फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   खतरे के निशान के पास पहुंची घाघरा, दहशत

खतरे के निशान के पास पहुंची घाघरा, दहशत

Sun, 09 Jul 2017 06:59 PM IST
Updated Sun, 09 Jul 2017 06:59 PM IST
विज्ञापन
खतरे के निशान के पास पहुंची घाघरा, दहशत
बरहज (देवरिया)। करीब छह दिनों से घाघरा के जलस्तर में निरंतर हो रहे वृद्धि से तटवर्ती क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। घाघरा जहाज घाट पर बने बाढ़ मापक गेज पर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
विज्ञापन

मानसून के दस्तक देने और नेपाल की ओर से चार फाटकों से पानी छोड़ने से क्षेत्र के नदियों में काफी उफान आया है। रोजाना 30-40 सेमी हो रही घाघरा में वृद्धि के कारण नदी का जलस्तर डेंजर जोन के करीब पहुंच गया है। पिछली बरसात में नदी के जलस्तर में कोई खास वृद्धि न होने से विभाग भी चुप्पी साध हाथ पर हाथ धरे बैठा था। अचानक नदियों के जलस्तर में आए उफान को देख विभाग के पांव फूलने लगे। मातहत जहां एक ओर सरकार से मिलने वाला धन न मिलने का रोना रो रहे हैं। वहीं आनन-फानन में हो रही कटान को रोकने के लिए प्रयासरत हैं। लोगों का कहना है कि करीब छह माह से कटइलवा और संगम तट पर हो रहे बेतहाशा कटान के बावजूद विभाग ने कोई समुचित प्रबंध नहीं किया था। विकराल होती नदी के तेज बहाव में कटइलवा के समीप कटान रोकने के लिए विभाग ने करीब 28 लाख की लागत से बंबू क्रेट आदि लगाया है। लेकिन तेज बहाव के चलते करीब आधा दर्जन बंबू क्रेट बह जाने की बात गांव वाले बता रहे हैं। जबकि कपरवार के संगम तट पर घाघरा कृषि भूमि के काट रही है। जिससे कुवाइच टोला और कुरह परसियां के विस्थापित चार घरों के लोग कटान के मुहाने पर हैं। जलस्तर में करीब सवा दो मीटर की वृद्घि से लोग 1998 का मंजर सोच कर सहम जा रहे हैं।
विज्ञापन

इंसेट-
आरती घाट को ढहाने को मचल रही घाघरा
बरहज। नगर स्थित जहाज घाट पर बने तुलसी घाट पर नगरपालिका ने करीब 65 लाख की लागत से आरती के लिए घाट और पांच चौक का निर्माण कराया था। करीब छह दिनों से नदी के बढ़ते जलस्तर और दबाव के कारण लाखों की लागत से बने घाट का अस्तित्व संकट में है। सीढ़ियों और चौक के आए दरार के कारण विभाग ने लोगों को उधर जाने से रोकने के लिए रस्सी आदि बांध रखा है। जहां एक ओर कराए गए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो रहा है। वहीं नदी उसे अपने आगोश में लेने के लिए मचल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed