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माननीय बताएंगे पीडब्लूडी के काम संतोषजनक हैं या नहीं
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नेताजी बताएंगे पीडब्ल्यूडी के काम संतोषजनक या नहीं
कामकाज का फीडबैक लेगा लोक निर्माण विभाग
सांसद, विधायक व भाजपा कार्यकर्ता भरेंगे फीडबैक फॉर्म
बैकुंठनाथ शुक्ल
देवरिया। शासन ने पीडब्ल्यूडी के कार्यों को पारदर्शी बनाने के लिए नया फार्मूला तैयार किया है। इसमें सिर्फ अधिकारी ही नहीं बल्कि जन प्रतिनिधि व पार्टी कार्यकर्ता भी विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे। फीडबैक फॉर्म के जरिए जिले के सांसद, विधायक, नगर निकायों के चेयरमैन व भाजपा पार्टी पदाधिकारियों से सुझाव लिया जाएगा। निर्माणाधीन मार्गों की गुणवत्ता व आवश्यकता पर यह बेबाकी से अपनी राय देंगे।
प्रदेश सरकार के फीडबैक प्रपत्र में 12 बिंदुओं को शामिल किया है। इसमें नए मार्ग व पुलों की आवश्यकता से लगायत आमजन से अधिकारी कर्मचारियों के व्यवहार की जानकारी ली जाएगी। इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता व अवर अभियंता को दी गई है। यह जिले के गणमान्य व भाजपा पार्टी पदाधिकारियों से फीडबैक फॉर्म भरवाएंगे। साथ ही डिप्टी सीएम व पीडब्लूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी किताब भेंट करेंगे। पीडब्ल्यूडी ने जिले के तीन सांसद, सात विधायक व 11 नगरीय निकायों के चेयरमैन की सूची तैयार की है। इस अभियान में भाजपा जिलाध्यक्ष के अलावा पार्टी के विधानसभा व मंडल मतदाता प्रमुखों से भी फीडबैक लिया जाएगा।
इनसेट
गणमान्यजनों के साथ लेनी होगी सेल्फी
जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोगों से फीडबैक फॉर्म भरवाकर पीडब्ल्यूडी कर्मी सेल्फी लेंगे। यह तस्वीर उन्हें शासन के व्हाटसअप नंबर 9616737409 पर भेजनी होगी। तभी फीडबैक पपत्र को सही माना जाएगा।
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इनसेट
इन सवालों पर लिया जाएगा फीडबैक
नए मार्ग निर्माण की आवश्यकता, पुराने मार्ग का चौड़ीकरण, पुल व संपर्क मार्ग की आवश्यकता, चौराहों के चौड़ीकरण की स्थिति, पूर्व में किए गए गड्ढामुक्त मार्गों की स्थिति, गड्ढायुक्त मार्ग जिनपर कार्य कराने की जरूरत है। आपके बूथ क्षेत्र में मार्गों को जोड़ा गया या नहीं, निर्माणाधीन मार्गों की गुणवत्ता अच्छी या खराब, मार्ग निर्माण के दौरान अधिकारी उपस्थित होते हैं या नहीं, निर्माणाधीन मार्गों की जांच की जाती है या नहीं, अधिकारियों कर्मचारियों के व्यवहार के विषय में सुझाव लिए जाएंगे।
कोट
डिप्टी सीएम द्वारा लिखित किताब देने के साथ फीडबैक फॉर्म भरवाया जाएगा। यह प्रक्रिया एक से दो दिन में शुरू हो जाएगी। जन प्रतिनिधियों और आमजन के सुझाव शासन को भेजे जाएंगे।
-डीके चौधरी, एक्सईएन प्रांतीय खंड।
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कामकाज का फीडबैक लेगा लोक निर्माण विभाग
सांसद, विधायक व भाजपा कार्यकर्ता भरेंगे फीडबैक फॉर्म
बैकुंठनाथ शुक्ल
देवरिया। शासन ने पीडब्ल्यूडी के कार्यों को पारदर्शी बनाने के लिए नया फार्मूला तैयार किया है। इसमें सिर्फ अधिकारी ही नहीं बल्कि जन प्रतिनिधि व पार्टी कार्यकर्ता भी विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे। फीडबैक फॉर्म के जरिए जिले के सांसद, विधायक, नगर निकायों के चेयरमैन व भाजपा पार्टी पदाधिकारियों से सुझाव लिया जाएगा। निर्माणाधीन मार्गों की गुणवत्ता व आवश्यकता पर यह बेबाकी से अपनी राय देंगे।
प्रदेश सरकार के फीडबैक प्रपत्र में 12 बिंदुओं को शामिल किया है। इसमें नए मार्ग व पुलों की आवश्यकता से लगायत आमजन से अधिकारी कर्मचारियों के व्यवहार की जानकारी ली जाएगी। इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता व अवर अभियंता को दी गई है। यह जिले के गणमान्य व भाजपा पार्टी पदाधिकारियों से फीडबैक फॉर्म भरवाएंगे। साथ ही डिप्टी सीएम व पीडब्लूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी किताब भेंट करेंगे। पीडब्ल्यूडी ने जिले के तीन सांसद, सात विधायक व 11 नगरीय निकायों के चेयरमैन की सूची तैयार की है। इस अभियान में भाजपा जिलाध्यक्ष के अलावा पार्टी के विधानसभा व मंडल मतदाता प्रमुखों से भी फीडबैक लिया जाएगा।
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गणमान्यजनों के साथ लेनी होगी सेल्फी
जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोगों से फीडबैक फॉर्म भरवाकर पीडब्ल्यूडी कर्मी सेल्फी लेंगे। यह तस्वीर उन्हें शासन के व्हाटसअप नंबर 9616737409 पर भेजनी होगी। तभी फीडबैक पपत्र को सही माना जाएगा।
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इन सवालों पर लिया जाएगा फीडबैक
नए मार्ग निर्माण की आवश्यकता, पुराने मार्ग का चौड़ीकरण, पुल व संपर्क मार्ग की आवश्यकता, चौराहों के चौड़ीकरण की स्थिति, पूर्व में किए गए गड्ढामुक्त मार्गों की स्थिति, गड्ढायुक्त मार्ग जिनपर कार्य कराने की जरूरत है। आपके बूथ क्षेत्र में मार्गों को जोड़ा गया या नहीं, निर्माणाधीन मार्गों की गुणवत्ता अच्छी या खराब, मार्ग निर्माण के दौरान अधिकारी उपस्थित होते हैं या नहीं, निर्माणाधीन मार्गों की जांच की जाती है या नहीं, अधिकारियों कर्मचारियों के व्यवहार के विषय में सुझाव लिए जाएंगे।
कोट
डिप्टी सीएम द्वारा लिखित किताब देने के साथ फीडबैक फॉर्म भरवाया जाएगा। यह प्रक्रिया एक से दो दिन में शुरू हो जाएगी। जन प्रतिनिधियों और आमजन के सुझाव शासन को भेजे जाएंगे।
-डीके चौधरी, एक्सईएन प्रांतीय खंड।