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Deoria News: राजकीय बीज भंडारों पर 1680 क्विंटल धान का बीज पहुंचा
Sun, 19 May 2024 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 19 May 2024 02:42 AM IST
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पॉस मशीन से हो रहा किसानों के बीच धान का वितरण
अनुदानित दर पर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा धान का बीज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राजकीय बीज भंडारों पर खरीफ में बुआई करने को धान के बीज पहुंच गए हैं। गोदामों से इसका वितरण भी शुरू हो गया है। किसानों को धान से लेकर ढैंचा बीज पर 50 फीसदी अनुदान मिल रहा है।
बीज भंडारों पर चार किस्मों के धान बीज उपलब्ध हैं। इसके अलावा किसानों को ढैंचा का बीज भी अनुदान पर मिल रहा है। जिले में खरीफ अभियान के तहत कृषि विभाग ने अनुदानित धान के बीज का वितरण शुरू कर दिया। जिले के सभी ब्लाक में बीज का वितरण किया जा रहा है। इस बार खरीफ अभियान शुरू होने के पहले जिले में बीज की खेप पहुंचने से किसानों में खुशी है।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में 1680 क्विंटल धान का बीज वितरण के लिए पहुंचा है। इसका वितरण किसानों के बीच किया जा रहा है। इसमें एमटीयू 7029 सोना मसूरी प्रभेद का धान बीज 250 क्विंटल, एमयूआर 917 का धान बीज 170 क्विंटल तथा बीपीटी 5204 का 700 क्विंटल बीज शामिल है। इसी तरह संभा सब वन का 100 क्विंटल बीज पहुंचा है।
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जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में धान के बीज का वितरण शुरू हो गया है। 1680 क्विंटल अनुदानित बीज का आवंटन मिला है। किसानों के बीच पॉस मशीन से इसका वितरण किया जा रहा है।
मौसम की तरफ टकटकी लगा धान की बेहन डालने की तैयारी में किसान
जून माह को नजदीक आता देख किसान धान की बेहन डालने के लिए गोदाम से बीज की उठान कर रहे हैं। किसान मौसम को लेकर भी परेशान हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें। कई किसान तो धान की बेहन डालने के लिए खेतों की सिंचाई कर जुताई कर चुके हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए वह एक बार फिर खेत की सिंचाई का मन बना रहे हैं। साथ ही आसमान की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं कि बरसात हो जाए तो गर्मी से निजात मिल जाएगी और धान की बेहन डालने में कोई परेशानी नहीं होगी। धान की फसल के लिए समशीतोष्ण जलवायु की आवश्यकता होती हैं। इसके पौधों को जीवनकाल में औसतन 20 डिग्री सेंटीग्रेड से 37 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान की आवश्यकता होती है। धान की खेती के लिए मटियार एवं दोमट भूमि उपयुक्त मानी जाती है। प्रदेश में धान की खेती असिंचित व सिंचित दशाओं में सीधी बुआई रोपाई द्वारा की जाती है।
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अनुदानित दर पर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा धान का बीज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राजकीय बीज भंडारों पर खरीफ में बुआई करने को धान के बीज पहुंच गए हैं। गोदामों से इसका वितरण भी शुरू हो गया है। किसानों को धान से लेकर ढैंचा बीज पर 50 फीसदी अनुदान मिल रहा है।
बीज भंडारों पर चार किस्मों के धान बीज उपलब्ध हैं। इसके अलावा किसानों को ढैंचा का बीज भी अनुदान पर मिल रहा है। जिले में खरीफ अभियान के तहत कृषि विभाग ने अनुदानित धान के बीज का वितरण शुरू कर दिया। जिले के सभी ब्लाक में बीज का वितरण किया जा रहा है। इस बार खरीफ अभियान शुरू होने के पहले जिले में बीज की खेप पहुंचने से किसानों में खुशी है।
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कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में 1680 क्विंटल धान का बीज वितरण के लिए पहुंचा है। इसका वितरण किसानों के बीच किया जा रहा है। इसमें एमटीयू 7029 सोना मसूरी प्रभेद का धान बीज 250 क्विंटल, एमयूआर 917 का धान बीज 170 क्विंटल तथा बीपीटी 5204 का 700 क्विंटल बीज शामिल है। इसी तरह संभा सब वन का 100 क्विंटल बीज पहुंचा है।
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जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में धान के बीज का वितरण शुरू हो गया है। 1680 क्विंटल अनुदानित बीज का आवंटन मिला है। किसानों के बीच पॉस मशीन से इसका वितरण किया जा रहा है।
मौसम की तरफ टकटकी लगा धान की बेहन डालने की तैयारी में किसान
जून माह को नजदीक आता देख किसान धान की बेहन डालने के लिए गोदाम से बीज की उठान कर रहे हैं। किसान मौसम को लेकर भी परेशान हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें। कई किसान तो धान की बेहन डालने के लिए खेतों की सिंचाई कर जुताई कर चुके हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए वह एक बार फिर खेत की सिंचाई का मन बना रहे हैं। साथ ही आसमान की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं कि बरसात हो जाए तो गर्मी से निजात मिल जाएगी और धान की बेहन डालने में कोई परेशानी नहीं होगी। धान की फसल के लिए समशीतोष्ण जलवायु की आवश्यकता होती हैं। इसके पौधों को जीवनकाल में औसतन 20 डिग्री सेंटीग्रेड से 37 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान की आवश्यकता होती है। धान की खेती के लिए मटियार एवं दोमट भूमि उपयुक्त मानी जाती है। प्रदेश में धान की खेती असिंचित व सिंचित दशाओं में सीधी बुआई रोपाई द्वारा की जाती है।