27d6f867a557f6c068a70","slug":"161537375599-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारी-शिक्षकों ने मनाया काला दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारी-शिक्षकों ने मनाया काला दिवस
Updated Wed, 19 Sep 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्मचारी-शिक्षकों ने मनाया काला दिवस
काली पट्टी बांधकर लगाए सरकार विरोधी नारे
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर राज्य कर्मचारियों ने बुधवार को काला दिवस मनाया। कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले विकास भवन गेट पर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। बांह पर काली पट्टी बांधी। सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वर्ष 2013 में आज के ही दिन सरकार ने नई अंशदाई पेंशन योजना को पारित किया था। यह व्यवस्था कर्मचारियों की विरोधी है। सरकारी सेवा में अपना जीवन गुजारने के बाद कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने पर कुछ हासिल नहीं होना है। कहा कि नई पेंशन व्यवस्था को खत्म कर सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करे। अब तक कर्मचारियों के वेतन से काटी गई 10 प्रतिशत धनराशि को उन्हीं के जीपीएफ खाते में हस्तांतरित कर दी जाए। कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो आगामी चुनावों में उन्हें कर्मचारियों का विरोध झेलना पड़ेगा। विरोध प्रदर्शन में शैलेंद्र सिंह, अशोक पांडेय, महेंद्र जायसवाल, सुरेश यादव, ऋषिकेश जायसवाल, केएन राय, मारकंडेय तिवारी, जितेंद्र पांडेय, रामसिंह, जयगोविंद सिंह, छोटेलाल, अमलेश सिंह, रमेश प्रताप यादव, श्रीराम तिवारी, जयनारायण यादव, जयप्रकाश त्रिपाठी, देवकांत मणि आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
काली पट्टी बांधकर लगाए सरकार विरोधी नारे
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर राज्य कर्मचारियों ने बुधवार को काला दिवस मनाया। कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले विकास भवन गेट पर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। बांह पर काली पट्टी बांधी। सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वर्ष 2013 में आज के ही दिन सरकार ने नई अंशदाई पेंशन योजना को पारित किया था। यह व्यवस्था कर्मचारियों की विरोधी है। सरकारी सेवा में अपना जीवन गुजारने के बाद कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने पर कुछ हासिल नहीं होना है। कहा कि नई पेंशन व्यवस्था को खत्म कर सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करे। अब तक कर्मचारियों के वेतन से काटी गई 10 प्रतिशत धनराशि को उन्हीं के जीपीएफ खाते में हस्तांतरित कर दी जाए। कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो आगामी चुनावों में उन्हें कर्मचारियों का विरोध झेलना पड़ेगा। विरोध प्रदर्शन में शैलेंद्र सिंह, अशोक पांडेय, महेंद्र जायसवाल, सुरेश यादव, ऋषिकेश जायसवाल, केएन राय, मारकंडेय तिवारी, जितेंद्र पांडेय, रामसिंह, जयगोविंद सिंह, छोटेलाल, अमलेश सिंह, रमेश प्रताप यादव, श्रीराम तिवारी, जयनारायण यादव, जयप्रकाश त्रिपाठी, देवकांत मणि आदि शामिल रहे।
विज्ञापन