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जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशील कटान बिन्दु का किया निरीक्षण
Updated Sat, 07 Jul 2018 10:32 PM IST
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बंधे के समीप पहुंची गोर्रा नदी
डीएम और एसपी ने किया निरीक्षण
डीएम ने दिया बंधों पर मिट्टी भरने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। घाघरा के बाद अब गोर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांववालों की बेचैनी बढ़ गई है। शनिवार को डीएम और एसपी ने संवेदनशील तटबंध नरायणपुर के पास निरीक्षण किया। इसे रोकने के लिए बाढ़ और सिंचाई विभाग को जरूरी निर्देश दिया गया। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच बाढ़ से निपटने की कवायद तटवर्ती गांववालों पर भारी पड़ेगा। तटबंधों के मरम्मत के लिए बाढ़ विभाग ने शासन से 700 करोड़ की मांग की थी। इसके सापेक्ष मात्र 10 लाख रुपये मिला। कटान स्थल पर बंबोक्रेक निर्माण का कार्य चल रहा था। विभागीय अफसरों ने बताया कि तीन स्तरीय बंबोक्रेक बनाया जा चुका है। तटबंध को और चौड़ा करने के लिए मिट्टी भरा जा रहा है। डीएम ने मनरेगा में प्रस्तावित कर तटबंधों पर मिट्टी का कार्य तेजी से कराने को कहा। बाढ़ विभाग को ओर से बनाई गई। चौकियों पर उनकी उपस्थिति जरूरी बताया। बाढ़ विभाग के जेई और एई को बाढ़ की तैयारियों का अनुश्रवण करने और सक्रिय रहने को कहा। रुद्रपुर एसडीएम और तहसीलदार को बाढ़ चौकियों का प्रभावी रैंडम निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इस दौरान सीओ दयाराम सिंह गौर, तहसीलदार सतीश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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डीएम और एसपी ने किया निरीक्षण
डीएम ने दिया बंधों पर मिट्टी भरने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। घाघरा के बाद अब गोर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांववालों की बेचैनी बढ़ गई है। शनिवार को डीएम और एसपी ने संवेदनशील तटबंध नरायणपुर के पास निरीक्षण किया। इसे रोकने के लिए बाढ़ और सिंचाई विभाग को जरूरी निर्देश दिया गया। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच बाढ़ से निपटने की कवायद तटवर्ती गांववालों पर भारी पड़ेगा। तटबंधों के मरम्मत के लिए बाढ़ विभाग ने शासन से 700 करोड़ की मांग की थी। इसके सापेक्ष मात्र 10 लाख रुपये मिला। कटान स्थल पर बंबोक्रेक निर्माण का कार्य चल रहा था। विभागीय अफसरों ने बताया कि तीन स्तरीय बंबोक्रेक बनाया जा चुका है। तटबंध को और चौड़ा करने के लिए मिट्टी भरा जा रहा है। डीएम ने मनरेगा में प्रस्तावित कर तटबंधों पर मिट्टी का कार्य तेजी से कराने को कहा। बाढ़ विभाग को ओर से बनाई गई। चौकियों पर उनकी उपस्थिति जरूरी बताया। बाढ़ विभाग के जेई और एई को बाढ़ की तैयारियों का अनुश्रवण करने और सक्रिय रहने को कहा। रुद्रपुर एसडीएम और तहसीलदार को बाढ़ चौकियों का प्रभावी रैंडम निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इस दौरान सीओ दयाराम सिंह गौर, तहसीलदार सतीश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।