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प्रतिशोध में डा. अब्दुल खालिद की कराई गई हत्या
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:11 PM IST
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देवरिया। वारदात को अंजाम देने वाले बाइक सवार शूटर पुलिस की पहुंच से दूर है। पुलिस नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार कर भले ही वाहवाही लूट रही है, लेकिन शूटरों के गिरेबां तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं है। पुलिस तीन साल पूर्व कुशीनगर में हुई युवक की हत्या के प्रतिशोध में डॉक्टर के कत्ल होने का दावा कर रही है।
कुशीनगर के पटहेरवा थानाक्षेत्र के बेलवा आलमदासपुर गांव निवासी डॉ. अब्दुल खालिद सखनी न्यू पीएचसी पर चिकित्सक थे। 25 सितंबर को ड्यूटी खत्म होने के बाद कार से घर जाने के लिए निकले। रास्ते में घात लगाए बाइक सवार दो बदमाशों ने अब्दुल खालिद को गोलियों से भून दिया। गुरुवार को मनोरंजन कक्ष सभागार में एएसपी सुरेंद्र बहादुर सिंह ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि तीन साल पूर्व वर्ष 2014 में आरोपी रामइकबाल राय के बेटे प्रिंस की हत्या कसया में हुई थी। इसमें डॉ अब्दुल खालिद का चचेरा भाई फजिउलजमा सहित दो नामजद लोगों पर केस दर्ज हुआ। पुलिस की विवेचना में पांच लोग और आरोपी बनाए गए। इस घटना के प्रतिशोध में रामइकबाल राय और इनके बेटे मनीष राय शूटरों से मिलकर डॉ. अब्दुल खालिद की हत्या कराया है। पुलिस ने फरार चल रहे रामइकबाल राय को पकहां पुल चुंगी के पास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरा आरोपी मनीष अभी पुलिस की पहुंच से दूर है। घटना को अंजाम देने वाले दोनों शूटरों को बारे में पुलिस को कोई ऐसी जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है, जिससे उन तक पहुंच सके। आरोपी को गिरफ्तारी करने वालों में बघौचघाट थाना प्रभारी संजय कुमार, दरोगा कविन्द्र नाथ सिंह, सिपाही धर्मेंद्र कुमार, चंद्रभान यादव, सुनील यादव शामिल हैं।
फर्जी केस में फंसाने का आरोप
पुलिस आरोपी रामइकबाल राय को प्रेस कांफ्रेंस में देरी से लेकर पहुंची। आरोपी ने मीडिया के सामने गलत तरीके से हत्या में फंसाने का आरोप पुलिस पर लगाया। उसका आरोप है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में आकर फर्जी तरीके से मुझे और मेरे बेटे को फंसाई है।
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कुशीनगर के पटहेरवा थानाक्षेत्र के बेलवा आलमदासपुर गांव निवासी डॉ. अब्दुल खालिद सखनी न्यू पीएचसी पर चिकित्सक थे। 25 सितंबर को ड्यूटी खत्म होने के बाद कार से घर जाने के लिए निकले। रास्ते में घात लगाए बाइक सवार दो बदमाशों ने अब्दुल खालिद को गोलियों से भून दिया। गुरुवार को मनोरंजन कक्ष सभागार में एएसपी सुरेंद्र बहादुर सिंह ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि तीन साल पूर्व वर्ष 2014 में आरोपी रामइकबाल राय के बेटे प्रिंस की हत्या कसया में हुई थी। इसमें डॉ अब्दुल खालिद का चचेरा भाई फजिउलजमा सहित दो नामजद लोगों पर केस दर्ज हुआ। पुलिस की विवेचना में पांच लोग और आरोपी बनाए गए। इस घटना के प्रतिशोध में रामइकबाल राय और इनके बेटे मनीष राय शूटरों से मिलकर डॉ. अब्दुल खालिद की हत्या कराया है। पुलिस ने फरार चल रहे रामइकबाल राय को पकहां पुल चुंगी के पास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरा आरोपी मनीष अभी पुलिस की पहुंच से दूर है। घटना को अंजाम देने वाले दोनों शूटरों को बारे में पुलिस को कोई ऐसी जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है, जिससे उन तक पहुंच सके। आरोपी को गिरफ्तारी करने वालों में बघौचघाट थाना प्रभारी संजय कुमार, दरोगा कविन्द्र नाथ सिंह, सिपाही धर्मेंद्र कुमार, चंद्रभान यादव, सुनील यादव शामिल हैं।
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फर्जी केस में फंसाने का आरोप
पुलिस आरोपी रामइकबाल राय को प्रेस कांफ्रेंस में देरी से लेकर पहुंची। आरोपी ने मीडिया के सामने गलत तरीके से हत्या में फंसाने का आरोप पुलिस पर लगाया। उसका आरोप है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में आकर फर्जी तरीके से मुझे और मेरे बेटे को फंसाई है।
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