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कड़ाके की ठंड से महिला की मौत
Updated Wed, 10 Jan 2018 10:43 PM IST
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बर्फीली हवाओं से बचने के लिए बच्चो कों शाल में ढककर ले जाती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया।
तरकुलवा के नारायनपुर निवासी सफीउल्लाह की पत्नी अमिना खातून की ठंड से बुधवार की दोपहर में मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि खाना खाने के बाद वह कांपने लगीं। आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रशासन का कहना है कि लेखपाल को मौके पर मौत के कारणों का पता लगवाया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, कड़ाके की ठंड से हर कोई परेशान है। बर्फीली हवाएं लोगों को कंपकंपा दे रही हैं। पिछले कई दिनों से ठंड के कहर से हर कोई हलकान है। बच्चे हो या बुजुर्ग सभी को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। बुधवार को न्यूनतम पारा सात डिग्री रहा।
दिन में थोड़ी देर के लिए सूर्यदेव ने दर्शन तो जरूर दिया। लेकिन थोड़ी ही देर बादलों में खो गए। शाम के वक्त चल रही बर्फीली हवाओं ने लोगों को झकझोर दिया। ठंड का सितम बदस्तूर जारी है। मंगलवार को गलत इस कदर थी कि लोग कांप उठे थे। बुधवार को भी मौसम में कोई सुधार नहीं दिखा। पारा दिनों-दिनों लुढ़कता जा रहा है। अलाव ही लोगों का एक मात्र सहारा है। घर हो या बाहर हर जगह लोग अलाव के सामने बैठे देखे जा रहे है। कोहरे के कारण ट्रेन और बसों की रफ्तार धीमी पड़ गई। शाम होते ही रोडवेज परिसर में सन्नाटा पसर गया। इससे रोडवेज की आमदनी में असर पड़ रहा है। सफर के दौरान महिलाएं अपने बच्चों को हिफाजत से लेकर चल रही हैं। फिर ठंड के प्रकोप से नहीं बच पा रही हैं। रात के वक्त ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या कम हो गई है। ट्रेनें काफी विलंब से चलने के कारण रात के वक्त स्टेशन पर यात्रियों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। सर्द हवा से बचने के लिए इधर उधर ठौर तलाशते हुए नजर आए।
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देवरिया।
तरकुलवा के नारायनपुर निवासी सफीउल्लाह की पत्नी अमिना खातून की ठंड से बुधवार की दोपहर में मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि खाना खाने के बाद वह कांपने लगीं। आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रशासन का कहना है कि लेखपाल को मौके पर मौत के कारणों का पता लगवाया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, कड़ाके की ठंड से हर कोई परेशान है। बर्फीली हवाएं लोगों को कंपकंपा दे रही हैं। पिछले कई दिनों से ठंड के कहर से हर कोई हलकान है। बच्चे हो या बुजुर्ग सभी को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। बुधवार को न्यूनतम पारा सात डिग्री रहा।
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दिन में थोड़ी देर के लिए सूर्यदेव ने दर्शन तो जरूर दिया। लेकिन थोड़ी ही देर बादलों में खो गए। शाम के वक्त चल रही बर्फीली हवाओं ने लोगों को झकझोर दिया। ठंड का सितम बदस्तूर जारी है। मंगलवार को गलत इस कदर थी कि लोग कांप उठे थे। बुधवार को भी मौसम में कोई सुधार नहीं दिखा। पारा दिनों-दिनों लुढ़कता जा रहा है। अलाव ही लोगों का एक मात्र सहारा है। घर हो या बाहर हर जगह लोग अलाव के सामने बैठे देखे जा रहे है। कोहरे के कारण ट्रेन और बसों की रफ्तार धीमी पड़ गई। शाम होते ही रोडवेज परिसर में सन्नाटा पसर गया। इससे रोडवेज की आमदनी में असर पड़ रहा है। सफर के दौरान महिलाएं अपने बच्चों को हिफाजत से लेकर चल रही हैं। फिर ठंड के प्रकोप से नहीं बच पा रही हैं। रात के वक्त ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या कम हो गई है। ट्रेनें काफी विलंब से चलने के कारण रात के वक्त स्टेशन पर यात्रियों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। सर्द हवा से बचने के लिए इधर उधर ठौर तलाशते हुए नजर आए।
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