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अधूरा रह गया किफायती आवास का सपना

Fri, 14 Jun 2019 10:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2019 10:36 PM IST
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अधूरा रह गया किफायती आवास का सपना
अधूरा रह गया किफायती आवास का सपना
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आवास विकास परिषद को शहर में बनाने हैं 450 फ्लैट
दो साल बीत गए जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया जिला प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। शहर में किराए का कमरा लेकर रहने वालों को दिखाया गया किफायती आवास का सपना अधूरा रह गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले आवास जमीन के फेर में अटक गए हैं। जिला प्रशासन इन आवासों के लिए अब तक जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया है। लिहाजा अपना आवास होने का सपना संजोए लोगों के अरमान धूल-धुसरित हो रहे हैं।
शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 450 फ्लैट बनाने की तैयारी दो साल पहले की गई। निर्माण का जिम्मा आवास विकास परिषद को मिला है। इसके लिए ढाई हेक्टेयर जमीन की जरूरत थी। जिला प्रशासन ने पुरवां स्थित बीआरडीपीजी के पास खाली पड़ी जमीन चिन्हित किया था। काम शुरू होने को था तभी पिछले साल नया विवाद उत्पन्न हो गया। महाविद्यालय के लोगों ने उसे अपनी जमीन बताकर आवास बनाने से रोक दिया। छात्र-छात्राओं के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन बैकफुट पर आ गया। तभी से आवास बनाने के प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ी है। इस घटना के बाद से जिम्मेदार कहीं दूसरी जमीन नहीं तलाश पाए।
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करीब सात हजार किराएदारों को मिलता फायदा
आवास विकास परिषद ने देवरिया के लिए जो प्रोजेक्ट तैयार किया है वह शहर वासियों के लिए कई मायने में फायदेमंद है। करीब सात हजार परिवारों को सस्ते दाम में अपना घर मिल जाता जो दशकों पूर्व रोजी-रोटी के जुगाड़ में शहर आए और यहां के माहौल में रच बस गए। खुद की जमीन नहीं होने से किराए के कमरे में रहने को मजबूर हैं। वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो मूल रुप से शहर के निवासी हैं लेकिन उनके पास अपना घर व जमीन नहीं है।
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ऐसा होगा किफायती आवास
किफायती आवास का निर्माण तीन मंजिल तक होना है। इसमें 450 फ्लैट बनाए जाने हैं। इसके अलावा पार्क, खेल का मैदान सब कुछ परिसर में मौजूद रहेगा। बिजली, पानी, सड़क, नाली आदि की उत्तम व्यवस्था होगी। प्रत्येक फ्लैट का आवंटन लागत से 50 प्रतिशत कम पर होना है। शर्त यह है कि लाभार्थी काफी दिनों से शहर में किराए के मकान में निवास करता हो। उसके नाम से जमीन या मकान न हो।


जमीन नहीं मिलने के चलते देवरिया में किफायती आवास का निर्माण नहीं शुरू हो पा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने जो जमीन चिन्हित किया था उस पर विवाद खड़ा हो गया है। जमीन मिलने के बाद पात्रों के चयन व निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- हाशिम इकबाल, एक्सईएन आवास विकास
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